एलेक्सी नवेलनी की मौत पर क्या कह रहा है रूस का मीडिया

एलेक्सी नलेवनी

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रूस में विपक्ष के नेता और रूसी सरकार के मुखर आलोचक एलेक्सी नवेलनी की मौत की ख़बर को लेकर दुनिया भर में चर्चा है. अख़बारों में इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी गई है.

ज़्यादातर पश्चिमी मीडिया रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ज़िम्मेदार ठहरा रहा है लेकिन रूसी मीडिया ने इस ख़बर को बहुत ही कम कवेरज दी है.

वहीं, रूस में सरकार समर्थक ब्लॉगर लिख रहे हैं कि इस समय अपने मुख्य विपक्षी की मौत से पुतिन को कोई फ़ायदा नहीं होता.

सीमित कवरेज के बावजूद रूस के कई शहरों में लोग एलेक्सी नवेलनी को श्रद्धांजलि देने निकले और उन पर पुलिस ने कार्रवाई भी की है.

बीबीसी मॉनिटरिंग के अनुसार, मानवाधिकार समूह ओवीडी-इन्फ़ो ने कहा है कि रूस के 32 शहरों में नवेलनी को श्रद्धांजलि देने के लिए निकले कम से कम 359 लोगों को हिरासत में लिया गया.

ओवीडी इन्फ़ो के अनुसार, सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को में सबसे ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनमें से कई लोगों को रिहा कर दिया गया है लेकिन बाक़ियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया गया है.

वहीं, स्वतंत्र समाचार वेबसाइट मीडियाज़ोना ने ख़बर दी है कि मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और कुछ अन्य जगहों की अदालतों ने हिरासत में लिए गए लोगों पर सख़्त कार्रवाई की है.

अदालतों ने कुछ लोगों को 'पुलिस अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने' और 'अतिवादी संगठनों के प्रतीक दिखाने' जैसे आरोपों पर 15 दिनों तक गिरफ़्तार रखने के आदेश दिए गए हैं जबकि कुछ पर जुर्माना लगाया गया है.

रूसी अख़बार क्या कहते हैं

रूसी अख़बार

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रूस के ज़्यादातर अख़बार शनिवार को नहीं छपते. हालांकि, कोमेरसंट अख़बार के संपादकीय पन्ने पर जर्मनी में चल रही म्यूनिख सिक्यॉरिटी कॉन्फ़्रेंस पर एक लेख छपा है.

इस लेख में बहुत संक्षेप में एलेक्सी नवेलनी का ज़िक्र किया गया. इसी अख़बार के तीसरे पन्ने में एकदम आख़िर में नवेलनी की मौत की ख़बर दी गई है.

इससे पहले, रूस के ज़्यादातर टीवी चैनलों में बहुत ही संक्षेप में एक नवेलनी की मौत की ख़बर दी गई.

आधे घंटे के बुलेटिन के आख़िरी हिस्से में नवेलनी की मौत के बारे में बताया गया और कुछ ही पलों में ख़बर को समेट दिया गया.

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इमेज कैप्शन, समाचार चैनलों ने एलेक्सी नवेलनी का पूरा परिचय तक नहीं दिया

बीबीसी मॉनिटरिंग के अनुसार, रूस में दर्शकों को एलेक्सी नवेलनी की मौत की ख़बर अलग-अलग चैनलों में लगभग एक ही तरह से की गई घोषणाओं से मिलीं.

इसमें कहा गया कि वॉक पर जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, फिर वो बेसुध हो गए और उन्हें बचाने की सभी कोशिशें नाकाम रहीं.

ये बातें संघीय जेल सेवा के अधिकारियों के बयान के हवाले से दी गई.

इस ख़बर में न तो नवेलनी की कोई तस्वीर दिखाई गई, न वीडियो चलाया गया और न ही यह बताया गया कि वह थे कौन. बस इतना कहा गया कि वह 'फ़र्जीवाड़े के लिए जेल में बंद थे.'

एनटीवी चैनल ने तो उनके पूरे नाम का भी ज़िक्र नहीं किया. बस उनके उपनाम नवेलनी का इस्तेमाल करते हुए ख़बर दी.

चंद घंटों में ख़बर ग़ायब

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इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी की मौत पर ज़्यादातर चैनलों ने सिर्फ़ प्रेस रिलीज़ में लिखी बातों का ज़िक्र किया

'चैनल वन' नाम के सरकारी चैनल में इस बात की शिकायत की गई कि पश्चिमी देशों के नेताओं ने मौत की जांच शुरू होने से पहले ही रूस को दोष देना शुरू कर दिया है.

राजनीतिक चर्चाओं की मेज़बानी करने वाले कार्यक्रमों के एंकरों ने भी इस मामले में जेल सेवा के अधिकारियों की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज़ के शब्द पढ़ने तक ही ख़ुद को सीमित रखा.

नवेलनी की मौत की अगली सुबह रूस के ज़्यादातर चैनलों से ये ख़बर ग़ायब हो गई. उन्होंने अपने किसी भी प्रसारण में नवेलनी की मौत की जानकारी नहीं दी.

सरकार समर्थक पत्रकारों की राय

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इस बीच, एक्स (पहले ट्विटर) पर रूसी सरकार के समर्थक दावा करने लगे कि नवेलनी की मौत से रूसी सरकार को कोई फ़ायदा नहीं होता, ख़ासकर राष्ट्रपति चुनाव से पहले.

बीबीसी संवाददाता नतालिया ज़ोतोवा की रिपोर्ट के अनुसार, जब साल 2020 में नवेलनी को ज़हर दिया गया था या फिर विपक्षी नेता बोरिस नेम्त्सोव की हत्या हुई थी, तब भी सरकार समर्थकों का यही कहना था.

उनका कहना था कि पुतिन भला ऐसे समय अपनी छवि क्यों ख़राब करना चाहेंगे, ऐसे में उन पर शक नहीं किया जाना चाहिए.

सरकार समर्थक टीवी चैनल आरटी की मार्गरीटा सिमोनयन ने भी ऐसे ही विचार रखे हैं. उन्होंने उन पश्चिमी नेताओं और मीडिया संस्थानों की खिल्ली उड़ाई है, जिन्होंने रूसी प्रशासन को नवेलनी की मौत के लिए ज़िम्मेदार बताया है.

उन्होंने एक्स पर लिखा है, “मैं उन्हें नहीं समझाऊंगी कि यहां हर कोई बहुत पहले उन्हें (नवेलनी को) भुला चुका है, ऐसे में उन्हें मारने का कोई तुक नहीं है, ख़ासकर चुनाव से पहले, जिससे कि विपक्षी ताक़तों को फ़ायदा होता.”

नवेलनी

'रूस जवाबदेह नहीं'

नेटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने कहा था कि रूस को नवेलनी की मौत से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए.

इस पर सिमोनयन ने लिखा है, “सबसे पहली बात ये है कि रूस किसी के लिए जवाबदेह नहीं है. पहले आप इस पर मज़ाक कर लो कि हमने अंतरिक्ष में क्या किया है.”

रूसी पत्रकार टीना कंदेलस्की ने भी कहा है कि नवेलनी की मौत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ़ रूस को नुक़सान ही होता.

उन्होंने कहा, 'नवेलनी की मौत उस समय हुई, जब रूसी विपक्ष कमज़ोर है और जनता फिर से रूस की ओर मुड़ रही है. ऐसे में दूसरे पक्ष को अचानक एक तोहफ़ा मिल गया है. इससे बेशक पश्चिमी जगत में रूस विरोधी विचार को बल मिलेगा."

वीडियो कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी: पुतिन के मुखर आलोचक की जेल में कैसे हुई मौत

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