You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रियांश आर्या के तूफ़ानी शतक की चर्चा, होती रही है सहवाग से तुलना
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल 2025 शुरू होने से ठीक पहले आर अश्विन ने अपने हिंदी यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में पंजाब की टीम का आकलन किया था.
अश्विन ने कहा था, "आईपीएल में मेरी नज़रें युवा बल्लेबाज़ प्रियांश आर्या पर ख़ास तौर पर टिकी रहेंगी क्योंकि वह अलग दिखता है."
शायद ही अश्विन ने कल्पना की होगी कि जब पंजाब के विरुद्ध मैच में वो आर्या के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी करने आएंगे तो गगनचुंबी छक्कों के साथ 10 गेंदों पर ये बल्लेबाज़ 28 रन बटोरेगा.
अश्विन, रविंद्र जडेजा और नूर अहमद जैसे स्पिनरों की तिकड़ी हो या फिर ख़लील अहमद और मथीसा पथिराना जैसे तेज़ गेंदबाज़ हों- 24 साल के आर्या ने इस विविधता वाले आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
प्रियांश ने आईपीएल के इतिहास में 39 गेंदों पर सेंचुरी जमाई. वो आईपीएल में सबसे तेज़ शतक बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.
आईपीएल में प्रियांश से तेज़ सेंचुरी तीन और बल्लेबाज़ों ने बनाई है. ये बल्लेबाज़ हैं -
- क्रिस गेल (30)
- यूसुफ़ पठान (37)
- डेविड मिलर (38)
रनों की बौछार
इस पारी के दौरान प्रियांश आर्या के टेम्पारामेंट का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि पंजाब के शीर्ष छह बल्लेबाज़ों के स्कोर 0, 9, 4, 9 और 1 थे.
दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद उनकी आक्रामकता पर कोई असर नहीं पड़ा.
39 गेंदों पर शतक लगाने वाले आर्या, यूसुफ़ पठान के 37 गेंदों वाले रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए.
लेकिन उन्हें इस बात पर नाज़ हो सकता है कि पठान ने दो साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद वो रिकॉर्ड बनाया था लेकिन आर्या ने तो अभी सिर्फ़ अपने राज्य दिल्ली के लिए खेलना शुरू किया है.
आर्या की प्रतिभा को सबसे पहले पहचानने वालों में एक अहम नाम दिल्ली के कोच संजय भारद्वाज का है.
करीब एक दशक पहले जब मैं गंभीर और अमित मिश्रा का इंटरव्यू करने के लिए अशोक विहार की क्रिकेट एकेडमी पहुंचा था तो भारद्वाज ने एक युवा खिलाड़ी की तरफ़ इशारा करते हुए कहा था, "अब मुझे एक वीरू टाइप (वीरेंद्र सहवाग) का बल्लेबाज़ मिला है, जो देखता है और सीधे उड़ाता है."
आईपीएल में करोड़ों की बोली
एक मध्य-वर्गीय परिवार (माता-पिता सरकारी स्कूल में टीचर) से आने वाले आर्या को पिछले ही साल आईपीएल में तगड़ी बोली में ख़रीदा गया था.
पिछले साल नवंबर में आईपीएल ऑक्शन से ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के ख़िलाफ़ सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का मुक़ाबला था.
उस मैच में भुवनेश्वर कुमार और पीयूष चावला जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों के सामने आर्या ने 43 गेंदों पर 102 रन बनाए और इसका असर ये हुआ कि ऑक्शन में उनकी बोली भी सीधे आसमान को छू गयी.
पंजाब ने उन्हें 3.8 करोड़ रुपए में ख़रीदा. इससे पहले भी आर्या दिल्ली प्रीमियर लीग में एक मैच में एक ही ओवर में छह छक्के लगाकर सुर्ख़ियों में आ चुके थे.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ और उप-कप्तान रह चुके ब्रैड हैडिन पंजाब के सहायक कोच हैं.
उन्होंने मंगलवार को खेले गए मैच के टीवी प्रसारण के दौरान एक दिलचस्प कहानी बतायी.
उन्होंने कहा, "पहले अभ्यास मैच के दौरान पहली आठ गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने चार छक्के जड़ दिये और बस वहीं हम लोगों ने समझ लिया कि ये लड़का ख़ास है."
पंजाब के हेड कोच रिकी पोंटिंग ने भी इस सीज़न के शुरु होने से पहले ही उनके बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई थी.
आईपीएल शुरू होने से पहले ही न्यू चंडीगढ़ में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान आर्या को ख़ास बताने वाले पोटिंग ने इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस अख़बार को एक इंटरव्यू में कहा था, "युवा खिलाड़ियों में जो एक चीज़ मैं तलाशने की कोशिश करता हूं वो है गेंद को हिट करने की क़ाबिलियत. प्रियांश बहुत ही साफ़ सुथरे तरीक़े से गेंद को हिट करते हैं."
क्या है बल्लेबाज़ी की ख़ासियत
चार मैच खेलने के बाद ही आर्या ने ना सिर्फ़ पोटिंग बल्कि अपने पहले कोच संजय भारद्वाज समेत कई साथी खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों की राय को सही साबित करने की दिशा में पहला बड़ा क़दम उठाया है.
दिल्ली ने हाल के दशक में वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन, गौतम गंभीर और विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज़ देश को दिये हैं लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू ये भी है कि दिल्ली क्रिकेट में उन्मुक्त चंद जैसी प्रतिभाएं शुरुआती कामयाबी से आगे नहीं बढ़ सकीं.
आर्या के लिए चुनौती अगला कोहली या सहवाग बनने की नहीं बल्कि ये सुनिश्चित करने की है कि उनके क़दम डगमगाएं नहीं.
प्रियांश आर्या की 42 गेंदों पर 103 रन की पारी और शशांक सिंह के नाबाद 52 रन की बदौलत पंजाब की टीम ने चेन्नई के ख़िलाफ़ 20 ओवरों में छह विकेट पर 219 रन बनाए.
पिछले पांच सीज़न में चेन्नई सुपर किंग्स ने कभी भी 180 से ज़्यादा रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा नहीं किया था.
पंजाब के सामने टीम ने 200 के स्कोर को पार ज़रूर किया लेकिन मैच जीतने में विफल रही.
चेन्नई की ओर से ड्वेन कॉनवे ने सबसे ज़्यादा 69 रन बनाए. शिवम दुबे ने 42 रन बनाए जबकि एमएस धोनी ने 12 गेंद पर 27 रनों की पारी खेली.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)