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वैभव अरोड़ा: सनराइज़र्स हैदराबाद के धुरंधरों को आउट करने वाले केकेआर के गेंदबाज़ चर्चा में
- Author, ख़ुर्रम हबीब
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल 2025 के गुरुवार के मुक़ाबले में वेंकटेश अय्यर ने बल्ले से और वैभव अरोड़ा ने गेंद से कोलकाता नाइट राइडर्स को सनराइज़र्स हैदराबाद पर 80 रनों से जीत दिलाई.
इस जीत के साथ केकेआर टीम अंक तालिका में पांचवे स्थान पर पहुंच गई और हार के बाद एसआरएच सबसे नीचे, यानी, आठवें स्थान पर है.
सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान पेट कमिंस ने जब टॉस जीतने के बाद गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया तो ऐसा लगा कि ये सही निर्णय है.
शुरू के तीन ओवरों में ही सलामी बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक और सुनील नरेन आउट हो गए. केकेआर का स्कोर था केवल 17 रन.
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केकेआर को शुरुआती झटके
हैदराबाद की टीम के लिए मोहम्मद शमी और कमिंस ने विकेट लिए और ऐसा लगने लगा कि केकेआर की पारी मुश्किल में आ जाएगी.
लेकिन उनके आउट होने के बाद अजिंक्य रहाणे और अंगकृष रघुवंशी ने तीसरी विकेट के लिए शानदार साझेदारी की और कोलकाता की टीम को मैच में वापसी दिलाई.
केकेआर के कप्तान रहाणे पिछले दो मैचों में चल नहीं पाए थे और उनसे उम्मीद थी कि वह इस मैच में कुछ कर दिखाएंगे.
उन्होंने क्रीज़ पर आने के बाद ही अपने स्वभाव के विपरीत बल्लेबाज़ी करते हुए धुआंधार शॉट लगाए.
रहाणे ने कमिंस की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर पुल कर और उसके बाद शमी की गेंद पर स्लॉग स्वीप कर छक्का लगाया.
शमी उस शॉट को देखकर हैरान रह गए. उनके चेहरे से लग रहा था कि उन्हें इस गेंद पर इतने साहसी शॉट कि उम्मीद नहीं थी.
पॉवरप्ले के छह ओवरों के ख़त्म होने तक रहाणे 14 गेंद पर 21 रन बना चुके थे और मज़े की बात तो यह थी कि उन्होंने उस स्कोर में तीन छक्के जड़े थे. रघुवंशी भी 16 रनों के साथ विकेट पर मौजूद थे.
रन बनाने का यह सिलसिला चलता रहा और केकेआर का स्कोर जल्द ही 10 ओवरों में 84 रन तक पहुंच गया.
वेंकटेश अय्यर की धमाकेदार बल्लेबाज़ी
यहां से वो अपनी आक्रमक बल्लेबाज़ी शुरू कर सकते थे. लेकिन रहाणे 11वें ओवर में लेग-स्पिनर ज़ीशान अंसारी की गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे. फिर 13वें ओवर में रघुवंशी स्पिनर मेंडिस की गेंद पर आउट होकर वापस लौटे.
उस समय ऐसा लगा के सनराइज़र्स ने मैच में वापसी कर ली है क्योंकि 13वें, 14वें और 15वें ओवरों में कुल मिलाकर सिर्फ 18 रन ही आए.
और केकेआर का स्कोर चार विकेट पर 122 रन था.
वेंकटेश अय्यर, जिन्हें केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपयों में आईपीएल ऑक्शन में ख़रीदा था, इस सीज़न की अपनी पिछली दोनों पारी में असफल हुए थे.
लेकिन गुरुवार का दिन उनके लिए अच्छा निकला.
वेंकटेश अय्यर ने शुरू में तो अपने आपको संभाल कर खेला, लेकिन जैसे ही अंतिम पांच ओवर बचे थे तो उन्होंने और रिंकू सिंह ने बल्ला घुमाना शुरू कर दिया.
अय्यर और रिंकू ने शमी के अंतिम ओवर में 12 रन लिए. फिर रनों की बौछार होना शुरू हो गई. सनराइज़र्स के गेंदबाज़ों ने ख़राब गेंदबाज़ी की जिसमें कप्तान कमिंस भी शामिल थे.
हर्षल पटेल ने पारी का 17वां ओवर फेंका और उसमें 15 रन बने और फिर सिमरजीत सिंह ने 18वां ओवर डाला, उसमें 17 रन आए.
ऑस्ट्रेलिया और सनराइज़र्स के कप्तान और गेंदबाज़ पैट कमिंस को भी अय्यर ने नहीं छोड़ा. इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने अकेले ही कमिंस के चौथे और पारी के 19वें ओवर में 21 रन ले लिए.
इसी ओवर में उन्होंने 25 गेंदों में अपना अर्ध-शतक पूरा कर लिया.
पारी के आख़िरी ओवर, जो हर्षल पटेल ने डाला था, उसमें वेंकटेश अय्यर ने पहली दो गेंदों पर 10 रन बनाए फिर आउट हुए.
वेंकटेश अय्यर ने मैच में 7 चौके और तीन छक्कों की मदद से 60 रन बनाए. जबकि रिंकू सिंह ने 16 गेंद पर 31 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और एक छक्का शामिल है.
वैभव अरोड़ा ने शुरू किया आक्रमण
केकेआर ने अंतिम पांच ओवरों में 78 रन जोड़े और उनका स्कोर 200 रनों पर जा पहुंचा.
वेंकटेश अय्यर ने अपनी पारी के बारे में कहा, "शुरू में गेंद ठीक से टाइम नहीं कर पा रहा था. यह ईडन गार्डन की पिच नहीं लग रही थी, जिस पर मैं खेलने का अभ्यस्त हूँ. मैंने पहले दो मैचों में बहुत अधिक रन नहीं बनाए, इसलिए शुरू में बस विकेट का अनुभव लेना चाहता था."
उन्होंने शुरू में पारी को संभालने के लिए अजिंक्य रहाणे और वैभव रघुवंशी को भी श्रेय दिया.
"मुझे टीम मैनेजमेंट ने ये संकेत दिया था कि मैं अपना समय लूँ और फिर पूरी क्षमता से खेलूं."
201 का लक्ष्य पाने के लिए ये ज़रूरी था कि सनराइज़र्स के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ अच्छा खेलें और टीम को एक मज़बूत शुरुआत दें. लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए.
मैच में 27 साल के दाएं हाथ के मध्यम तेज़ गति के गेंदबाज़ वैभव अरोड़ा शुरुआत से ही गेंदबाज़ी में छा गए. उन्होंने ट्रेविस हेड को पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया.
हेड ने पहली गेंद पर चौका मारा लेकिन अगली ही गेंद कैच थमा बैठे.
पारी के दूसरे ओवर में ही तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा ने अभिषेक शर्मा को भी चलता किया और फिर तीसरे ओवर की पहली गेंद पर अरोड़ा ने ईशान किशन को आउट कर दिया.
किशन का शॉट कवर की ओर अच्छा और तेज़ था लेकिन केकेआर के कप्तान रहाणे ने लपक कर उनका कैच पकड़ लिया.
सनराइज़र्स की टीम महज़ 13 गेंदों में नौ रन पर तीन विकेट खो चुकी थी.
अरोड़ा हिमाचल प्रदेश की टीम की तरफ से लिए रणजी खेलते हैं. इस सीज़न में वे कोलकाता के लिए काफ़ी कारगर साबित हो रहे हैं.
वैभव अरोड़ा को केकेआर ने 1.8 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदा था.
वैसे अरोड़ा हरियाणा के अंबाला से आते हैं पर खेलते पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के लिए हैं.
उन्होंने इस सीज़न के अपने हर मैच में विकेट निकाले हैं.
हैदराबाद की पारी मैच में कभी संभल नहीं पाई
शुरुआत में ही तीन विकेट गंवाने के बाद सनराइज़र्स के लिए मैच में वापसी करना मुश्किल हो गया. हेनरिक क्लासेन ने इसकी कोशिश ज़रूर की. उन्होंने 21 गेंदों पर 33 रन बनाए लेकिन दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे.
हेनरिक भी 15वें ओवर में सातवें विकेट के रूप में आउट हो गए. उनको भी वैभव अरोड़ा ने स्लो बाउंसर से कैच आउट करवाया था.
उस समय एसआरएच का स्कोर 112 रन था. हैदराबाद की यह टीम 17वें ओवर में 120 रन पर ऑल आउट हो गई.
अरोड़ा ने 29 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और वो प्लेयर ऑफ़ द मैच बने. हालाँकि मैच में वरुण चक्रवर्ती ने भी 22 रन देकर तीन विकेट चटकाए.
वैभव अरोड़ा ने मैच के बाद कहा कि वो गेंद की गति पर नियंत्रण रखते हैं और उसमें बदलाव लाते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं देखता हूँ कि गेंद क्या कर रही है, यह कितनी स्विंग कर रही है. पांचवें-छठे ओवर में गेंद स्विंग नहीं करती, इसलिए में कटर और यॉर्कर का प्रयोग बल्लेबाज़ को चकमा देने के लिए करता हूँ."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित