कुवैत हादसा: मारे गए युवाओं के घर का हाल, कहीं आंसुओं का सैलाब तो कहीं शोक का सन्नाटा

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इमेज कैप्शन, कुवैत की आग में घायल भारतीय श्रमिक का अस्पताल में हालचाल लेने पहुंचे भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्द्धन सिंह
    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, कोल्लम (केरल) से, बीबीसी हिंदी के लिए

अइयो…. ये बहुत बुरा हुआ.

ये कुछ शब्द थे, जो हमें तब सुनाई दिए जब हम केरल में कोल्लम जिले के कारावेलोर में साजन जॉर्ज के घर की तरफ बढ़ रहे थे.

साजन जॉर्ज की मां वालसम्मा जॉर्ज सफेद बेडशीट वाले बिस्तर पर उनकी तस्वीर को देखते हुए जोर-जोर से रो रही थीं.

रोते-रोते उनका गला रूंध गया. साजन उनके इकलौते बेटे थे. कुवैत में एनबीटीसी कर्मचारियों की बिल्डिंग में लगी आग में साजन की मौत हो गई है. साजन की बहन ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं. अभी वो भारत नहीं पहुंची हैं.

साजन के कजिन रॉबिन रॉय जॉन ने बीबीसी को बताया, ''साजन कुवैत इसीलिए गए थे क्योंकि उन्हें लगता था कि उन्हें देश के बाहर काम करने का अनुभव मिलना चाहिए. इससे उनकी शादी में भी आसानी होती. उनकी ज़िंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था.''

साजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग एमटेक थे. उन्होंने हाल में ही एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया था.

रॉबिन ने बताया, ''वो डेढ़ महीने पहले अप्रैल के आखिर में कुवैत गए थे और 5 जून को अपने पिताजी को पहली सैलरी भेजी थी.''

उन्होंने बताया, ''हम दोनों कजिन साथ-साथ बड़े हुए थे, लेकिन हम सगे भाइयों की तरह थे.''

'मेरा बेटा चला गया लेकिन मैं जिंदा हूं'

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इमेज कैप्शन, साजन जॉर्ज का परिवार

रोती हुई साजन की मां शांत हुईं तो शोक जताने आए रिश्तेदार थोड़ा संभले. तभी ख़बर मिली कि शव गृह से साजन का ताबूत घर नहीं आ रहा है.

ये सुनते ही वालसम्मा जॉर्ज फिर रो पड़ीं.

''मेरा बेटा चला गया लेकिन मैं जिंदा हूं.''

''क्या कोई जानता था कि महज 29 साल की उम्र में ऐसा हो जाएगा.''

''मैं किससे कहूं. मैं अपने बच्चे को एक बार तो देखूं. उसके बाद भले उसे कब्र में ले जाना.''

स्थानीय चर्च में साजन के लिए शोक जताने आए लोग और परिवार के सदस्य अपने आंसू पोछते नजर आए.

इसके उलट सुमेश पिल्लई के घर में भावनाएं काबू में दिखीं. कुवैत की बिल्डिंग में लगी आग में पिल्लई भी मारे गए थे.

सुमेश के रिश्तेदार चंद्रशेखरन नायर ने बीबीसी हिंदी से कहा, ''सुमेश एक्सरे वेल्डर थे. वो कुवैत में पिछले 12 साल से रह रहे थे. उन पर पिता, पत्नी और भाई की जिम्मेदारी थे. सभी बीमार हैं.''

सुमेश के घर उनका शव पहुंचने वाला है. जिला प्रशासन और पुलिस के लोग वहां मौजूद हैं. परिवार वाले शाम को उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे हैं.

पिता के सवाल

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इमेज कैप्शन, सुमेश पिल्लई

कुवैत के मंगाफ़ शहर में दो दिन पहले श्रमिकों की एक बिल्डिंग में लगी आग में सुमेश और साजन की मौत हो गई थी. इस हादसे में 45 भारतीय मारे गए हैं. इनमें से केरल के जिन 23 लोगों की पहचान हुई है, उनमें सुमेश और साजन भी शामिल हैं.

हालांकि साजन के परिवार ने शनिवार को उनका शव दफनाने का फैसला किया है.

जिस वक्त़ हमारे कैमरापर्सन सीवी लेनिन साजन की मां की भावनाओं को कैमरे में कैद कर रहे थे उस वक़्त उनके मुड़ते ही उनके पिता सामने आ गए .

उन्होंने लेनिन का हाथ पकड़ते हुए कहा, ''क्या जब एयरपोर्ट पर ताबूत खुला था तो आपको मेरे बेटे का चेहरा दिखा था.''

लेकिन जब लेनिन ने ना में जवाब दिया तो वो चुपचाप जाकर कुर्सी पर बैठ गए और आंखों में उमड़े आंसू पोछने लगे.

मरने वालों में केरल के 23 श्रमिक

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इमेज कैप्शन, आग में मारे गए स्टीफन साबू ने एमटेक किया था और कुवैत में नौकरी कर रहे थे
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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

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शुक्रवार को भारतीय वायु सेना का विमान कुवैत से 45 भारतीयों के शव लेकर लौटा. बुधवार को कुवैत के मंगाफ़ शहर में एक रिहाइशी इमारत में आग लगी थी. इस इमारत में 176 भारतीय मजदूर रहते थे.

कुवैती प्रशासन के मुताबिक़, इस आगजनी में 50 लोगों की झुलसकर मौत हो गई जिसमें से 45 भारतीय और 3 फिलिपींस के रहने वाले थे.

कुवैत में रहने वाले लोगों में दो-तिहाई हिस्सा विदेशी मजदूरों का है.

कंस्ट्रक्शन और घरेलू सेक्टर में कामकाज के लिए कुवैत बाहर से आने वाले मजदूरों पर निर्भर है.

मानवाधिकार संगठनों ने भी लगातार मजदूरों के रहन-सहन के तरीकों पर आवाज उठाई है.

मंगाफ़ की आगजनी में दर्जनों और मजदूर भी घायल हुए हैं जिसमें बड़ी संख्या भारतीयों की है..

जिन भारतीय मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है उनमें से केरल से 23, तमिलनाडु से 7, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश से 3-3, ओडिशा से 2, बिहार, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड और हरियाणा से 1-1 मजदूर थे.

आग में झुलसकर मरने वालों के परिजनों के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मुआवजे का एलान किया है.

विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कुवैत के कई अस्पतालों का दौरा किया और घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.

कुवैत कर रहा है जांच

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इमेज कैप्शन, कुवैत की इसी इमारत में लगी थी आग

कुवैत प्रशासन का कहना है कि ऐसी इमारतें जिनमें प्रवासी मजदूर रहते हैं वहां पर अब स्वास्थ्य और सुरक्षा के इंतजामों की जांच की जा रही है.

अरब टाइम्स के मुताबिक, एक जांच में पाया गया है कि जिस छह मंज़िला इमारत में आग लगी उसके ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में शॉर्ट सर्किट हुआ था और इसी कारण आग लगी.

कुवैत फायर डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक़, जिस बिल्डिंग में आग लगी उसके कमरों और अपार्टमेंट्स के बीच पार्टीशन के लिए ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल हुआ था.

कुवैत पब्लिक प्रॉसिक्यूशन डिपार्टमेंट ने एक नागरिक और कुछ प्रवासियों को आग से सुरक्षा के इंतजामों की अनदेखी के लिए गिरफ्तार किया है.

कुवैत के उप प्रधानमंत्री शेख फहाद यूसुफ अल-सबाह ने आग लगने के लिए प्रॉपर्टी के मालिक पर लालच और बिल्डिंग स्टैंडर्ड के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

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