दिमाग़ तेज़ करने वाली ये ख़ुराक किन चीज़ों से मिलती है?

पीले रंग की पृष्ठभूमि पर एक टूटे हुए अंडे के ऊपर मस्तिष्क की छवि, जिसकी जर्दी बाहर आ रही है

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इमेज कैप्शन, कोलीन न तो विटामिन है और न ही खनिज. यह एक कार्बनिक यौगिक है जो कि मानव तंत्रिका तंत्र के स्वस्थ कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है.
    • Author, जेसिका ब्रैडली
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर

इस कंपाउंड से आपकी दिमाग़ी ताक़त बढ़ती है और चिंता कम होती है लेकिन क्या आप इसे पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं? शायद आप ने कोलीन के बारे में पहले नहीं सुना होगा लेकिन अध्ययन बताते हैं कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.

कोलीन न तो विटामिन है और न ही खनिज. यह एक कार्बनिक यौगिक है जो कि मानव नर्वस सिस्टम के स्वस्थ कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है.

अब इस बात के प्रमाण भी सामने आ रहे हैं कि इसके अधिक मात्रा में सेवन करने से कई फ़ायदे हो सकते हैं.

इसमें दिमाग़ी क्षमता में सुधार से लेकर न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों से बचाव, ध्यान भटकाव और अति सक्रियता विकास और डिस्लेक्सिया से बचाव भी शामिल है.

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यह पोषक तत्व मानव तंत्रिका विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

एक अध्ययन में पाया गया कि जिन शिशुओं की माताओं ने गर्भावस्था के दौरान कोलीन की ख़ुराक ली थी उनके शिशुओं में सूचनाओं को समझने की क्षमता तेज़ पाई गई.

वैज्ञानिकों का कहना है कि कोलीन एक अद्भुत पोषक तत्व है लेकिन इसे बहुत अधिक नज़रअंदाज़ किया गया है. कोलीन कहाँ से आता है और क्या आपको यह पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है?

एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व

सोयाबीन के खेत में काम करते किसान

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इमेज कैप्शन, 100 ग्राम सोयाबीन में 120 मिलीग्राम कोलीन मिलता है.
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अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ब्रुकलिन कॉलेज में स्वास्थ्य एवं पोषण विज्ञान के प्रोफे़सर शिनयिन जियांग कहते हैं कि हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका में कोलीन होता है.

विज्ञान पर लिखने वाले और कंसल्टेंसी न्यूट्रिशनल इनसाइट की संस्थापक और सीईओ एम्मा डर्बीशायर ने बताया कि कोलीन एक 'आवश्यक' पोषक तत्व है. यह हमारे स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है लेकिन शरीर इसका उत्पादन पर्याप्त मात्रा में नहीं कर पाता है. ऐसे में हमें इसे अपने आहार में लेने की आवश्यकता है. एक तरह से यह ओमेगा 3 फ़ैटी एसिड की तरह है. हालांकि इसका जुड़ाव विटामिन बी के साथ है.

कोलीन आम तौर पर पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है. इसमें बीफ़, अंडे, मछली, चिकन और दूध शामिल हैं लेकिन मूंगफली, राजमा, मशरूम और ब्रोकली जैसी क्रूसिफेरस सब्ज़ियों में भी यह जाता है. हालांकि पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पौधे-आधारित स्रोतों की तुलना में अधिक कोलीन पाया जाता है.

हमारे शरीर में कई कार्यों के लिए कोलीन की आवश्यकता होती है. इसमें लीवर का कार्य भी शामिल है.पर्याप्त मात्रा में कोलीन न मिलने से कई समस्याएं हो सकती हैं.

जियांग कहते हैं, "कोलीन ही वसा को लीवर से बाहर निकालने में मदद करता है और जब किसी व्यक्ति में इसकी कमी होती है, तो उसे फ़ैटी लीवर हो सकता है."

कोलीन शरीर को फॉस्फोलिपिड्स के संश्लेषण में भी मदद करता है, जो हमारे शरीर में कोशिका झिल्ली का मुख्य घटक है. इसकी कमी के कारण वह जीन प्रभावित हो सकता है जो कि हमारी कोशिकाओं की गुणात्मक बढ़ोतरी की प्रक्रिया में शामिल होता है.

भ्रूण के विकास के दौरान, कोलीन की कमी विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है क्योंकि यह मस्तिष्क में कोशिका प्रसार को रोकती है.

डर्बीशायर कहती हैं कि मस्तिष्क में कोलीन की भूमिका महत्वपूर्ण है. यह मुख्य रूप से "मस्तिष्क पोषक तत्व" है. शरीर को न्यूरोट्रांसमीटर एसिटाइलकोलाइन का उत्पादन करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है, जो एक ऐसा रसायन है जो तंत्रिका कोशिकाओं के माध्यम से आपके मस्तिष्क से आपके शरीर तक संदेश पहुंचाता है.

शोधकर्ताओं ने 36 से 83 वर्ष की आयु के करीब 1400 लोगों को शामिल करते हुए एक अध्ययन किया. इस अध्ययन में पाया कि अधिक मात्रा में कोलीन सेवन करने वाले लोगों की याददाश्त बेहतर होती है और मध्य आयु के दौरान यह हमारे मस्तिष्क की सुरक्षा में मदद कर सकता है.

कोलीन को आमतौर पर "नूट्रोपिक्स" के रूप में लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स में एक घटक के रूप में शामिल किया जाता है. यह पदार्थों का एक विविध समूह है. कुछ लोगों का मानना ​​है कि यह सीखने की क्षमता और याददाश्त को बढ़ा सकता है.

कोलीन हमारे मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. एक अध्ययन में पाया गया कि कोलीन के अधिक सेवन से चिंता का स्तर कम था. एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि कोलीन का अधिक आहार अवसाद के जोखिम को कम करता है.

कोलीन का पर्याप्त सेवन करने से कई अन्य लाभ भी हो सकते हैं. इसके अंदर अधिक मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं. चूहों पर किए गए शोध में पाया गया है कि कोलीन होमोसिस्टीन के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, यह एक एमिनो एसिड है जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है.

होमोसिस्टीन के उच्च स्तर को ऑस्टियोपोरोसिस से भी जोड़ा जा सकता है. शोध में पाया गया है कि जिन लोगों के आहार में कोलीन का सेवन अधिक होता है, उनकी हड्डियों का घनत्व अधिक होता है- जो मज़बूत, स्वस्थ हड्डियों का संकेत है और इससे फ्रैक्चर होने का ख़तरा कम हो जाता है.

कोलीन और हड्डियों के स्वास्थ्य के बीच संबंध का अध्ययन करने वाले नॉर्वे के समुद्री अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ता ओयेन जैनिके कहते हैं, "कोलीन संभावित रूप से हड्डियों के नुकसान से बचा सकता है."

उन्होंने कहा कि इसका कारण आंशिक रूप से होमोसिस्टीन हो सकता है लेकिन इसका कारण यह भी है कि कोलीन हमारी कोशिका झिल्लियों की एक आवश्यक संरचना है.

जीवन के पहले 1000 दिन

सुपरमार्केट में अंडे का सेक्शन लोड करता हुआ आदमी

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इमेज कैप्शन, अंडे खाने वालों में कोलीन उन लोगों की तुलना में लगभग दोगुना होता है जो अंडे नहीं खाते हैं.

यह बात अच्छी तरह से स्थापित है कि किसी भी बच्चे के विकास में उसके शुरुआती दो वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं. गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान माँ के आहार का इस पर बहुत प्रभाव पड़ता है.

डर्बीशायर कहती हैं कि यह दिखाता है कि जीवन के इस चरण में यह कितना महत्वपूर्ण है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि गर्भ में कोलीन की आपूर्ति बच्चे के मानसिक विकास से संबंधित है और बच्चे के विकास के साथ-साथ इसके लाभ वर्षों तक जारी रह सकते हैं.

एक अध्ययन में पाया गया कि जिन गर्भवती महिलाओं ने गर्भावस्था की दूसरी तिमाही (13वें सप्ताह से 28वें सप्ताह तक) के दौरान आहार में कोलीन का सबसे अधिक सेवन किया, उनके बच्चों ने सात साल की उम्र में अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्मृति के परीक्षण में उच्च अंक प्राप्त किए.

कुछ शोध से तो यह भी पता चलता है कि जब कोई महिला गर्भवती होती है और उसे पर्याप्त मात्रा में कोलीन नहीं मिलता है तो उसकी संतान में एडीएचडी व्यवहार की समस्या हो सकती है.

डर्बीशायर कहती हैं, "हम स्कूलों में एडीएचडी और डिस्लेक्सिया के मामले बहुत ज़्यादा देख रहे हैं. इसमें से कुछ आनुवंशिक भी हैं लेकिन यह भी संभव है कि गर्भ में उन्हें ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल रहे हों."

"ये बहुत ही सूक्ष्म न्यूरोडेवलपमेंट परिवर्तन हो रहे हैं और बाद में उन पर असर डाल रहे हैं. हम अब इसके बाद के प्रभावों का इलाज कर रहे हैं."

जियांग ने गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान कोलीन की आपूर्ति और मस्तिष्क के विकास के बीच संबंधों का अध्ययन किया है.

उन्होंने बताया, "पशुओं में यह पाया गया है कि जब माँ के पास अधिक कोलीन होता है, तो उनके बच्चे के मस्तिष्क का विकास बेहतर होता है."

क्या हमें पर्याप्त मात्रा में कोलीन मिल रहा है?

यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) ने कोलीन सेवन के लिए सिफारिशें निर्धारित की हैं. यह वयस्कों के लिए 400 मिलीग्राम, गर्भवती महिलाओं के लिए 480 मिलीग्राम और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 520 मिलीग्राम है.

अमेरिका में चिकित्सा संस्थान (आईओएम) ने पहली बार 1998 में कोलीन के पर्याप्त सेवन की सिफारिशें की थीं. यह पुरुषों के लिए प्रतिदिन 550 मिलीग्राम और महिलाओं के लिए प्रतिदिन 425 मिलीग्राम, गर्भावस्था के दौरान 450 मिलीग्राम और स्तनपान के दौरान 550 मिलीग्राम है.

एक अंडे में लगभग 150 मिलीग्राम कोलीन होता है, जबकि एक चिकन ब्रेस्ट में लगभग 72 मिलीग्राम और मुट्ठी भर मूंगफली में लगभग 24 मिलीग्राम कोलीन होता है.

2017 में अमेरिकन मीडिया एसोसिएशन (एएमए) ने भी सलाह दी थी कि प्रसव से पहले विटामिन की खुराक में कोलीन की "साक्ष्य-आधारित" मात्रा होनी चाहिए.

मस्तिष्क को पोषण देना

मूंगफली के खेत में लाल ट्रैक्टर पर सवार आदमी

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इमेज कैप्शन, मूंगफली में कोलीन की उच्च मात्रा होती है. प्रति 100 ग्राम मूंगफली के मक्खन में 61-66 मिलीग्राम कोलीन होती है.

2020 में 38 पशुओं और 16 मानव पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया है कि कोलीन सप्लीमेंटेशन मस्तिष्क के विकास में मदद करता है.

हालाँकि, वर्तमान में केवल पशु अध्ययन मे ही कोलीन और बेहतर मस्तिष्क कार्यप्रणाली के बीच एक मज़बूत संबंध पाया गया है. पेपर सप्लीमेंटेशन की आदर्श मात्रा को परिभाषित नहीं करता है लेकिन कहता है कि अधिकांश मानव अध्ययन प्रतिदिन 930 मिलीग्राम कोलीन प्रदान करने वाले सप्लीमेंट का उपयोग करते हैं. यह मात्रा लगभग छह मुर्गी के अंडों में कोलीन के बराबर है. इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है.

ओयेन का कहना है कि कुछ लोगों को रोज़ाना की तय की गई मात्रा से अधिक कोलीन की आवश्यकता हो सकती है. इनमें मेनोपॉज़ के बाद की महिलाएं,जिनमें एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है और फैटी लीवर रोग वाले लोग शामिल हैं.

डर्बीशायर कहती हैं, हम यह भी जानते हैं कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आनुवंशिक अंतर के कारण, कुछ लोगों को कोलीन की अधिक आवश्यकता हो सकती है.

जियांग का कहना है कि जब हम कोलीन युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो यह बहुत आसानी से हमारे ख़ून में मिल जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हम पर्याप्त मात्रा में कोलीन का सेवन कर रहे हैं.

हालांकि, कई अध्ययनों से पता चलता है कि हममें से कई लोग पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं ले पा रहे हैं. एक अध्ययन में पाया गया कि केवल 11 प्रतिशत अमेरिकी वयस्क ही बताई गई दैनिक मात्रा का सेवन करते हैं.

कोलीन के सबसे शक्तिशाली आहार स्रोतों में से अंडा एक हैं. इस बात को लेकर भी चिंता है कि जो लोग शाकाहारी आहार लेते हैं उन्हें यह पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है. हालांकि कई पौधे आधारित स्रोत हैं और कोलीन की खुराक विकसित देशों में व्यापक रूप से उपलब्ध है.

एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग अंडे खाते हैं, उनमें कोलीन सामान्य से करीब दो गुना होता है. इसकी वजह से शोधकर्ता कहते हैं कि बिना अंडा खाए या फिर पूरक आहार लिए पर्याप्त मात्रा में कोलीन का सेवन करना "बेहद कठिन" है.

जियांग कहते हैं कि अगर आप अपने आहार की सावधानीपूर्वक योजना बनाते हैं तो ईएफएसए की प्रतिदिन 400 मिलीग्राम कोलीन की सिफारिश पूरी हो जाएगी.

ओयेन कहती हैं कि अगर किसी को चिंता है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में कोलीन नहीं मिल रहा है, तो वे रोज़ाना सप्लीमेंट ले सकते हैं. वह कहती हैं कि कोलीन के स्वास्थ्य लाभों के पीछे के तंत्र को बेहतर ढंग से समझने के लिए जानवरों और मनुष्यों पर और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है.

वहीं डर्बीशायर कहती हैं कि "चिकित्सक कोलीन के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं."

हालांकि अक्सर ऐसा लगता है कि इसे थोड़ा अनदेखा किया जाता है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि कोलीन जल्द ही सुर्खियों में छा जाएगा.

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