एससीओ में मोदी से मिले शी, शहबाज़ और पुतिन: किसने क्या कहा

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भारत की अध्यक्षता में मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन यानी एससीओ की वर्चुअल समिट आयोजित हुई है.
इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ शामिल हुए हैं.
पीएम मोदी ने इस बैठक के दौरान इन नेताओं की मौजूदगी में चरमपंथी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई.

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क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने मूल रूप से चरमपंथ, खाद्य संकट और ईंधन संकट पर अपनी बात रखी.
पीएम मोदी ने कहा, ''आतंकवाद क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के लिए प्रमुख ख़तरा बना हुआ है. इस चुनौती से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है.
आतंकवाद चाहें किसी भी रूप में हो, किसी भी अभिव्यक्ति में हो, हमें इसके विरुद्ध मिलकर लड़ाई करनी होगी. कुछ देश, क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज़्म को अपनी नीतियों के अंग के रूप में इस्तेमाल करते हैं. आतंकवादियों को पनाह देते हैं.
SCO को ऐसे देशों की आलोचना में कोई संकोच नहीं करना चाहिए. ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए.
टेरर फाइनेंसिंग से निपटने के लिए भी हमें आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए. इसमें SCO के आरएटीएस मैकेनिज़्म की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. हमारे देशों के युवाओं के बीच चरमपंथ के फैलाव को रोकने के लिए भी हमें और सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए.”
अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति का हम सभी की सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ा है.
अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत की चिंताएं और अपेक्षाएं SCO के अधिकांश देशों के समान हैं. हमें अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के कल्याण के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे.”

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पीएम मोदी ने अपनी स्पीच ये अहम बातें कहीं -
- विवादों, तनावों और महामारी से घिरे विश्व में फ़ूड, फ्यूल और फर्टिलाइज़र क्राइसिस सभी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है.
- SCO के अंतर्गत भाषा सम्बन्धी बाधाओं को हटाने के लिए हमें भारत के AI आधारित लैंग्वेज़ प्लेटफॉर्म 'भाषिणी' को सभी के साथ साझा करने में ख़ुशी होगी. यह समावेशी प्रगति के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का एक उदाहरण बन सकता है.
- आज ईरान एससीओ परिवार में एक नए सदस्य के रूप में जुड़ने जा रहा है. इसके लिए मैं राष्ट्रपति रायसी और ईरान के लोगों को बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ.
- किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए मज़बूत कनेक्टिविटी का होना बहुत ही आवश्यक है. बेहतर कनेक्टिविटी आपसी व्यापार ही नहीं, आपसी विश्वास भी बढ़ाती है.
- ईरान की एससीओ सदस्यता के बाद हम चाबहार पोर्ट के बेहतर उपयोग के लिए काम कर सकते हैं.
- मध्य एशिया के चारों ओर से भूमि से घिरे देशों के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर इंडियन ओशन तक पहुँचने का, एक सुरक्षित और सुगम रास्ता बन सकता है. हमें इनकी पूरी संभावनाएं को फायदा उठाना चाहिए.
शी जिनपिंग ने इस बैठक में क्या कहा

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बीजिंग किसी भी तरह के संरक्षणवाद और एकतरफ़ा प्रतिबंधों का विरोध करेगा.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार शी ने बैठक में क्षेत्रीय शांति और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया.
चीन के सरकारी चैनल सीसीटीवी के रिपोर्ट के मुताबिक़, राष्ट्रपति शी ने कहा, ''क्षेत्रीय शांति और स्थिरता हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है.
चीन आर्थिक वैश्वीकरण के सही रास्ते पर चलता रहेगा. साथ ही संरक्षणवाद, एकतरफ़ा प्रतिबंधों जैसी चीज़ों का विरोध करता रहेगा.''
इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों के राजनीतिक समाधान को लेकर प्रतिबद्धता जताई.

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पाक पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने क्या कहा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने चरमपंथ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि इसके हर स्वरूप में इसकी निंदा की जानी चाहिए..
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों का क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में साझा हित हैं. दुनिया में कहीं भी विकास के लिए ये जरूरी शर्त होती है."
उन्होंने अपने संबोधन में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन धार्मिक अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि ‘धार्मिक अल्पसंख्यकों को घरेलू राजनीति के एजेंडे को पूरा करने के लिए ख़तरे के तौर पर नहीं पेश किया जाना चाहिए.
आतंकवाद की हर रूप और स्वरूप में निंदा करनी चाहिए जिसमें स्टेट टेरेरिज़्म शामिल है. इसकी स्पष्ट ढंग से निंदा की जानी चाहिए. बेगुनाह लोगों की हत्या किए जाने को किसी भी तरह जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है, चाहें इसकी कोई भी वजह हो.
चीन के फ्ल़ैगशिप प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से जुड़ा चीन और पाकिस्तान आर्थिक गलियारा इस क्षेत्र में संचार, स्थिरता, शांति और समृद्धि के लिए गेम चेंजर साबित होगा.”

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पुतिन ने इस बैठक में क्या कहा?
इस बैठक के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि “रूस सभी बाहरी प्रतिबंधों, दबावों, उकसावे की कार्रवाइयों का जवाब देते हुए अभूतपूर्व ढंग से विकास के रास्ते पर बढ़ता रहेगा.”
उन्होंने इस संगठन से जुड़े देशों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “मैं एससीओ देशों के अपने साथियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने रूस में संवैधानिक व्यवस्था बनाने और आम जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए रूसी नेतृत्व की ओर से उठाए गए कदमों का समर्थन किया.”
इसके साथ ही पुतिन ने कहा कि चीन और रूस के बीच 80 फीसद से ज़्यादा का कारोबार रूबल और युआन में होता है.
उन्होंने एससीओ के दूसरे सदस्यों से भी इस रास्ते पर चलने की अपील की.
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