पहले पुतिन की तारीफ़ के बाद अब उनसे बेहद ख़फ़ा क्यों हुए डोनाल्ड ट्रंप, रूस को दी ये चेतावनी

ट्रंप पुतिन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ट्रंप ने अपने ताज़ा इंटरव्यू में पुतिन के प्रति तीखी नाराज़गी जताई है (फ़ाइल फ़ोटो)
    • Author, जेम्स लैंडेल और फ़िल मैकॉस्लैंड
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर तीख़ी नाराज़गी जताई है. ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से काफ़ी नाराज़ और खिन्न हैं.

रविवार को ट्रंप ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि अगर पुतिन युद्ध विराम पर सहमत नहीं होते हैं तो वो रूस से तेल ख़रीदने वाले देशों पर 50 फीसदी का ट्रैरिफ लगा सकते हैं.

ट्रंप ने कहा, "अगर रूस और मैं, यूक्रेन में खूनखराबा रोकने पर समझौता नहीं कर पाते हैं और मुझे लगता है कि यह रूस की गलती है, तो मैं रूस से आने वाले सभी तेल पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगा दूंगा."

ट्रंप ने कहा है कि पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की विश्वसनीयता पर हमला किया है. पिछले हफ़्ते ही पुतिन ने यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक नई सरकार की संभावना पर सलाह दी थी ताकि देश में नए चुनाव कराए जाएं और उसके बाद शांति समझौते पर बातचीत शुरू हो.

बीबीसी

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

बीबीसी

ट्रंप की चेतावनी

ज़ेलेंस्की ट्रंप

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस में ज़ेलेंस्की और ट्रंप के बीच बहस हुई थी

हालांकि पिछले छह हफ्तों में, ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से कई बार कड़ी मांगें कीं और पुतिन के पक्ष में कई बात की थी.

रविवार को ही ट्रंप ने ज़ेलेंस्की पर अमेरिका के साथ यूक्रेन के दुर्लभ खनिजों से जुड़े समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया था और यूक्रेन को "बड़े संकट" की चेतावनी दी थी.

यूरोपीय नेताओं को चिंता थी कि ट्रंप यूक्रेन में युद्ध विराम पर बातचीत करते वक्त पुतिन के क़रीब जा रहे हैं.

ट्रंप के ताज़ा बयान के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है और कहा है, "पुतिन को कूटनीति की कोई परवाह नहीं है और युद्ध रोकने के लिए रूस पर और ज़्यादा दबाव डालने की ज़रूरत है."

डोनाल्ड ट्रंप का ताज़ा बयान क़रीब एक महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में हुई घटना के बिल्कुल विपरीत नज़र आ रहा है.

उस वक़्त ट्रंप और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस की ज़ेलेंस्की के साथ तीखी बहस हुई थी. इस बहस के बाद दोनों नेताओं के बीच संबंधों में बड़ी दरार देखने को मिली थी.

ट्रंप का ताज़ा बयान ज़ेलेंस्की के लिए यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन के लिहाज से काफ़ी महत्वपूर्ण है.

पुतिन के साथ बदलते समीकरण

ट्रंप पुतिन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, यह पहला मौक़ा है जब अमेरिका ने युद्धविराम की बातचीत से दूर हटने की वजह से रूस को गंभीर चेतावनी दी है
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

यह रूस के साथ ट्रंप के दिख रहे समीकरणों से भी अलग है. यह पहला मौक़ा है जब अमेरिका ने युद्धविराम की बातचीत से दूर हटने की वजह से रूस को गंभीर चेतावनी दी है.

इसका मतलब है कि अमेरिका ने एक बार फिर से कूटनीति की इस चाल में गेंद रूस के पाले में डाल दी है.

एनबीसी न्यूज़ के मुताबिक, ट्रंप ने 10 मिनट के एक फोन इंटरव्यू में कहा कि वह बहुत गुस्से में थे और खिन्न थे, क्योंकि पुतिन ने ज़ेलेंस्की की विश्वसनीयता पर हमला किया.

हालांकि खुद ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को तानाशाह कहा था और उनसे चुनाव कराने की मांग की थी.

ट्रंप ने पुतिन के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति कार्यालय को उनके (ट्रंप) के गुस्से के बारे में पता है लेकिन "उनके रूसी नेता के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं" और अगर वो (पुतिन) सही काम करेंगे तो उनका गुस्सा फौरन गायब हो जाएगा.

ट्रंप ने चेतावनी दी है, "अगर रूस युद्ध विराम का पालन नहीं करता है और अगर उन्हें लगता है कि यह पुतिन की ग़लती है, तो वो रूस की अर्थव्यवस्था को और अधिक निशाना बनाएंगे."

उन्होंने कहा, "यदि रूस और मैं यूक्रेन में खूनी जंग रोकने के लिए कोई समझौता करने में नाकाम रहे और अगर मुझे लगा कि यह रूस की वजह से हुआ है, जो सही भी हो सकता है तो मैं रूस से आने वाले सभी तेल पर अतिरिक्त टैरिफ लगाउंगा."

उन्होंने कहा कि युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ तो रूस पर एक महीने में टैरिफ़ लागू किया जाएगा.

ट्रंप ने कहा, "अमेरिका में बेचे जाने वाले तेल और अन्य उत्पादों पर 25% टैरिफ़ लगाया जाएगा, जो सेकेंडरी टैरिफ होगा."

सेकेंडरी टैरिफ उन देशों पर प्रतिबंध हैं जो दूसरे देशों के साथ व्यापार करते हैं. ये टैरिफ अमेरिका में उन देशों से आने वाले सामान पर 50% तक हो सकते हैं जो अभी भी रूस से तेल ख़रीद रहे हैं. इस तरह के सबसे बड़े ख़रीदार चीन और भारत हैं.

यूक्रेन के लिए नेटो के सदस्यता पर ट्रंप ने क्या कहा

ब्रुसेल्स में नेटो मुख्यालय की तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि ज़ेलेंस्की को पता है कि वो कभी नेटो के सदस्य नहीं बनने वाले (नेटो मुख्यालय की तस्वीर)

ट्रंप ने इंटरव्यू में कहाकि उन्हें लगता है कि ज़ेलेंस्की अमेरिका के साथ खनिज सौदे पर फिर से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं.

ज़ेलेंस्की ने पहले कहा था कि वह समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं.

इस समझौते पर फरवरी में हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी, लेकिन फ़रवरी महीने के अंत में व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं की बैठक में तीखी बहस के बाद यह समझौता पटरी से उतर गया था.

ट्रंप ने रविवार को कहा कि ज़ेलेंस्की बेहतर सुरक्षा गारंटी पाने के लिए समझौते में बदलाव करना चाहते थे.

ट्रंप ने कहा, "वो नेटो का सदस्य बनना चाहते हैं. हालांकि वो कभी भी नेटो का सदस्य नहीं बनने वाले थे, इस बात को ज़ेलेंस्की समझते हैं.

हलांकि बाद में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप के सुर में पुतिन के लिए नरमी थी.

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि पुतिन अपनी बात से पीछे हटेंगे. मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं. हमारे बीच हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं."

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वो इस सप्ताह के अंत में पुतिन से बात करेंगे.

ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया

ज़ेलेंस्की ने कहा कि पुतिन को कूटनीति की कोई परवाह नहीं है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की ने कहा कि पुतिन को कूटनीति की कोई परवाह नहीं है

ट्रंप के इंटरव्यू के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "रूस इस युद्ध को और आगे तक खींचने के लिए बहाने लताश रहा है."

उन्होंने कहा, "पुतिन वही खेल खेल रहे हैं जो वो साल 2014 से खेल रहे हैं, जब रूस ने क्रीमिया प्रायद्वीप पर एकतरफा हमला कर कब्जा कर लिया था."

उनका कहना है, "यह सभी के लिए ख़तरनाक है और अमेरिका, यूरोप और शांति चाहने वाले हमारे सभी वैश्विक साझेदारों की ओर से उचित प्रतिक्रिया होनी चाहिए."

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रविवार रात को अपने देश के लोगों को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी.

ज़ेलेंस्की ने कहा कि पुतिन को कूटनीति की कोई परवाह नहीं है और युद्ध रोकने के लिए रूस पर और ज़्यादा दबाव डालने की ज़रूरत है.

ज़ेलेंस्की ने कहा, "पिछले कुछ हफ़्तों से, अमेरिका की ओर से बिना शर्त युद्ध विराम का प्रस्ताव पेश किया गया है और लगभग इन प्रस्तावों के जवाब में रूसी ड्रोन, बम, तोपखाने की गोलाबारी और बैलिस्टिक हमले होते हैं."

ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस पर ज़्यादा दबाव डालना चाहिए.

उन्होंने ये भी कहा कि रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए, ताकि उसकी युद्ध करने की ताक़त और उसकी युद्ध चाहने वाली व्यवस्था को ख़त्म किया जा सके.

रूस का क्या रुख़ है

पुतिन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, रूस का कहना है कि यूक्रेन में चुनाव के बाद ''वैध'' सरकार से शांति समझौते पर बातचीत हो सकती है

रूस का कहना है कि मौजूदा यूक्रेनी अधिकारी अवैध हैं, क्योंकि राष्ट्रपति जेलेंस्की अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भी सत्ता में बने हुए हैं और इसलिए वो बातचीत के लिए वैध साझेदार नहीं हैं.

लेकिन ज़ेलेंस्की इसलिए पद पर बने हुए हैं क्योंकि कानूनी तौर पर मार्शल लॉ की वजह से और व्यावहारिक तौर पर युद्ध की अराजकता के कारण चुनावों को स्थगित कर दिया गया है.

पचास लाख से अधिक यूक्रेनी नागरिक विदेशों में विस्थापित हैं और लाखों लोग अपने घरों से दूर रूस के ख़िलाफ़ मोर्चे पर लड़ रहे हैं, ऐसे में यूक्रेन में वैध चुनाव कराना तक़रीबन असंभव होगा.

रूस ने फरवरी 2022 में अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया था. मौजूदा समय में उसका यूक्रेन के क़रीब 20% इलाक़े पर नियंत्रण है.

बीबीसी रशियन, स्वतंत्र मीडिया समूहों और स्वयंसेवकों के विश्लेषण से मिले आंकड़ों के मुताबिक़, यूक्रेन में युद्ध के चौथे साल में प्रवेश करने तक रूसी सेना के लिए लड़ने वाले एक लाख से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

यूक्रेन ने आखिरी बार दिसंबर 2024 में अपने हताहतों के आंकड़ों को अपडेट किया था, जब राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सैनिकों और अधिकारियों के बीच यूक्रेन के 43 हज़ार लोगों की मौत को स्वीकार किया था. हालांकि पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है कि यह आंकड़ा कम करके आंका गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)