मुख़्तार अंसारी की ऑटोप्सी रिपोर्ट आई सामने, डॉक्टरों ने क्या बताया - प्रेस रिव्यू

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उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी की ऑटोप्सी रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है.
इस खबर को हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने यहां प्रमुखता से छापा है. अखबार का कहना है कि ऑटोप्सी रिपोर्ट में ज़हर देने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है.
गुरुवार शाम को मुख़्तार अंसारी की मौत के बाद से उनके परिवार से लेकर कई नेताओं ने दावा किया था कि उन्हें ज़हर दिया गया है.
अख़बार के मुताबिक रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के एक पैनल ने ऑटोप्सी की है. यह वही अस्पताल है, जहां अंसारी ने अंतिम सांस ली थी.
ख़बर के मुताबिक जब ऑटोप्सी हो रही थी, तो परिवार के लोग ऑटोप्सी रूम में मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई है.
ऑटोप्सी करने के बाद डॉक्टरों ने विसरा को सुरक्षित रख लिया है, जिसे फॉरेसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें कहीं कोई ज़हर तो नहीं दिया गया था.
ऑटोप्सी के बाद मुख़्तार अंसारी के शव को भारी सुरक्षा के बीच उनके पैतृक स्थान गाजीपुर ले जाया गया.
अख़बार के मुताबिक गाज़ीपुर में मोहम्मदाबाद के काली बाग के कब्रिस्तान में एक कब्र खोदी गई है, जहां शनिवार को उन्हें दफनाया जाएगा. इसी कब्रिस्तान में मुख्तार अंसारी के माता-पिता को भी दफनाया गया है.
वहीं इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने भी मुख्तार अंसारी की ऑटोप्सी को लेकर खबर छापी है. अखबार के मुताबिक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को मौत की न्यायिक जांच का आदेश दिया है.
बांदा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भगवान दास गुप्ता ने जांच करने और एक महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरिमा सिंह को नियुक्त किया है.
इससे अलग जेल नियमों के मुताबिक बांदा की ज़िला मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल ने भी न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.
यह जांच अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार करेंगे.
बेटे ने कहा- न्याय की उम्मीद नहीं

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मुख़्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने ज़िलाधिकारी को पत्र लिखकर एम्स के डॉक्टरों से ऑटोप्सी करवाने की मांग की थी.
उमर ने दावा किया कि उनके पिता को एक सुनियोजित योजना के तहत शिकार बनाया गया है और उन्हें स्थानीय प्रशासन और मेडिकल टीम से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है.
अखबार के मुताबिक अपने पत्र में उमर ने 21 मार्च को वकीलों के ज़रिए बाराबंकी और बांदा की अदालत को बताया था कि उनके पिता को भोजन में धीमा ज़हर मिलाकर दिया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 40 दिन पहले भी ऐसी ही ज़हर देने की घटना हुई थी, जिससे उनके पिता की सेहत पर काफी असर पड़ा था.
अखबार के मुताबिक उमर ने पत्र में लिखा कि 26 मार्च को उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें सुबह 4 बजे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की हालत गंभीर होने के बावजूद उन्हें उनसे मिलने की इजाज़त नहीं दी गई.
मोहम्मदाबाद में अंसारी परिवार के घर पर मुख्तार अंसारी के भतीजे और स्थानीय समाजवादी पार्टी के विधायक सुहैब अंसारी ने भी ज़हर देने का आरोप लगाया.
केजरीवाल की गिरफ्तारी और लोकसभा का टिकट

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दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में अभियुक्त से सरकारी गवाह बने राघव मगुंटा रेड्डी के पिता मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के पिता को तेलुगु देशम पार्टी ने लोकसभा का टिकट दिया है.
इस खबर को इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है. राघव मगुंटा के कारण ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई है.
आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. हाल ही में टीडीपी, एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनी है.
अखबार के मुताबिक दोनों 28 फरवरी को वाईएसआर कांग्रेस छोड़ टीडीपी में शामिल हुए थे और तब से पिता-पुत्र चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं.
मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी ओंगोल से चार बार के सांसद हैं. अखबार के मुताबिक वे इस बार अपने बेटे के लिए टिकट चाह रहे थे.
अखबार के मुताबिक आंध्र प्रदेश में टीडीपी, जन सेना पार्टी और भाजपा मिलकर चुनाव लड़ रही हैं और अब तक चार लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का एलान कर चुकी हैं.
आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ 13 मई को होने हैं.
गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी बात रखी तो उसमें पिता-पुत्र की जोड़ी का जिक्र सुनाई दिया था.
अखबार के मुताबिक सीएम केजरीवाल ने कहा था कि फरवरी, 2023 में बेटे की गिरफ्तारी के बाद श्रीनिवासुलु ने दबाव में उनके खिलाफ बयान दिया था.
राघव को अक्टूबर, 2023 में ज़मानत दे दी गई और वे सरकारी गवाह बन गए.
कांग्रेस ने कहा- ‘टैक्स टेररिज्म’

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आयकर विभाग ने कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को नोटिस जारी किया है. इस खबर को जनसत्ता अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
खबर के मुताबिक आयकर विभाग ने पिछले सालों के आयकर भरने के मामले में हुई गड़बड़ियों के लिए कांग्रेस और पुराने पैन कार्ड के इस्तेमाल के कारण भाकपा को नोटिस जारी किए हैं.
दोनों पार्टियों ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी. अखबार के मुताबिक कांग्रेस को 1823.08 करोड़ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 11 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया है.
कांग्रेस ने शुक्रवार को इसे ‘कर आतंकवाद’ बताते हए कहा कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आयकर विभाग ने पांच अलग-अलग वित्तीय वर्षों के टैक्स रिटर्न में कथित गड़बड़ियों के लिए 1823.08 करोड़ के भुगतान के नए नोटिस उसे जारी किए हैं.
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने खुद को लेकर आंखें बंद कर रखी हैं, जबकि उस पर 4600 करोड़ का जुर्माना बनता है.
अखबार के मुताबिक कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि इस मामले में जल्द ही पार्टी सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेगी.
उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चलता है कि जिन आधार पर कांग्रेस पार्टी पर जुर्माना लगाया गया है, उन्हीं मामले में भारतीय जनता पार्टी पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है.
अखबार के मुताबिक पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भी दावा किया है कि लोकसभा चुनाव से पहले ‘टैक्स टेररिज्म’ के जरिए विपक्ष पर हमला किया जा रहा है.
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