अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर बीजेपी के दांव से पसोपेश में विपक्ष- प्रेस रिव्यू

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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर विपक्ष के एक जैसे सुर सुनने को नहीं मिल रहे हैं.
एक पक्ष निमंत्रण मिलने के बाद कार्यक्रम में जाने या न जाने को लेकर संशय में है तो वहीं किसी को इसका निमंत्रण ही नहीं मिला है.
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी समेत मल्लिकार्जुन खड़गे और अधीर रंजन चौधरी को जहाँ निमंत्रण दिया गया है वहीं शिव सेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को कोई न्योता नहीं मिला है.
अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिंदू’ लिखता है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के मुद्दे का विपक्ष कैसे सामना करे इसकी उसके पास कोई योजना नज़र नहीं आती है.
अख़बार लिखता है कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना इस बात को लेकर कर रहा है कि उन्होंने एक धार्मिक कार्यक्रम को राजनीति का मामला बना दिया है. इस मुद्दे पर विपक्ष भी अलग-अलग सुर में बोल रहा है.
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट केवल राजनीतिक दलों के प्रमुखों को निमंत्रण भेज रहा है.. न कि मुख्यमंत्रियों को.
क्या कह रहे हैं नेता

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भगवान राम में अपनी अटूट आस्था जताई है.
सुक्खू का कहना है, “अगर अयोध्या से कोई निमंत्रण नहीं भी मिलता है, तो भी भगवान राम हमारी आस्था का मूल और आदर्श हैं. चाहे हमें निमंत्रण मिले या न मिले, ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम उनके (भगवान राम) दिखाए रास्ते पर चलें.”
इसके साथ ही सुक्खू का कहना है कि इस कार्यक्रम का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.
पूर्व और वर्तमान कांग्रेस अध्यक्षों सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को निमंत्रण मिला है लेकिन उन्होंने अभी तक इसमें शामिल होने को लेकर फ़ैसला नहीं किया है.
वहीं केरल में वामपंथी दल और आईयूएमएल जैसे कांग्रेस के सहयोगी संगठन उस पर इस मुद्दे को लेकर दुविधा में रहने को लेकर हमलावर हैं.
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी पहले ही कह चुके हैं कि वो इस समारोह में भाग नहीं लेंगे.
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से रविवार को इस समारोह में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने अस्पष्ट जवाब देते हुए कहा था ‘जब भी भगवान मुझे बुलाएंगे मैं’ मंदिर जाऊंगा.
उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वज और समुदाय के लोग ये मानते हैं कि जब भगवान बुलाते हैं सिर्फ़ तभी हम जाते हैं और पूजा करते हैं.”
राउत बोले- बीजेपी ने भगवान को किडनैप किया

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हालांकि, आरजेडी ने इस मुद्दे पर साफ़ स्टैंड लेते हुए 22 जनवरी के कार्यक्रम को एक राजनीतिक अभ्यास बताया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज कुमार झा ने कहा है कि पार्टी सांप्रदायिक सौहार्द्र को लेकर प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, “आस्था एक निजी मसला है और यहां तक कि भगवान भी इस तरह के अशोभनीय सार्वजनिक प्रदर्शन से व्यथित होंगे. अगर मर्यादा पुरुषोत्तम ख़ुद 22 जनवरी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के बाद ज़मीन पर आ जाएं तो वो पीएम मोदी से सवाल करेंगे. वो पूछेंगे कि मेरे युवाओं के लिए रोज़गार कहाँ हैं और ग़रीबी के समंदर के बीच आय वितरण में असमानता क्यों है.”
शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) ने बीजेपी पर चुनावी फ़ायदे के लिए राम मंदिर का ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. शिवसेना का राम मंदिर आंदोलन के साथ जुड़ाव रहा है.
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बीजेपी पर भगवान राम का ‘अपहरण’ करने का आरोप लगाते हुए कहा, “अब सिर्फ़ ये रह गया है कि बीजेपी ये घोषणा कर दे कि भगवान राम चुनाव के लिए उसके उम्मीदवार होंगे.”
उद्धव ठाकरे समारोह में जाएंगे या नहीं? इस सवाल पर उन्होंने कहा, “ठाकरे ज़रूर जाएंगे लेकिन बीजेपी के समारोह के बाद. बीजेपी के कार्यक्रम में क्यों जाना चाहिए? ये राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है. बीजेपी इस कार्यक्रम के लिए रैलियां और कैंपेनिंग कर रहा है लेकिन इसमें पवित्रता कहां है.”
आईआईटी-बीएचयू यौन हिंसा के अभियुक्तों को लेकर कांग्रेस हमलावर

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आईआईटी-बीएचयू के कैंपस में उसकी छात्रा के साथ कथित यौन हिंसा को लेकर गिरफ़्तार तीन युवकों पर राजनीति तेज़ हो गई है.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, कांग्रेस ने सोमवार को अभियुक्तों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेताओं के साथ ली गईं कथित तस्वीरों को शेयर किया.
अभियुक्तों की सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल के मुताबिक़ वे पार्टी की वाराणसी के आईटी सेल का हिस्सा हैं. हालांकि, बीजेपी ने इन लोगों से दूरी बना ली है.
इसके साथ ही बीजेपी ने कहा है कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पिछली सरकारों के तहत जिस तरह होती थी वो उसके बिलकुल उलट है.
वाराणसी पुलिस ने शनिवार को बताया था कि उसने 1 नवंबर की रात को हुई घटना के मामले में कुणाल पांडे (28 साल), सक्षम पटेल (20 साल) और अभिषेक चौहान (22 साल) को गिरफ़्तार किया है.
अभियुक्तों की बीते तीन साल में वरिष्ठ बीजेपी नेताओं के साथ ली गई कई कथित तस्वीरों पर यूपी बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है.
यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा है कि नेताओं के साथ जिस तरह से आम लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं ये उसी तरह से है और जब पार्टी को गिरफ़्तारी के बारे में पता चला तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया.
नीतीश बन सकते हैं इंडिया गठबंधन के संयोजक

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी गठंबधन इंडिया के संयोजक बनाए जा सकते हैं.
हिंदी अख़बार अमर उजाला के मुताबिक़, नाराज़ नीतीश को मनाने के लिए कांग्रेस गठबंधन की अगली बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव ला सकती है.
अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़, कांग्रेस नीतीश की नाराज़गी से ही नहीं, बल्कि बिहार में जेडीयू-आरजेडी के बीच बढ़ती खटास से भी बेचैन है.
उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव छह जनवरी से तय अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा को रद्द कर चुके हैं, जिसके लिए भी खटास को ज़िम्मेदार माना जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, नीतीश ने बीते शुक्रवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सीधे तौर से अपनी अनदेखी का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि बिहार जातिगत जनगणना और आरक्षण का दायरा बढ़ाने के उनके ऐतिहासिक फैसले का कांग्रेस कहीं ज़िक्र नहीं कर रही है.
इसी बैठक में नीतीश ने ललन सिंह से इस्तीफ़ा लेकर संगठन की कमान खुद संभाल ली थी.
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