दिल्ली में हार के बाद 'आप' के पुराने साथी क्या बोले? सोशल मीडिया पर भी चर्चा

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी अब करीब 27 साल के लंबे अंतराल के बाद सत्ता में लौटेगी.
बीजेपी क़रीब ढाई दशक बाद सत्ता में वापसी कर रही है.
आठ फरवरी शाम पांच बजे तक- चुनाव आयोग के मुताबिक़, बीजेपी 40 और आम आदमी पार्टी 18 सीटों पर जीत चुकी है.
बीजेपी की ये जीत इतनी बड़ी है कि आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरों को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है.
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सत्येंद्र जैन और अवध ओझा भी चुनाव नहीं जीत सके हैं.
ऐसे में बीजेपी की जीत और आम आदमी पार्टी की हार पर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है.
केजरीवाल के कभी नजदीकी सहयोगी रहे लोगों से लेकर आम लोग तक, चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

केजरीवाल के पूर्व सहयोगी क्या कुछ बोले?

कुमार विश्वास ने मीडिया से कहा, ''दिल्ली के लोगों को उससे मुक्ति मिल गई है.''
विश्वास बोले, ''आज टीवी पर जब जंगपुरा का निर्णय आया और सामने दिखा कि मनीष हार गया तो सदा तटस्थ रहने वाली और राजनीति से विरक्त रहने वाली मेरी पत्नी की आंख में आंसू आ गए और वो रोने लगी. क्योंकि उसी से उसने (सिसोदिया) कहा था कि अभी तो है ताकत. तो उसने (पत्नी ने) कहा कि भैया ताकत सदा तो नहीं रहती."
इन चुनावों में मनीष सिसोदिया की पटपड़गंज सीट बदल गई थी. उन्होंने जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ा था. मगर सिसोदिया जंगपुरा से क़रीब 600 वोटों से हार गए हैं.
आम आदमी पार्टी का जन्म अन्ना हजारे के 2011 के आंदोलन के बाद हुआ था. मगर बाद के दिनों में केजरीवाल और अन्ना हजारे के बीच दूरियां देखने को मिलीं.
अन्ना हजारे ने चुनावी नतीजे पर कहा, "मैं बार-बार बताता गया, लेकिन उनके दिमाग में नहीं आया और आख़िर में शराब की बात आ गई. शराब की बात क्यों आ गई क्योंकि पैसे में बह गए. शराब के कारण वो बदनाम हो गए. लोगों को भी मौका मिला कि वो ये कह सकें कि ये चरित्र के बारे में बोलता है और दूसरी तरफ़ शराब की बात करता है."
स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी से राज्यसभा पहुंची थीं. मगर बीते कुछ महीनों में स्वाति मालिवाल खुलकर 'आप' के ख़िलाफ़ बोलती रही हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की हार के बाद स्वाति मालीवाल ने मीडिया से कहा, ''घमंड किसी का ज़्यादा दिन तक नहीं टिकता. रावण का भी घमंड चूर-चूर हो गया था तो ये तो अरविंद केजरीवाल जी हैं. आज दिल्ली पूरी तरह से कूड़ेदान बन गई है. लोगों को गंदा पानी मिल रहा है. वायु प्रदूषण चरम सीमा पर है. लोगों ने इन सारे मुद्दों पर ये किया है कि केजरीवाल ख़ुद अपनी सीट पर हार गए हैं.''
केजरीवाल के पुराने सहयोगी रहे योगेंद्र यादव ने कहा, ''ये एक धक्का है, सबक है और संभावना है. धक्का सिर्फ आम आदमी पार्टी के लिए नहीं, ये उन लोगों के लिए भी धक्का है जो वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं को इस देश में देख रहे थे. ये पूरे विपक्ष के लिए भी धक्का है.''

सोशल मीडिया पर आम लोग क्या बोले
दिल्ली चुनाव के नतीजों की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है.
पैरोडी अकाउंट भगत राम ने एक्स पर लिखा गया, ''दिल्ली में एलजी ने भी अपनी हार स्वीकार की. कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ ही मेरे हाथ से भी सत्ता चली गई.''
आकाश मिश्रा ने अवध ओझा की हार पर कहा, ''सोशल मीडिया पर तो अवध ओझा राजा बन गए, लेकिन राजनीतिक स्तर पर अवध ओझा राजा नहीं बन सके.''
कुछ लोग सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के पुराने बयानों को साझा कर रहे हैं.
इन बयानों में केजरीवाल ख़ुद को दिल्ली का मालिक बताते नज़र आते हैं. ये बात वो जनता के चुने हुए नेता के संदर्भ के तौर पर कह रहे थे.
अमन नाम के यूज़र ने एक्स पर लिखा, ''इतना अहंकार ठीक नहीं होता अरविंद केजरीवाल जी. आज तो पता चल ही गया होगा.''
सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थकों के हैंडल्स सीएम पद के लिए नुपुर शर्मा के नाम की चर्चा कर रहे हैं. कुछ लोगों का लिखना है कि नुपुर को सीएम बनाया जाना चाहिए.
यूज़र्स के बीच सीएम पद के लिए नुपुर के अलावा रमेश बिधूड़ी, वीरेंद्र सचदेवा और प्रवेश वर्मा का नाम भी लिया जा रहा है. हालांकि बीजेपी की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है.
हालाँकि अतीत में कई बार ये देखने को मिला है कि बीजेपी जिन राज्यों में जीतती है, वहां सीएम पद को लेकर जो नाम चर्चा में रहते हैं... बीजेपी का आलाकमान एक नए नाम से चौंका देता है.
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव इसका उदाहरण हैं.
कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ऐसे मीम शेयर कर रहे हैं, जिसमें रेस ट्रैक से बीजेपी और आप आगे बढ़ती दिख रही हैं. वहीं कांग्रेस उल्टी दिशा में दौड़ती नज़र आ रही है.
यूज़र्स के बीच राहुल गांधी की तस्वीरें शेयर करते हुए भी लोग लिख रहे हैं- राहुल से लोग हाथ मिलाने तो आते हैं, मगर वोट देने नहीं आते.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
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