कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में मनोज तिवारी के ख़िलाफ़ क्यों चुना?- प्रेस रिव्यू

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कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर कन्हैया कुमार को टिकट दिया है.
इस सीट से बीजेपी के मनोज तिवारी सांसद हैं और इस बार भी बीजेपी की टिकट पर चुनावी मैदान में हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट का नतीजा चाहे जो आए मगर 37 साल के कन्हैया कुमार पार्टी में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
दिल्ली में कांग्रेस की हालत बीते कुछ सालों में काफी कमज़ोर हुई है. दिल्ली विधानसभा में इस वक़्त कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है और बीते दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही है.
उत्तर पूर्वी दिल्ली में साल 2020 में दंगे हुए थे और इस दंगे में सैकड़ों लोग प्रभावित हुए थे. कई लोगों की इन दंगों में जान गई थी.
इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि कन्हैया कुमार के इस सीट पर चुनाव लड़ने से ध्रुवीकरण बढ़ेगा और इससे बीजेपी को फ़ायदा हो सकता है.
पार्टी नेताओं का कहना है कि वो कम्युनिस्ट बनाम सनातन धर्म के नैरेटिव के साथ आगे बढ़ेंगे.
कन्हैया कुमार जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं.
कन्हैया कुमार पर आम आदमी पार्टी की नज़र

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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कन्हैया कुमार को इस सीट पर उतारने का फ़ैसला पार्टी के लंबे वक़्त की रणनीति का हिस्सा है.
कांग्रेस की नई सहयोगी आम आदमी पार्टी को इस बात का अंदाज़ा है.
आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि एक वक़्त में पार्टी ने कन्हैया कुमार को चुनाव में उतारने पर विचार किया था और अगर कांग्रेस ने कन्हैया का सही से इस्तेमाल किया तो वो अपनी खोयी ज़मीन फिर से हासिल कर सकती है.
कन्हैया कुमार पढ़े लिखे और अच्छे वक्ता हैं. वो ख़ुद बिहार के बेगूसराय से हैं. अखबार लिखता है कि कन्हैया कुमार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए फिट बैठते हैं.
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''पार्टी हाई कमांड ख़ासकर राहुल गांधी कन्हैया कुमार को भरोसे की नज़र से देखते हैं और उम्मीद करते हैं कि कन्हैया कुमार पार्टी की विचारधारा को संगठन के भीतर बाहर अच्छे से विस्तार देंगे.''
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''पार्टी उनको बड़ी ज़िम्मेदारी दे सकती है, ख़ासकर संगठन के स्तर पर.''
कन्हैया कुमार दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं. 2019 लोकसभा चुनावों में वो बिहार की बेगूसराय सीट पर बीजेपी के गिरिराज सिंह के ख़िलाफ़ मैदान में थे.
उस चुनाव में कन्हैया कुमार को हार मिली थी. ये चुनाव कन्हैया ने सीपीआई की टिकट पर लड़ा था. बाद में वो कांग्रेस में आ गए.
अखबार लिखता है कि कन्हैया कुमार का कद पार्टी में बढ़ा ही है.
फिलहाल कन्हैया कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के प्रमुख हैं और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी हैं.
कन्हैया को मिलेगी बड़ी ज़िम्मेदारी?

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कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में अपनी सहयोगी आम आदमी पार्टी से तीन सीटें मिली हैं.
कांग्रेस ने अपने कुछ वरिष्ठ नेताओं संदीप दीक्षित, अरविंदर सिंह लवली को टिकट नहीं दी है. ये नेता लोकसभा चुनावों में टिकट चाह रहे थे.
कन्हैया के सामने भी पूर्वांचली चेहरा मनोज तिवारी हैं, जो दो बार से उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से सांसद रहे हैं.
मनोज तिवारी ने कन्हैया कुमार को टिकट मिलने पर उन्हें राजनीतिक पर्यटक बताया.
मनोज तिवारी बोले, ''क्या कांग्रेस में ऐसा कोई नहीं है जो देश और सेना की इज़्ज़त करता हो. कांग्रेस, इंडिया गठबंधन के नेताओं का पर्दाफाश हो चुका है.''
अख़बार लिखता है कि कन्हैया कुमार पर आम आदमी पार्टी भी नज़र बनाए हुए है. पार्टी के एक नेता ने कहा कि 2019-20 में आम आदमी पार्टी भी कन्हैया के नाम पर विचार कर रही थी, मगर कोई फ़ैसला नहीं हो सका.
कन्हैया 2021 में कांग्रेस में शामिल हो गए.
कांग्रेस के अंदर भी कन्हैया कुमार को टिकट दिए जाने पर सब ख़ुश नहीं हैं. इन पार्टी नेताओं को लगता है कि कन्हैया कुमार न सिर्फ चुनाव हारेंगे बल्कि उनकी देश विरोधी छवि से पार्टी को भी नुकसान होगा.
पार्टी के एक नेता ने कहा, ''पांच साल पहले कांग्रेस में आए कन्हैया कुमार पर राहुल गांधी अगर इतना निवेश कर रहे हैं तो मतलब साफ है कि दिल्ली में संगठन के स्तर पर वो बड़े बदलाव करने की तैयारी में हैं.''
स्टालिन बोले- मोदी और शाह दक्षिण भारत इसलिए आ रहे हैं...

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द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी राज्य का दौरा उत्तर भारत में होने वाले नुकसान की भरपाई करने के इरादे से कर रहे हैं.
बीते कुछ महीनों में पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बार तमिलनाडु का दौरा किया है.
स्टालिन ने कहा, ''पीएम मोदी की अगुवाई में उत्तर भारत में बीजेपी नुकसान की स्थिति में चल रही है. इसी कारण मोदी और अमित शाह दक्षिण भारत के राज्यों का दौरा कर रहे हैं, ख़ासकर तमिलनाडु.. बीजेपी की विचारधारा लोगों के ख़िलाफ़ है.''
स्टालिन ने कहा कि ये चुनाव इस बारे में ज़्यादा है कि किसे सत्ता में नहीं आना चाहिए न कि ये कि किसे सत्ता में आना चाहिए.
स्टालिन ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने गुजरात मॉडल और विकास पुरुष का जो नकाब लगाया हुआ था, वो अब उतर गया है और भ्रष्ट मोदी सबके सामने आ गए हैं. लोग नाराज़ हैं क्योंकि अपने फ़ायदे के लिए उन्होंने पूरे देश को बर्बाद किया है.
इंडिया गठबंधन साझा घोषणापत्र करेगा जारी

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द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया जल्द अपना साझा घोषणापत्र जारी करेगा.
इस घोषणापत्र को जारी करने का मकसद है कि ये संदेश दिया जा सके कि चुनावों से पहले इंडिया गठबंधन साथ है.
सूत्रों ने अखबार को बताया है कि घोषणापत्र का मसौदा तैयार कर लिया गया है. ये घोषणापत्र अगले दो-तीन दिन में जारी हो सकता है.
बीते दिनों पहले कांग्रेस और फिर बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया है.
माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन का घोषणापत्र युवाओं, रोज़गार और सामाजिक योजनाओं पर केंद्रित हो सकता है.
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