ग़ज़ा पर ट्रंप के एआई वीडियो पोस्ट करने के पीछे क्या है उनकी मंशा?

ट्रंप

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ट्रंप पहले भी ग़ज़ा को खाली कराकर उसके पुनर्निर्माण की बात कह चुके हैं, जिसका अरब देशों ने विरोध किया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ज़ा को लेकर एक एआई जेनरेटेड वीडियो अपने ट्रुथ सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है, जिस पर हज़ारों लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

पिछले दो सालों में ग़ज़ा में क़रीब 48 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है.

कुछ ऑनलाइन यूज़र्स इसे कन्फ़्यूज़न बढ़ाने वाला बता रहे हैं जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक व्यंग्य मानकर ट्रोलिंग का दिलचस्प तरीक़ा बता रहे हैं.

बीबीसी वेरिफ़ाई ने जानने की कोशिश की कि इस वीडियो को पोस्ट करने के पीछे सोशल मीडिया रणनीति क्या है और यह क्यों मायने रखता है?

लाइन

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिएयहाँ क्लिक करें

लाइन

वीडियो में क्या है?

ग़ज़ा का एआई वीडियो

इमेज स्रोत, @realDonaldTrump/ Truth Social

इमेज कैप्शन, ग़ज़ा के काल्पनिक वीडियो को ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल हैंडल पर पोस्ट किया है.

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाए गए इस नाटकीय वीडियो में ग़ज़ा के समुद्र तट का काल्पनिक नज़ारा दिखाया गया है.

वीडियो की शुरुआत में दिखाया गया है कि ग़ज़ा में एक बंदूकधारी एक बच्चे पर बंदूक ताने हुए है और पास ही बैठे एक आदमी से कुछ छीन रहा है. वीडियो के ऊपर लिखा आता है 'ग़ज़ा.'

इसमें ग़ज़ा की तबाही, हथियारबंद लोग और फिर इमारतें बनाने वाली बड़ी बड़ी मशीनें दिखाई गई हैं और फिर एक खंडहर से 'नए ग़ज़ा' का काल्पनिक बीच दिखाया गया है.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

वीडियो में एक खंडहर से कुछ बच्चे बीच की ओर जा रहे हैं, जहां खंडहर के टूटे हुए हिस्से से, बीच के किनारे बनी गगनचुंबी इमारतें दिख रही हैं.

इसके दूसरे सीन में एक चहल पहल वाली सड़क दिख रही है जिसके दोनों ओर अपार्टमेंट बने हुए हैं. तीसरे सीन में एलन मस्क को बीच पर बर्गर खाते हुए दिखाया गया है.

इसके अगले हिस्से में डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को बीच पर धूप सेंकते हुए कॉकटेल का आनंद लेते दिखाया गया है और उनके ठीक पीछे लिखा है 'ट्रंप ग़ज़ा.'

इसमें एक आलीशान इमारत भी दिखाई गई है जिस पर लिखा है 'ट्रंप ग़ज़ा.'

वीडियो के एक हिस्से में ग़ज़ा में ट्रंप की एक विशाल मूर्ति लगी दिखाई गई है और कुछ पुरुषों को अरब के महिला परिधानों में डांस करते हुए दिखाया गया है.

इसके अलावा वीडियो में एलन मस्क को डॉलर उड़ाते, बच्चों को आसमान से गिरते डॉलर की ओर लपकते दिखाया गया है.

एआई जेनरेटेड वीडियो को अक्सर किसी मुद्दे पर व्यंग्य करने या लोगों को चौंकाने के लिए बनाया जाता है. इससे पहले ग़ज़ा में जारी विनाश को दिखाने के लिए एआई जेनरेडेट कई वीडियो का सहारा लिया गया.

इसी तरह की एक तस्वीर पोस्ट की गई थी, जिसमें मिस्र और गज़ा की सीमा पर स्थित रफ़ाह में हज़ारों की तादाद में सहायता सामग्री लिए ट्रकों को दिखाया गया और उस पर उकेरा गया था- 'ऑल आईज़ ऑन रफ़ाह.'

सोशल मीडिया पर इसकी काफ़ी आलोचना हुई और ग़ज़ा में जारी महाविनाश को कम करके दिखाने की इसे कोशिश बताया गया.

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

ट्रंप ग़ज़ा

इमेज स्रोत, @1goodtern

इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप के एआई जेनरेटेड वीडियो पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

इस वीडियो को लेकर तमाम सोशल मीडिया वेबसाइटों पर यूज़र्स की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कुछ लोगों ने इसे आपत्तिजनक और अपमानजक बताया है.

वहीं कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने ग़ज़ा के विनाश के लिए हमास और ईरान के इस्लामी राज्य को दोषी ठहराया है और कुछ वीडियो साझा किए हैं.

एक यूज़र ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, "ट्रंप का वीडियो याद दिलाता है कि हमास और ईरानी इस्लामिक राज से पहले ग़ज़ा कैसा था."

एक यूज़र ने ट्रंप के वीडियो के जवाब में एआई जेनरेटेड एक दूसरा वीडियो पोस्ट किया है जिसमें तबाह हुए ग़ज़ा बीच पर ट्रंप, बाइडन, नेतन्याहू और एलन मस्क को दिखाया गया है, जबकि उनकी पृष्ठभूमि में भूमध्यसागर का पानी लाल है.

एक वीडियो टिकटॉक पर पोस्ट किया गया है और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्ची ये कहते सुनाई देती है, "हम ग़ज़ा कभी खाली नहीं करेंगे."

एक यूज़र केर बीयर ने एक कार्टून पोस्ट करते हुए लिखा, "ट्रंप ग़ज़ा के एआई वीडियो के बहकावे में आने की ज़रूरत नहीं."

कुछ अमेरिकी मतदाताओं ने भी नाराज़गी ज़ाहिर की है. ऐसे ही एक मतदाता बिल मैडेन ने लिखा, "यह वीडियो उनके लिए है जिन्होंने ग़ज़ा की खातिर कमला हैरिस को वोट देने से इनकार किया, जबकि हमने कहा था कि क्या होने वाला है, लेकिन उन लोगों ने सुना नहीं."

कुछ लोगों ने वीडियो में ट्रांस महिलाओं को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है. ट्रंप ने एलजीबीटीक्यू और ट्रांस महिलाओं को जेंडर को मानने से इनकार कर दिया है और कहा कि अमेरिका में सिर्फ दो जेंडर को मान्यता मिलेगी.

एक यूज़र ने कहा कि ट्रंप ग़ज़ा को जुआघर बनाना चाह रहे हैं. कुछ लोगों ने इसे प्रोपेगैंडा वीडियो क़रार दिया है.

ट्रंप की सोशल मीडिया रणनीति क्या है?

ट्रंप

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान में भी ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रेंड्स का जम कर इस्तेमाल किया था.

सोशल मीडिया ट्रेंड्स को अपने प्रचार के लिए भुनाने के लिए ट्रंप जाने जाते हैं. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान इन्होंने इसका जमकर इस्तेमाल किया.

उन्होंने लाइव स्ट्रीमिंग और पॉडकास्ट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की कोशिश की.

इसके अलावा ट्रंप के समर्थकों या छोटे नेताओं ने उनको लेकर एआई जेनरेटेड वीडियो साझा किए थे, जिनकी पहचान स्पष्ट नहीं है.

इसी तरह के एक काल्पनिक वीडियो में ट्रंप और एलन मस्क को डांस करते हुए दिखाया गया था.

फ़रवरी की शुरुआत में ऐसी ही एक एआई जेनरेटेड तस्वीर साझा की गई थी, जिसमें ध्वस्त घरों वाली ग़ज़ा की एक सड़क पर एक बच्चे के साथ दो लोग जा रहे हैं. उस पर लिखा था- 'व्हाट नेक्स्ट?' (आगे क्या?).

इसके बाद ट्रंप ने अपनी कल्पना वाले ग़ज़ा का एआई जेनरेटेड ताज़ा वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो को हज़ारों लोगों ने साझा किया.

इस तरह का कंटेंट 'रेज बेट' कहा जाता है यानी प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाना.

हालांकि ट्रंप ने इस वीडियो को पोस्ट करने के बाद अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि यह एक 'रेज बेट' हो सकता है.

सोशल मीडिया का एलॉगरिद्म ऐसा होता है कि भावनाओं, कमेंट और शेयर पर कोई चीज़ वायरल होती है तो उसे ऑनलाइन और बढ़ावा मिलता है.

यह लोगों को प्रतिक्रिया करने के लिए उकसाता है, भले ही यह नकारात्मक हो या सकारात्मक हो. इससे इसकी पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक होती है और अधिक दर्शक आने से विज्ञापन एंगेजमेंट बढ़ता है और सोशल मीडिया कंपनियों का मुनाफ़ा भी.

ग़ज़ा को लेकर ट्रंप की योजना

ग़ज़ा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, जब से हमास और इसराइल के बीच जंग शुरू हुई है, ग़ज़ा में बड़े पैमाने पर इमारतें ध्वस्त हुई हैं. .

ट्रंप ने इससे पहले ग़ज़ा को लेकर एक योजना पेशकश की थी और कहा था कि वह 'ग़ज़ा को मध्य पूर्व का रिवेरा' (छुट्टी मनाने की खूबसूरत जगह) बनाना चाहते हैं.

अपने दूसरे कार्यकाल के पहले विदेशी मेहमान इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से द्विपक्षीय वार्ता के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से अपनी योजना सार्वजनिक की थी.

उन्होंने कहा था, "फ़लस्तीन के लोग केवल इसलिए ग़ज़ा वापस जाना चाहते हैं क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है. ग़ज़ा का पुनर्निमाण होने तक यहां के बाशिंदों को दूसरी जगहों पर भेज देना चाहिए, ताकि अमेरिका ग़ज़ा पर नियंत्रण करे और इस बर्बाद हो चुके फ़लस्तीनी क्षेत्र को फिर से बनाए."

उन्होंने कहा, "उस ज़मीन के टुकड़े पर अधिकार पाना, उसका विकास करना, हज़ारों नौकरियां पैदा करना. ये वाकई शानदार होगा. हर कोई इस विचार को पसंद करता है."

हालांकि, मध्य पूर्व के देशों ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया और फ़लस्तीन के दूत ने इसे बेतुका बताया था.

उनके इस प्रस्ताव का संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार संगठनों समेत अंतरराष्ट्रीय जगत की ओर से विरोध जताया गया और 'नस्लीय सफ़ाए' के आरोप लगाए गए.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)