आईपीएल फ़ाइनल 2024: हैदराबाद टीम के कप्तान का ऑस्ट्रेलियाई कनेक्शन क्या फिर दिलाएगा कामयाबी

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, आशय येडगे
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
आईपीएल 2024 का फ़ाइनल मैच 26 मई, रविवार को चेन्नई के चेपॉक मैदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा.
इन दोनों टीमों का अब तक इस टूर्नामेंट में जोरदार प्रदर्शन रहा है. जहां एक ओर हैदराबाद के बल्लेबाज़ों ने पूरे आईपीएल में जमकर रन बनाए हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ कोलकाता ने बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग में दमदार प्रदर्शन कर आईपीएल के फ़ाइनल में प्रवेश किया है.
17वां आईपीएल कप जीतने के लिए एक तरफ युवा श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली कोलकाता की टीम है तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के विश्व विजेता कप्तान की हैदराबाद की टीम उन्हें चुनौती देने के लिए मैदान में उतरेगी.
कोलकाता इससे पहले दो बार जबकि सनराइजर्स एक बार टूर्नामेंट जीत चुकी है. कभी हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करने वाली डेक्कन चार्जर्स भी एक बार आईपीएल जीत चुकी है.
इसी तरह दोनों टीमें पांच-पांच बार आईपीएल जीतने वाली टीमों और बड़े खिलाड़ियों वाली टीमों को हराकर आईपीएल के फाइनल में पहुंची हैं.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 26 मई को फाइनल में क्या होगा? एक तरफ श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर की कप्तान-कोच जोड़ी तो दूसरी तरफ पैट कमिंस और डेनियल विटोरी की जोड़ी आईपीएल जीतने के लिए उतरेगी.
अब तक दोनों टीमों का प्रदर्शन कैसा रहा है?

इमेज स्रोत, Getty Images
आईपीएल 2024 की शुरुआत में बहुत कम फैंस और क्रिकेट के जानकारों ने यह अनुमान लगाया होगा कि फ़ाइनल मुक़ाबला हैदराबाद और कोलकाता के बीच खेला जाएगा.
इन सभी पूर्वानुमानों को झुठलाते हुए हैदराबाद और कोलकाता की टीमों ने आईपीएल में टॉप टीमों को आसानी से हराकर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है.
यह पहली बार नहीं है जब ये दोनों टीमें आईपीएल 2024 के नॉक-आउट मुक़ाबलों में आमने-सामने हैं.
इससे पहले क्वालीफायर-1 में कोलकाता ने हैदराबाद को हराकर सीधे फ़ाइनल में प्रवेश किया था.
इसके बाद पैट कमिंस की हैदराबाद, इसका फायदा उठाते हुए क्वालीफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर फ़ाइनल में पहुंची.
इस सीज़न के प्रदर्शन पर गौर करें तो इन दोनों टीमों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ दो मैच खेले हैं. इन दोनों मैचों में कोलकाता की टीम का प्रदर्शन दमदार रहा है.
लीग राउंड के पहले मैच में कोलकाता ने हैदराबाद को चार रन से हराया और क्वालीफायर-1 में भी कोलकाता ने जीत हासिल कर ली है.
आईपीएल में कोलकाता और हैदराबाद के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों पर गौर करें तो इन दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ 27 मैच खेले हैं. 18 मैचों में कोलकाता की टीम को जीत मिली है, जबकि नौ मैचों में हैदराबाद की टीम को जीत मिली है.
आंकड़ों पर नजर डालें तो बेशक कोलकाता की टीम भारी दिखती है, लेकिन पैट कमिंस बेहद आक्रामक कप्तान हैं और उन्हें नॉकआउट मुक़ाबले में अपनी टीम को मैच जिताने का अनुभव है.
साथ ही हैदराबाद की टीम, इस टूर्नामेंट में रनों का पहाड़ खड़ा करती आई है. बेशक, भले ही यह टीम कुछ मैचों में पूरी तरह से पिछड़ी दिखी हो, लेकिन फ़ाइनल मैच में दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुक़ाबला हो सकता है.
हैदराबाद और ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के बीच संबंध

इमेज स्रोत, Getty Images
सनराइजर्स हैदराबाद से पहले हैदराबाद शहर से डेक्कन चार्जर्स नाम की टीम ने आईपीएल में हिस्सा लिया था.
2008 में आईपीएल के पहले संस्करण के बाद यह पहली बार था कि आईपीएल भारत के बाहर खेला गया था. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट ने डेक्कन चार्जर्स को आईपीएल का विजेता बनाया था.
दक्षिण अफ्रीका में आयोजित टूर्नामेंट के फ़ाइनल मैच में गिलक्रिस्ट की टीम ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को हराकर आईपीएल ट्रॉफी जीती. फिर 2013 में सनराइजर्स हैदराबाद की आईपीएल में एंट्री हुई.
2016 के आईपीएल में एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने हैदराबाद को आईपीएल का ख़िताब दिलाया. उस सीज़न में हैदराबाद ने फ़ाइनल मैच में बैंगलोर को 8 रनों से हराया था.
बाद के टूर्नामेंटों में सनराइजर्स ने कई कप्तान बदले.
केन विलियम्सन, भुवनेश्वर कुमार, मनीष पांडे, एडेन मार्कराम जैसे खिलाड़ियों ने हैदराबाद टीम का नेतृत्व किया लेकिन वे उसे खिताब नहीं दिला सके.
2023 टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद हैदराबाद टीम के मालिकों ने न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी को अपना कोच नियुक्त किया और एक बार फिर टीम की कमान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को सौंपी गई.
हाल ही में वनडे विश्व कप जीतने वाले पैट कमिंस ने पहले मुक़ाबले से ही टीम का सफल नेतृत्व किया और एक बार फिर साबित कर दिया कि हैदराबाद की टीम के लिए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का कनेक्शन एक कामयाब कनेक्शन है.
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोलकाता की टीम इस मिथक को तोड़ती है, या फिर एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हैदराबाद के प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका देते हैं.
क्या 'कोरबो, लोरबो, जितबो' होगा?

इमेज स्रोत, Getty Images
पहले आईपीएल सीज़न से ही शाहरुख़ ख़ान की टीम क्रिकेट प्रशंसकों की पसंदीदा रही है.
2008 के पहले टूर्नामेंट में कोलकाता ने सौरव गांगुली को अपना कप्तान नियुक्त किया. उनकी टीम में कई महान खिलाड़ी थे लेकिन पहले चार आईपीएल सीज़न में टीम फ़ाइनल तक पहुंचने में नाकाम रही.
2011 की हार के बाद, कोलकाता प्रबंधन ने टीम में बड़े बदलाव किए. 2011 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अहम भूमिका निभाने वाले गौतम गंभीर ने टीम की कमान संभाली और कोलकाता टीम की किस्मत बदल दी.
2012 के आईपीएल में कोलकाता पहली बार फाइनल में पहुंची और फ़ाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स को हराया.
फिर 2014 में भी कोलकाता ने किंग्स इलेवन पंजाब को कड़े मुक़ाबले में 3 विकेट से हराया और गौतम गंभीर ने शाहरुख ख़ान की टीम को दूसरी बार कामयाबी दिलाई.
2014 के बाद 2021 में इयोन मोर्गन के नेतृत्व में कोलकाता फ़ाइनल में पहुंची लेकिन चेन्नई से हार गई.
2024 टूर्नामेंट से पहले कोलकाता के प्रशंसकों को दो बार खिताब दिलाकर खुश करने वाले गौतम गंभीर एक नए रूप में कोलकाता टीम में आए हैं. हालांकि नेतृत्व की जिम्मेदारी युवा श्रेयस अय्यर के कंधों पर है, लेकिन गौतम गंभीर मैदान के बाहर डगआउट से मैच में समान रूप से शामिल थे.
चाहे वह आक्रामक सुनील नरेन को पारी की शुरुआत करने के लिए भेजना हो या वैभव अरोड़ा या हर्षित राणा जैसे युवा तेज़ गेंदबाजों पर ज़िम्मेदारी डालना हो, कोलकाता के खेल पर यह 'गंभीर' प्रभाव कोलकाता के तीसरे खिताब के सपने को पूरा करता है या नहीं, इसका पता फ़ाइनल मुक़ाबले के बाद ही चलेगा.
अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड बनाम सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती

इमेज स्रोत, Getty Images
जहां तक हैदराबाद की बात है तो उनके पास आक्रामक बल्लेबाज़ों का एक मजबूत लाइन-अप है.
बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने सचमुच गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी हैं.
इसके बाद हेनरिक क्लासेन और एडेन मार्कराम जैसे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाई है.
हैदराबाद के बल्लेबाजों ने रनों का पहाड़ खड़ा किया है, लेकिन कुछ मैचों में देखा गया है कि चुनिंदा ख़ास बल्लेबाजों ने रनों का अंबार लगाया है.
इसलिए बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि फाइनल मैच में ये खिलाड़ी कैसा खेलेंगे.
कोलकाता ने सुनील नरेन को ओपनर बनाकर पिछले साल की ओपनर समस्या का समाधान कर लिया है.
सुनील ने कप्तान और कोच के भरोसे को सही साबित किया और ज़बरदस्त बल्लेबाजी की. उन्होंने फाइनल से पहले 13 मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं.
भले ही उनके साथी फिल साल्ट घर लौट गए हैं, लेकिन कोलकाता के पास मध्यक्रम में अच्छे खिलाड़ियों की भरमार है. कोलकाता के लिए मध्यक्रम में कप्तान श्रेयस अय्यर, रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल और नितीश राणा बल्लेबाजी करेंगे.
गेंदबाजी की बात करें तो हैदराबाद के पास कप्तान पैट कमिंस के साथ-साथ भुवनेश्वर कुमार, टी. नटराजन के रूप में अच्छे तेज गेंदबाज हैं.
दूसरी ओर, कोलकाता के स्पिनर भी हैदराबाद के बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. दोनों स्पिनरों- सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है.
फ़ाइनल मैच से पहले कोलकाता के लिए खेलने वाले मिचेल स्टार्क अच्छी लय में नजर आ रहे थे.
जिस मैदान पर यह मैच खेला जाने वाला है वहां स्पिनरों को काफी मदद मिलती है. कोलकाता के स्पिनर इसी वजह से चेन्नई के इस मैदान पर प्रभावी हो सकते हैं लेकिन क्वालीफायर-2 में राजस्थान के खिलाफ शाहबाज अहमद और अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी को देखते हुए वे कोलकाता के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आईपीएल फ़ाइनल किसी भी अन्य मुक़ाबले से बहुत अलग होता है. फ़ाइनल मैच का अपना दबाव होता है.
बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सी टीम सबसे रणनीतिक क्षणों में शांत दिमाग़ से खेलती है और किस टीम के खिलाड़ी ज़रूरत पड़ने पर ज़िम्मेदारी संभालने के लिए सामने आ सकते हैं, जो टीम ऐसा कर पाएगी, वही बनेगी इस सीज़न की चैंपियन.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















