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एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद पीड़ित परिवारों को इन सवालों के जवाब की तलाश
- Author, समीरा हुसैन
- पदनाम, बीबीसी दक्षिण एशिया संवाददाता
इम्तियाज़ अली को बीते महीने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतज़ार था. इस हादसे में उनके भाई, भाभी और उनके दोनों बच्चों की मौत हो गई थी.
आख़िर जब शुक्रवार देर रात हादसे के कारणों की जांच से जुड़ी प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई तो उन्होंने इसे ध्यान से पढ़ा. लेकिन वह कहते हैं कि इस रिपोर्ट से उन्हें निराशा हुई क्योंकि "पढ़ने में ये किसी उत्पाद के ब्योरे जैसा था."
वो कहते हैं, "पायलटों के बीच आख़िरी वक्त में हुई बातचीत के अलावा, इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है जो दुर्घटना के असल कारण की ओर इशारा करता हो."
इम्तियाज़ अली को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में हादसे से जुड़ी और भी जानकारी सार्वजनिक तौर पर बताई जाएगी. वह कहते हैं, "हमारे लिए ये महत्वपूर्ण है. हम जानना चाहते हैं कि असल में क्या हुआ था. इससे हमारे लिए कुछ नहीं बदलेगा, हम अपने परिजनों की मौत का दुख वैसे ही मनाते रहेंगे जैसा पहले मना रहे थे. लेकिन कम से कम हमें कुछ सवालों के जवाब तो मिल जाएंगे."
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट171 उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गई थी.
यह विमान एक रिहायशी इलाक़े में गिरा. 12 जून 2025 को हुए इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 और ज़मीन पर हादसे की चपेट में आने से 19 और लोगों की जान गई.
शनिवार को हादसे की जांच से जुड़ी एक प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की गई जिसमें कहा गया कि विमान के उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी. रिपोर्ट में ये स्पष्ट नहीं है कि ये कैसे और क्यों हुआ.
रिपोर्ट में कहा गया है कि बरामद किए गए कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट को यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि "आपने कटऑफ़ क्यों किया?" इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उन्होंने "ऐसा नहीं किया."
विमान हादसे की पूरी रिपोर्ट एक साल में आने की उम्मीद है.
41 साल की श्वेता परिहार भी हादसे से जुड़े सवालों के जवाब चाहती हैं. उनके पति अभिनव परिहारभी एयर इंडिया के इस विमान से लंदन वापस जा रहे थे.
अभिनव को महीने के आख़िर में लंदन लौटना था लेकिन उन्होंने जल्दी लौटने का फै़सला किया और इस विमान का टिकट लिया.
श्वेता को दुख है कि कोई भी जांच अब उनके पति को वापस नहीं ला सकेगी.
वह कहती हैं, "हममें से जिन लोगों ने अपनों को खोया है, हमने उन्हें खो दिया है, वे अब वापस नहीं आएंगे."
श्वेता सवाल करती हैं, "जांच में वे लोग क्या करेंगे, हमें बताएंगे कि हादसा कैसे हुआ? कितने लोगों की ज़िदगी चली गई, 250 यात्रियों की ज़िंदगी, वो क्या कहेंगे, माफ़ी मांगेंगे? जो होना था हो गया, सब कुछ ख़त्म हो गया."
श्वेता परिहार अपने 11 साल के बेटे विहान पर इस हादसे के असर के बारे में बात करते हुए भावुक हो जाती हैं. वह कहती हैं, "उसे अपने पिता की बहुत याद आती है."
श्वेता बताती हैं कि विहान उनसे कहता है कि वह अब कभी एयर इंडिया के प्लेन से कहीं नहीं जाएगा.
59 साल के बाडासाब सैयद ने इस विमान हादसे में अपने भाई, भाभी और उनके दोनों बच्चों को खो दिया है.
उन्हें उम्मीद थी कि प्रारंभिक रिपोर्ट से उन्हें हादसे से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकेंगे लेकिन इससे जुड़ी ख़बरें देखने के बाद उनका कहना है कि उनके मन में और भी सवाल हैं.
वह कहते हैं, "रिपोर्ट में बताया गया है कि पायलटों के बीच बातचीत हुई थी कि फ्यूल के स्विच को किसने बंद किया है और इसमें फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित समस्या का ज़िक्र है. हमें नहीं पता, इसका क्या मतलब है? क्या हादसे को टाला जा सकता था?"
बाडासाब सैयद कहते हैं कि उनका छोटा भाई इनायत सैयद परिवार के दिल की धड़कन था.
वह कहते हैं कि इनायत, उनकी पत्नी और बच्चों को हादसे में खोने के बाद पूरा परिवार टूट गया है. उनकी 83 साल की मां बीबी साब के लिए ये सदमा सह पाना मुश्किल है.
बाडासाब कहते हैं, "अपने बेटे और पोते-पोती को खोने के बाद अब वह बहुत कमज़ोर हो गई हैं मुझे लगता है कि वह ये भी नहीं बता पा रहीं कि वह कैसा महसूस कर रही हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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