आईफोन हैकिंग के दावों पर जांच शुरू, एप्पल के जवाब पर क्या बोले आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव

विपक्षी नेताओं ने लगाए फ़ोन हैकिंग की कोशिश के आरोप

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केंद्र सरकार ने विपक्षी नेताओं की ओर से आईफ़ोन हैक करने के लिए 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' हमले की कोशिश के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं.

विपक्ष के कुछ नेताओं ने दावा किया कि "स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स ने उनके आईफोन हैक करने की कोशिश की". इसके बाद आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने अपना पक्ष रखा.

समाचार एजेंसियों और कई भारतीय समाचार पत्रों के मुताबिक कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि वो किसी चेतावनी वाले संदेश के लिए किसी विशिष्ट स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर को जिम्मेदार नहीं ठहराती है.

एप्पल ने बयान में कहा, “स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ठीक-ठाक फंडिंग होती है और वे जटिल तरीके से काम करते हैं और उनके हमले वक्त के साथ बेहतर होते हैं."

"इस तरह के हमले की पहचान ख़तरे के ख़ुफ़िया सिग्नल पर आधारित होते हैं और कई बार सटीक नहीं होते हैं और अधूरे होते हैं. ऐसा संभव है कि हमले की चेतावनी वाले कुछ मैसेज फॉल्स अलार्म हो सकते हैं या हो सकता है कि अटैकर्स का पता ही न लगे.”

“हम किन हालात में ऐसे ख़तरों से जुड़ी सूचनाएं जारी करते हैं, ये नहीं बता सकते क्योंकि ऐसा करने पर स्टेट-प्रायोजित हमलावर, भविष्य में ऐसी हरकत पकड़े जाने से बचने का रास्ता खोज लेंगे."

वहीं केंद्र सरकार ने कहा है कि एप्पल की ओर से इस मामले में दी गई जानकारी अस्पष्ट है. केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में ये जानकारी दी है कि सरकार इस मामले की तह तक जाएगी.

इससे पहले विपक्ष के कुछ सांसदों ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें एप्पल की ओर से हैकिंग की कोशिशों से संबंधित संदेश आया है.

इन सांसदों ने जो संदेश सोशल मीडिया पर शेयर किया है उसमें लिखा है, “एप्पल का मानना है कि आप स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स कहीं दूर से आपकी एप्पल आईडी से जुड़े आईफोन को हैक करने की कोशिश कर रहे हैं. ये अटैकर्स आपको इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि आप कौन हैं और आप क्या काम करते हैं."

विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा?

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस के शशि थरूर और उनकी पार्टी के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मैसेज का स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किए है.

महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा है, "एप्पल से टेक्स्ट और ईमेल मिला है जिसमें ये चेतावनी दी गई है कि सरकार मेरा फोन और ईमेल हैक करने की कोशिश कर रही है."

उन्होंने लिखा, “तुम्हारा डर देखकर मुझे दया आती है.”

महुआ मोइत्रा

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इसके बाद महुआ ने कहा, “अभी तक जिन इंडिया गठबंधन के नेताओं को हैक करने की कोशिश गई है उनमें मेरे सिवा अखिलेश यादव, राघव चड्ढा, शशि थरूर, प्रियंका चतुर्वेदी, सीताराम येचुरी, पवन खेरा और राहुल गांधी के दफ़्तर से जुड़े कुछ लोग. ये तो इमरजेंसी सेभी भयानक है.”

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना की राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी महुआ मोइत्र की ही तरह एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है.

चतुर्वेदी ने भी दावा किया है कि ये मैसेज उन्हें एप्पल से मिला है. प्रियंका चतुर्वेदी ने गृह मंत्रालय से ये सवाल पूछा है कि क्या इसकी जांच की जाएगी?

बीजेपी ने कहा एफ़आईआर दर्ज क्यों नहीं करवाते?

उधर भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि सरकार के ख़िलाफ़ लग रहे आरोप निराधार और झूठे हैं.

कंपनी स्टेटमेंट आने से पहले पार्टी ने कहा है कि इस विषय पर सवालों के जवाब एप्पल को देने चाहिए.

पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि सरकार पर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष के नेताओं को एप्पल के साथ ये मुद्दा उठाना चाहिए और एफ़आईआर दर्ज करवाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “उन्हें रोक कौन रहा है? उन्हें तो एफ़आईआर करवाना चाहिए.”

राहुल गांधी पर अमित मालवीय का पलटवार

राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार और पार्टी को घेरने की कोशिश की है.

केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “मेरे दफ़्तर में बहुत से लोगों को ये मैसेज आया है. इनमें केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा जी शामिल हैं. ये लोग युवाओं का ध्यान बंटाना चाहते हैं.”

एप्पल की ओर से आए कथित मैसेज को प्रेसवार्ता में दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा, “जितना फ़ोन टैपिंग करना है कर लो, मुझे फ़र्क नहीं पड़ता. आप मेरा फ़ोन ले लो. मुझे कोई डर नहीं है.”

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “जैसे ही अदानी को टच किया जाता है कि ख़ुफ़िया एजेंसियां जासूसी शुरू कर देती हैं.”

राहुल गांधी की इस प्रेसवार्ता के बाद एप्पल ने अपना स्टेटमेंट जारी कर दिया, जिसमें कंपनी ने इस सारे मुद्दे पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया.

राहुल गांधी की प्रेसवार्ता पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया दी है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित मालवीय ने लिखा, “राहुल गांधी के बयान के तुरंत बाद एप्पल ने एक स्टेटमेंट जारी कर दिया और वो मज़ाक बनकर रह गए. विदेशी एजेंसियों द्वारा प्रायोजित कहानियों को वो क्यों तरजीह देते हैं? सोरोस? पिछली बार भी उन्होंने जांच के लिए अपना फ़ोन जमा करने से इनकार कर दिया था. ऐसे छिछोरे आरोप लगा कर वे राष्ट्र के समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं.”

आईटी मंत्री ने क्या कहा

अश्विनी वैष्णव

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी आईफ़ोन को बनाने वाली कंपनी एप्पल की ओर से विपक्षी नेताओं को आए संदेश पर चिंता व्यक्त की है.

वैष्णव ने कहा है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और मंत्रालय ने इसकी जांच शुरू कर दी है.

केंद्रीय मंत्री ने एक प्रेसवार्ता में कहा, “सरकार इस मद्दे पर चिंतित है और इसकी तह तक पहुँचेगी. हमने पहले ही इस विषय पर जांच शुरू कर दी है."

अश्विनी वैष्णव ने कहा, "अभी कुछ माननीय सांसदों और कई अन्य नागरिकों ने जो मुद्दा उठाया है, कि उनके पास एप्पल से एक एलर्ट आया है...उसके बारे में मैं आपको साफ़ तौर पर कहना चाहता हूँ कि सरकार इस मुद्दे पर बहुत चिंतित है. और इस मुद्दे की तह तक जाएगी. हमने इसमें पहले ही इनवेस्टिगेशन ऑर्डर कर दिया है."

केंद्रीय मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में इस पूरे मामले पर सरकार का पक्ष रखा है.

उन्होंने कहा, एप्पल की ओर से मिले एक नोटिफिकेशन पर सांसदों के साथ अन्य लोगों के मीडिया में आए बयान देखकर हम चिंतित हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन लोगों को जो नोटिफिकेशन मिले हैं उसमें 'सरकार प्रायोजित हमले' का ज़िक्र है.

अश्विनी वैष्णव

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हालांकि इस मसले पर एप्पल ने जो जानकारी दी है, वो ज़्यादातर अस्पष्ट और सामान्य प्रकृति की मालूम पड़ती है. एप्पल ने बताया है कि ये नोटिफिकेशन 'अधूरी या अपूर्ण' सूचनाओं पर आधारित हो सकती है. इसमें ये भी कहा गया है कि एप्पल के कई 'थ्रेट नोटिफिकेशन' फॉल्स अलार्म हो सकते हैं या हो सकता है कि कई हमलों का पता ही न लगे."

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एप्पल ने ये भी दावा किया है कि एप्पल आईडी सुरक्षित तरीके से इन्क्रिप्टेड होते हैं, जिससे यूजर्स की अनुमति के बिना उस तक पहुंचना या उसकी पहचान करना बहुत मुश्किल है. ये इन्क्रिप्शन यूजर्स के एप्पल आईडी को सुरक्षित रखता है और तय करता है कि ये निजी और सुरक्षित बने रहें.

उन्होंने कहा कि भारत की सरकार अपने सभी नागरिकों की निजता और सुरक्षा की रक्षा करने की अपनी भूमिका को बहुत गंभीरता से लेती है और इन नोटिफिकेशन के मामले की तह तक पहुंचेगी. इस बारे में मिली सूचना और अटकलों को देखते हुए हमने एप्पल से भी कहा है कि वे कथित 'सरकार प्रायोजित हमले' को लेकर होने वाली इस जांच में वास्तविक और सटीक सूचना देकर सहयोग करें.

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