भारत ने वर्ष 2023 में कई खेलों में दिखाया दम, दिल भी टूटे और रिकॉर्ड भी बने

    • Author, जान्हवी मुले
    • पदनाम, बीबीसी मराठी

भारतीय खेलों के लिए 2023 एक विविधताओं से भरा साल था. इसमें कई अच्छे और बुरे मुकाम आए.

इस दौरान जहाँ भारत ने मैदान में बड़ी सफलताएँ अर्जित कीं.

वहीं भारतीय कुश्ती जगत में उथल-पुथल मच गई. इसने देश में महिला खेलों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आइए जानते हैं कि वर्ष 2023 खेल के मैदानों पर भारत के लिए कैसा रहा.

अखाड़े से सड़क पर आई कुश्ती

इसकी शुरुआत 18 जनवरी 2023 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध-प्रदर्शन के साथ हुई.

पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्लूएफ़आई) के ख़िलाफ खड़े हुए.

इन पहलवानों से तत्कालीन अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और अन्य कोचों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया.

जाँच जारी रहने तक बृजभूषण शरण सिंह की प्रशासनिक शक्तियाँ वापस ले ली गईं.

लेकिन जाँच पैनल के निष्कर्ष सामने नहीं आए. इसके बाद पहलवानों ने अप्रैल में अपना आंदोलन एक बार फिर शुरू किया.

पहलवानों ने जब भारत के नए संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

यह घटना अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्ख़ियाँ बनीं. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की.

इस बीच, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्था) ने समय पर चुनाव नहीं कराने पर अगस्त में डब्लूएफ़आई को निलंबित कर दिया.

इसका मतलब यह हुआ कि भारतीय पहलवान इस मुद्दे का समाधान होने तक भारतीय झंडे के नीचे प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकते.

डब्लूएफ़आई के चुनाव आख़िरकार दिसंबर में कराए गए. इसमें बृजभूषण के क़रीबी संजय सिंह नए अध्यक्ष चुने गए.

चुनाव परिणाम सामने आते ही इसके विरोध में साक्षी मलिक ने संन्यास लेने की घोषणा कर दी.

वहीं बजरंग ने अपना 'पद्मश्री' सम्मान वापस लौटा दिया. इसके बाद खेल मंत्रालय ने डब्लूएफ़आई की नवनिर्वाचित कमेटी को निलंबित कर दिया.

यह मामला अभी भी अनसुलझा है. इस मामले ने भारत में प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम और 2024 में ओलंपिक के लिए पहलवानों की तैयारी पर गंभीर प्रभाव डाला है.

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

साल 2023 में नीरज चोपड़ा ने अपने बायोडेटा से ग़ायब एकमात्र ख़िताब विश्व चैम्पियनशिप में भी जीत हासिल की.

बुडापेस्ट में भाला फेंक में स्वर्ण पदक हासिल करके वो विश्व एथलेटिक्स ख़िताब जीतने वाले पहले भारतीय बने.

नीरज ने 88.17 मीटर भाल फेंक कर पाकिस्तान के अरशद नदीम को हराया. नदीम को रजत पदक मिला.

इसके क़रीब एक महीने बाद, उन्होंने एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक जीता.

किशोर जेना ने रजत पदक जीता. इससे भारत को पोडियम पर 1-2 से बढ़त मिली.

नीरज चोपड़ा अब अगले साल 2024 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक में अपना स्वर्ण पदक बचाने की कोशिश करेंगे.

तीरंदाजी में अदिति ने बिखेरी चमक

2023 में कंपाउंड तीरंदाज़ी के क्षेत्र में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा. अदिति इस सूची के शीर्ष पर रहीं.

17 साल की अदिति किसी भी खेल में भारत की सबसे कम उम्र की विश्व चैम्पियन हैं.

उन्होंने 2023 विश्व तीरंदाज़ी चैम्पियनशिप में महिलाओं के कंपाउंड तीरंदाज़ी फाइनल में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता.

कुछ ही सप्ताह पहले, उन्होंने विश्व तीरंदाज़ी युवा चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था.

महाराष्ट्र की इस तीरंदाज़ ने दोनों टूर्नामेंटों में टीम स्वर्ण जीते और एशियाई खेलों में एक और टीम स्वर्ण के साथ शीर्ष पर रही.

भारत के अन्य युवा कंपाउंड तीरंदाज़ों- ओजस देवतले, प्रथमेश जावकर, ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रियांश ने भी इन टूर्नामेंटों में अच्छे पदक हासिल किए.

इससे इस खेल में भारत का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है.

कंपाउंड तीरंदाज़ी ओलंपिक का हिस्सा नहीं है, लेकिन इन स्पर्धाओं में भारतीय तीरंदाज़ों की सफलता से इस साल भारत में इस खेल को काफ़ी बढ़ावा मिला.

महिला क्रिकेटरों की ऐतिहासिक जीत

साल 2023 को भारत की महिला क्रिकेटरों के लिए एक यादगार साल के रूप में याद किया जाएगा.

भारतीय टीम ने मुंबई में एकतरफ़ा मैच में आठ विकेट की जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की.

टेस्ट क्रिकेट में यह उनकी लगातार दूसरी जीत थी. इससे पहले उन्होंने नवी मुंबई में एकमात्र टेस्ट में इंग्लैंड को 347 रनों के विशाल अंतर से हराया था.

भारतीय टीम ने चीन के हांगज़ो में आयोजित एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता.

यह क्रिकेट की किसी प्रतियोगिता में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहले स्वर्ण पदक था.

भारतीय महिला टीम फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित महिला टी20 विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में भी पहुँची थी.

वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में रोहित की टीम इंडिया

भारत की पुरुष क्रिकेट टीम वनडे का विश्व कप जीतने से चूक गई.

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फ़ाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा.

लेकिन फ़ाइनल तक बिना कोई मैच हारे हुए भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा.

भारतीय गेंदबाज़ों, ख़ासकर मोहम्मद शमी ने 24 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया.

जबकि विराट कोहली ने अपने बल्ले से पिच पर राज किया.

कोहली वनडे क्रिकेट में 50 शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

विश्व कप से पहले, भारत ने श्रीलंका में एशिया कप जीता था. यह उसका एशिया कप का 8वाँ ख़िताब था. ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाली टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता.

लेकिन जून में भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था.

साल ​​2024 में वेस्टइंडीज़ और अमेरिका टी20 विश्व कप की मेज़बानी करेंगे. जहाँ सभी की निगाहें युवा खिलाड़ियों पर होंगी.

शतरंज विश्व कप में भारत

शतरंज में भारतीय प्रतिभा रमेशबाबू प्रज्ञानानंद ने अजरबैजान के बाकू में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (एफ़आईडीई) की ओर से आयोजित शतरंज विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बनाई.

लेकिन उन्हें उपविजेता के ख़िताब से ही संतोष करना पड़ा. दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने उन्हें टाई-ब्रेकर में हरा दिया. लेकिन प्रज्ञानानंद के शानदार प्रदर्शन ने देश का ध्यान खींचा.

इस टूर्नामेंट में चार भारतीय भी क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचे. वर्तमान में, 21 भारतीय खिलाड़ी हैं जो दुनिया के शीर्ष 100 जूनियर खिलाड़ियों में स्थान रखते हैं.

ये सभी 20 साल से कम की आयु के हैं. ये आँकड़े बताते हैं कि भारत कैसे 2023 में इस खेल में हावी हो गया.

इस बीच, प्रज्ञानानंद की बहन वैशाली ने कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली के बाद तीसरी महिला ग्रैंडमास्टर बनकर भारत का 12 साल का इंतज़ार ख़त्म किया.

एशियन गेम्स और पैरा गेम्स में पदकों की भरमार

भारत ने इस साल एशियाई खेलों का समापन रिकॉर्ड 107 पदकों के साथ किया.

चीन के हांगज़ो में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बनाते हुए 28 स्वर्ण पदक जीते.

इस प्रतियोगिता में भारत ने इतने स्वर्ण पदक पहले कभी नहीं जीते थे.

देश सपेक टकरा और वुशू जैसे कम मशहूर खेलों में भी पदक जीतने में कामयाब रहा.

भारत के पैरा एथलीट भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने हांगज़ो एशियाई पैरा खेलों में 111 पदक जीते.

इतने पदकों के साथ भारत पदक तालिका में पाँचवें स्थान पर रहा.

इसके अलावा, फुटबॉल टीम ने एसएएफ़एफ़ चैम्पियनशिप जीती तो हॉकी टीमों ने एशियाई चैम्पियनशिप जीती.

वहीं रोहन बोपन्ना एटीपी मास्टर्स जीतने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बन गए.

भारत के पुरुष और महिला खिलाड़ियों की असली परीक्षा 2024 में होगी, जब अगस्त-सितंबर में ओलंपिक और पैरालिंपिक की मेजबानी पेरिस करेगा.

भारतीय खिलाड़ी अपना सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे होंगे.

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