केदारनाथ धाम के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड में देर रात भारी बारिश
के बाद हुए भूस्खलन में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 19 लोग लापता
भी है.
इस भूस्खलन के मलबे में 3 ढाबे भी दब गए हैं.
बारिश के कारण चट्टान टूटने की सूचना देर रात मिली थी, जिसके बाद एसडीआरएफ़
सहित ज़िला प्रशासन की टीम मौके पर रेस्क्यू के लिए पहुंची लेकिन रात को राहत कार्यों
में आ रही परेशानियों के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा.
राहत कार्य आज सुबह फिर शुरू किया गया लेकिन लगातार हो रही बारिश तलाशी अभियान के लिए चुनौती बनी हुई है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में पहुंचकर हालात का जायजा लिया और ट्वीट कर बताया कि वो स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.
इस घटना के बारे में रुद्रप्रयाग ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, "बीती रात क़रीब 11.30 बजे कंट्रोल रूम को यह सूचना मिली थी कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड में डाट पुलिया के समीप भूस्खलन की सूचना मिली थी."
"क़रीब एक घंटे के भीतर पुलिस सहित एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ और डीडीआरएफ़ की टीमें मौक़े पर पहुँच गयी थी. तेज़ बारिश के बीच पहाड़ से बोल्डर गिर रहे थे इसलिए सुबह सर्च अभियान चलाया गया."
उन्होंने बताया, "केदारनाथ यात्रा मार्ग गौरीकुंड डाट पुलिया के समीप भारी भूस्खलन से लापता हुए 19 लोगों का सर्च रेस्क्यू ऑपरेशन और खोजबीन कार्य जारी है. खोजबीन के दौरान अभी तक 3 लोगों के शव मिले हैं. जिनकी शिनाख्त की जा रही है."
उन्होंने बताया, "लापता लोगों को ढूँढा जा रहा है, जिनके नीचे नदी में गिरने की आशंका है. यहाँ बारिश लगातार जारी है जिसके कारण दिक़्क़तें आ रही हैं. 3 ढाबे भी मलबे में दब गए हैं. लापता हुए लोगों की संख्या अधिक भी हो सकती है."
नन्दन सिंह रजवार ने बताया, "भूस्खलन की घटना की सूचना पर ज़िलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे घटना स्थल पर पहुंचे.
उन्होंने सर्च रेस्क्यू कार्य में लगी डीडीआरएफ़, एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, वाईएमएफ़, पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों को रेस्क्यू कार्य को तत्परता के साथ सावधानी एवं सतर्कता से करने के निर्देश दिए हैं."