महादेव ऐप ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का सियासी पारा, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

महादेव ऐप

इमेज स्रोत, SOCIAL MEDIA/VIRAL IMAGE

    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रायपुर से

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में ऑनलाइन सट्टा महादेव ऐप के कथित मालिक शुभम सोनी के एक बयान ने हंगामा मचा दिया है.

शुभम सोनी ने नाटकीय तरीके से अपना एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उसने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए हैं.

हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस तरह के आरोप को खारिज़ करते हुए, इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव में उनकी सरकार को बदनाम करने की एक कोशिश भर है.

सीएम बघेल ने कहा कि जिस शुभम सोनी को कोई नहीं जानता था, वो अचानक कैसे महादेव ऐप के मालिक के तौर पर सामने आ गया.

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी सभाओं में इसे मुद्दा बना रहे हैं.

नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा के इलाके में भाषण देते हुए कहा, “आज यहां के मुख्यमंत्री के करीबी जेल में बंद हैं. छापों में नोटों के बड़े-बड़े ढेर मिल रहे हैं जी, सबूतों के साथ करोड़ों रुपये पकड़े जा रहे हैं."

"जो घोटाले का सबसे बड़ा आरोपी है, वो टीवी पर आकर कह रहा है कि उसने मुख्यमंत्री को 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिश्वत दी है. अब आपको सबूत की जरूरत है क्या? देने वाला खुद कह रहा है रुपये मिल रहे हैं और फिर वो आपसे प्रूफ मांग रहे हैं.”

सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी ने ही अपने कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस कर के शुभम सोनी के इस वीडियो को पत्रकारों को दिखाया.

महादेव ऐप के कथित मालिक का आरोप

शुभम सोनी

इमेज स्रोत, VIRAL VIDEO

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

अभी तक दुबई से संचालित ऑनलाइन सट्टा, महादेव ऐप के मालिक-प्रमोटर के तौर पर छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का नाम ही सामने आता रहा है.

इस साल फरवरी में सौरभ चंद्राकर की भव्य शादी में 200 करोड़ रुपये खर्च करने और बड़ी संख्या में फ़िल्मी सितारों के उसमें शामिल होने का मामला जब सामने आया, उसके बाद से ही सौरभ और रवि का नाम सुर्खियों में है.

शुभम सोनी का नाम पहली बार पिछले सप्ताह ईडी के एक बयान में सामने आया, जिसमें ईडी ने रायपुर और भिलाई से एक व्यक्ति असीम दास से 5.39 करोड़ रुपए जब्त करने का दावा करते हुए कहा कि महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर्स ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए दिये हैं.

ईडी की इस विज्ञप्ति में कहा गया कि असीम दास से पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जांच से और शुभम सोनी (महादेव नेटवर्क के उच्च पदस्थ आरोपियों में से एक) द्वारा भेजे गए ईमेल कीजांच से कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं. हालांकि ईडी ने इसे “जांच का विषय” बताया है.

शुभम सोनी के बारे में ईडी ने इसके अलावा कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है. भिलाई के स्थानीय लोगों ने भी शुभम सोनी के बारे में अनभिज्ञता जताई.

अपने को महादेव ऐप का मालिक बताते हुए शुभम सोनी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वो अपना कथित पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट और कंपनी के कथित दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी दिखाते हुए दावा कर रहे हैं कि साल 2021 में उन्होंने महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया था.

वीडियो में दिखने वाले शख़्स ने दावा किया कि इस मसले पर किसी वर्मा जी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे से कथित रुप से मुलाकात कराई गई.

अपने आपको शुभम सोनी और महादेव ऐप का प्रमोटर बताने वाले इस शख़्स ने ये भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ने दुबई जाकर काम करने को कहा जो उन्होंने किया भी. जहां उनकी मुलाक़ात भिलाई के ही सौरभ और रवि से हुई जिन्हें उन्होंने दोनों को अपना निजी सलाहकार रख लिया.

भूपेश बघेल का इनकार

भूपेश बघेल

इमेज स्रोत, ANI

लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शुभम सोनी को ईडी द्वारा प्लांटेड कहानी का हिस्सा भर मानते हैं.

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “शुभम ऐसा मालिक है, जो अपने नौकर की शादी में 250 करोड़ रुपए खर्च कर देता है. रमन सिंह के कार्यकाल में दो अधिकारी थे, वह ऐसी ही स्टोरी बनाते थे. यह पूरा प्लांटेड है. बीजेपी हार मान चुकी है. आखिरी दांव है.”

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि बिना किसी जांच के, केवल एक कथित बयान के आधार पर ईडी ने अपनी विज्ञप्ति जारी कर दी और मुझ पर 508 करोड़ रुपये लेने का मनगढ़ंत आरोप लगा दिया.

भूपेश बघेल कहते हैं, “अब ईडी और आईटी वाले 17 तारीख के बाद थोड़ा ब्रेक लेंगे. फिर लोकसभा चुनाव के पहले अपनी ट्रिप प्लान करेंगे.”

भूपेश बघेल का कहना है, “मैं हर बार कह रहा हूं कि बीजेपी खुद चुनाव नहीं लड़ रही है, वे ईडी और आईटी के जरिए चुनाव लड़ रहे हैं.

हालांकि इसी सप्ताह भारत सरकार ने महादेव समेत 22 ऑनलाइन सट्टा ऐप पर प्रतिबंध लगाने का दावा किया लेकिन मुख्यमंत्री का कहना है कि ये सट्टा ऐप अभी भी चलन में हैं.

क्या है महादेव ऐप

महादेव ऐप

इमेज स्रोत, ANI

भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर पर अपने एक साथी रवि उप्पल के साथ ‘महादेव गेमिंग-बेटिंग’ नामक ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप का दुबई से संचालन करने का आरोप है, जिसका सालाना कारोबार 20 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का बताया जाता है.

ईडी इस मामले में देश के कई शहरों में छापामारी कर चुकी है और कई सौ करोड़ की संपत्ति बरामद कर चुकी है. पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के क़रीबी लोगों समेत सैकड़ों लोगों से पूछताछ जारी है.

प्रवर्तन निदेशालय की जाँच के दायरे में शीर्ष पुलिसकर्मी हैं, नौकरशाह हैं, फ़िल्म इंडस्ट्री के बड़े लोग हैं, राजनेता हैं, समाजसेवी हैं, मीडियाकर्मी हैं.

भिलाई पुलिस का दावा है कि सौरभ चंद्राकर ने शुरु में अपने दोस्त के साथ मिल कर शहर में सट्टेबाजी का काम शुरु किया था.

लेकिन बाद में जब उन्हें दक्षिण भारत के रेड्डी अन्ना की जानकारी हुई तो उसी तर्ज पर अपना महादेव गेमिंग ऐप बनाया.

इस कारोबार में कई साथी जुड़ते चले गए. आरोप है कि बड़ी संख्या में राज्य के कई पुलिसकर्मियों ने न केवल इस धंधे को संरक्षण दिया, बल्कि इस कारोबार का हिस्सा भी बन गए.

ईडी के अनुसार 2019 में सौरभ और रवि ने अपना पूरा कारोबार दुबई से संचालित करना शुरू किया. इसके लिए सैकड़ों की संख्या में छत्तीसगढ़ के लोगों को दुबई में नौकरी दी गई.

इधर ‘महादेव बुक’ से कुछ ही महीनों के भीतर 12 लाख से अधिक सट्टेबाज़ जुड़ गए, जिसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ का था.

इस कारोबार को बढ़ाने में सोशल मीडिया की सबसे बड़ी भूमिका रही. सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करके दुनिया के कई देशों में इसके ग्राहक बनाए गए.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना काल में 2020 में ‘महादेव ऐप’ का कारोबार दिन-दोगुना, रात-चौगुना रफ़्तार से आगे बढ़ा. जब बिना दर्शकों के आईपीएल क्रिकेट की शुरुआत हुई तो महादेव ऐप पर दो हज़ार करोड़ से अधिक की सट्टेबाज़ी हुई.

इस धंधे की कमाई से कुछ फ़िल्मों में भी निवेश हुआ. इसके अलावा होटल के कारोबार में भी कुछ करोड़ रुपए लगाने की बात सामने आई.

200 करोड़ की शादी

कैश

इमेज स्रोत, Getty Images

ईडी ने इसी साल अगस्त में मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित क़ानून के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस के सहायक उप निरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, हवाला ऑपरेटर अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी को गिरफ़्तार करने के बाद पहली बार महादेव ऐप से संबंधित मामलों की जानकारी साझा की.

इसके बाद 15 सितंबर को एक बयान में ईडी ने कहा कि कोलकाता, भोपाल, मुंबई समेत 39 शहरों में छापामारी कर 417 करोड़ रुपए की नक़दी, संपत्ति और दूसरे प्रमाण जब्त किए हैं.

ईडी ने दावा किया कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की मेसर्स महादेव ऑनलाइन बुक, संयुक्त अरब अमीरात में एक केंद्रीय प्रधान कार्यालय से चलती है और 70:30 के लाभ अनुपात पर अपने ज्ञात सहयोगियों को ‘पैनल/शाखाओं’ की फ्रेंचाइजी देकर संचालित होती है. ईडी के अनुसार सट्टेबाज़ी से होने वाली आय को विदेशी खातों में भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन किए जाते हैं. इसके साथ ही भारत में सट्टेबाज़ी वेबसाइटों के विज्ञापन के लिए बड़े पैमाने पर नगद ख़र्च भी किया जा रहा है.

फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने संयुक्त अरब अमीरात के रास अल-खैमा में शादी की.

आरोप है कि इस शादी समारोह के लिए महादेव ऐप के प्रमोटरों ने लगभग 200 करोड़ रुपए नकद ख़र्च किए.

परिवार के सदस्यों को नागपुर से संयुक्त अरब अमीरात तक ले जाने के लिए प्राइवेट जेट किराए पर लिए गए.

शादी में मशहूर हस्तियों को बुलाया गया था.

रायपुर पुलिस का भी कहना है कि उसने महादेव ऐप से संबंधित 36 मामलों में एफआईआर दर्ज़ किया है.

इन मामलों में अब तक 235 लोगों को छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और उत्तर प्रदेश से गिरफ़्तार किया है. इसके अलावा 500 से भी अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया है.

लेकिन इन तमाम दावों के बीच लगता नहीं है कि महादेव ऐप के मुद्दे पर शुरु हुआ विवाद अभी थमने वाला है.

ईडी के दावों और आरोपों के बीच जो कुछ नहीं लिखा गया है, उसे समझने वाले मान कर चल रहे हैं कि अभी यह विवाद और ज़ोर पकड़ेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)