हीटवेव का क़हर: बिहार और ओडिशा में 18 की मौत

गर्मी का कहर

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भारत के कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल है. कई शहरों में बीते कुछ दिनों से पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है.

इस साल हीटवेव से पूरे देश में कितने लोगों की मौत हुई है, अभी इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. हालांकि शुक्रवार को बिहार में "अधिक गर्मी" पड़ने से कम से कम 14 लोगों की और ओडिशा में चार लोगों की मौत हुई है.

एक जून को होने वाले सातवें और आख़िरी चरण के मतदान से पहले अत्यधिक गर्मी ने केंद्र और प्रदेश सरकारों की चिंता बढ़ा दी है.

हाल के दिनों में राजस्थान के कई ज़िलों में तापमान 50 डिग्री के पार दर्ज किया गया. वहीं राजधानी दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज की गई. कई हिस्सों में इस दौरान पानी की परेशानी भी बड़ी मुसीबत बनी हुई है.

इस बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने गुरुवार को सरकार से अपील की है कि हीटवेव की स्थिति को देखते हुए वो इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करे.

गुरुवार को मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान ने 45 डिग्री से अधिक रहा. मौसम विभाग ने यहां हीटवेव की चेतावनी भी जारी की है.

मौसम विभाग ने क्या कहा?

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मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ हिस्सों में, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों में पहली जून, 2024 को ऊष्ण लहर की स्थिति होने की संभावना है.

हीटवेव को लेकर भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वैज्ञानिक सोमा सेन ने बताया, "पिछले 24 घंटों में बिहार, झारखंड और ओडिशा में गर्मी के कारण काफी लोगों की मौत हुई है."

"हम उम्मीद करते हैं कि कल से इन राज्यों में गर्मी धीरे-धीरे कम होगी. इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड समेत 9 राज्यों में हीटवेव के लिए ऑरेंज अर्लट जारी किया गया है."

उन्होंने चेतावनी भी दी कि बंगाल की खाड़ी से उत्तर भारत में आने वाली ठंडी हवाओं से गर्मी में कमी आ रही है. हालांकि आने वाले दिनों में भारी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है, इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए.

बिहार में 14 लोगों की मौत

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बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि भीषण गर्मी से शुक्रवार को 14 लोगों की मौत हो गई.

गर्मी की वजह से मारे गए लोगों में 10 मतदान कर्मी भी शामिल हैं. पांच मतदान कर्मी आरा, तीन रोहतास, एक-एक कैमूर और औरंगाबाद ज़िले के रहने वाले थे. वहीं मारे गए चार आम नागरिक औरंगाबाद ज़िले के रहने वाले थे.

आरा के ज़िला मजिस्ट्रेट महेंन्द्र कुमार ने कहा "आज तापमान काफी अधिक है और हीटवेव में काम करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. हमने अपनी मेडिकल टीमों तो अलर्ट पर रखा है. अस्पतालों में हमने पुलिस और मोबाइल टीमों को तैयार किया है."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (एएनएमसीएच) के सुप्रिटेंडेंट विनोद शंकर सिंह ने बताया कि "अस्पताल में अलग से हीटवेव वॉर्ड बनाया गया है. अस्पताल में 48 बेड का एक अलग वार्ड बनाया गया है. अभी तक इस वार्ड में 35 लोगों को एडमिट कराया जा चुका है."

गर्मी को देखते हुए नालंदा ज़िले के सदर अस्पताल में भी हीटवेव के मरीज़ों के लिए अलग वार्ड तौयार किया गया है.

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दिल्ली सरकार ने की बीजेपी से अपील

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बीते कई दिनों से दिल्ली में पारा अधिक रह रहा है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार बुधवार को दिल्ली में बिजली का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.

दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना ने कहा है कि दिल्ली भीषण हीटवेव से जूझ रही है और ये वक्त राजनीति करने का नहीं है.

उन्होंने कहा, "इस गंभीर हीटवेव से दारौन दिल्ली में पानी की किल्लत है और दिल्ली के लोग इस कारण परेशान हैं. ऐसे वक्त बीजेपी गंदी राजनीति कर रही है. मैं पूछना चाहती हूं कि जब दिल्ली में 50 डिग्री सेल्सियस है तो क्या ये राजनीति करने का वक्त है? क्या ऐसे वक्त हमें साथ नहीं आना चाहिए?"

"दिल्ली के एक तरफ हरियाणा है और दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश है. दोनों ही जगहों पर बीजेपी की सरकार है. अगर बीजेपी कहेगी तो हरियाणा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दिल्ली को ज़रूर पानी देगी."

"अगर आप दिल्ली के लोगों का साथ देना चाहते हैं, मिलजुल कर काम करना चाहते हैं और अगर चाहते हैं कि दिल्ली वालों की ज़िंदगी में कुछ सुधार हो तो हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से कहें कि वो केवल एक महीने के लिए जब तक दिल्ली में मॉनसून नहीं आ जाता तब तक दिल्ली को थोड़ा अधिक पानी दें."

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रॉयटर्स के अनुसार दिल्ली में भीषण गर्मी का असर पशु पक्षियों पर पड़ रहा है. दिल्ली चिड़ियाघर में इस कारण जानवरों के बेहोश होने और बीमार होने की ख़बर है.

दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमने गर्मी को देखते हुए जानवरों के खाने में बदलाव किया है. उन्हें ऐसे मौसमी फल दिए जा रहे हैं जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो."

'राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाए'

इस बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि मौसम की मार के कारण हाल के वक्त में सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है, सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करनी चाहिए ताकि ज़रूरी पड़ने पर बाढ़ और भूकंप की स्थिति की तरह हीटवेव मामले में भी सरकार इमर्जेंसी कदम उठा सके.

कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि जो लोग हीटवेव या इससे होने वाली मुश्किलों के कारण मारे गए हैं उनके लिए मुआवज़े की व्यवस्था के लिए फंड बनाया जाना चाहिए.

कोर्ट ने कहा, "हमारे पास कोई दूसरा ग्रह नहीं है जहां हम जा सकें. अगर हमने अभी से कड़े कदम नहीं उठाए तो हम अपनी भविष्य की पीढ़ियों को देखने का मौक़ा खो देंगे."

वहीं राजस्थान सरकार में आपदा प्रबंधन और राहत मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि "स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक राज्य में हीटवेव से पांच लोग मारे गए हैं और ये पोस्ट मॉर्टम में साबित हुआ है. विपक्ष मौतों के आंकड़े बढ़ा चढ़ा कर बता रही है, लेकिन ये सही नहीं है."

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कई और लोगों की भी मौत हुई है लेकिन कई शवों के पोस्ट मॉर्टम हो नहीं पा रहे हैं ऐसे में मौत की सही वजह का पता नहीं चल पा रहा है.

किरोड़ी लाल मीणा

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हीटवेव के मद्देनज़र तैयारियों पर उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार ने मनरेगा का समय सवेरे 5.30 से 12.30 तक किया गया है. एक दूसरा बदलाव ये किया गया है कि 30 फीसदी काम के लिए 100 फीसदी भुगतान किया जाएगा."

"हीटवेव एक प्राकृतिक आपदा है. मैं मुख्यमंत्री से मिलूंगा और कहूंगा कि और हीटवेव और कड़ाके की ठंड में होने वाली मौतों के लिए आपदा राहत कोष के तहत राहत दी जाए."

"पहले भी वसुंधरा सरकार ने तूफ़ान और बिजली गिरने से होने वाली मौतों के मामलों में सरकारी राहत कोष से मदद का प्रावधान किया था. मैं इस दायरे को बढ़ाने की गुज़ारिश करूंगा."

ओडिशा में चार मौतें

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ओडिशा के राउरकेला के सरकारी अस्पताल में 10 लोगों की मौत हुई है. माना जा रहा है कि ये मौतें हीटस्ट्रोक के कारण हुई है हालांकि अब तक इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हुई है. जिसके बाद प्रदेश सरकार ने सवेरे 11 बजे से दोपहर के तीन बजे के बीच धूप में किए जाने वाले सभी काम बंद करने की सलाह दी है.

राउरकेला के एडीएम आशुतोष कुलकर्णी ने इलाक़े में बहुत अधिक गर्मी के कारण दो दिन के भीतर चार लोगों की मौत और कई लोगों के बीमार होने की पुष्टि की है.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि "गुरुवार को कुछ घंटों के भीतर क़रीब 50 मरीज़ गर्मी से जुड़ी शिकायत लेकर आए थे. उसमें से शुक्रवार सवेरे तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है. 25 लोग अस्पताल में एडमिट हैं, 10 मरीज़ों को आगे रेफर किया गया है."

"आठ लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल में लाया गया था, उनकी मौत के कारण का पता लगाने के लिए उनका पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है."

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ओडिशा स्पेशल रिलीफ़ कमिश्नर सत्यब्रत साहू ने कहा कि अभी तीन जून तक राज्य में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है इसके मद्देनज़र प्रशासन कई कदम उठा रही है.

उन्होंने कहा, "ओडिशा में अप्रैल में 17 दिन भीषण गर्मी पड़ी थी. उस वक्त चार लोगों की मौत हुई थी."

उन्होंने कहा, "इसके बाद मई में कुछ दिनों की राहत थी लेकिन बीते सप्ताह से पश्चिमी और केंद्रीय हिस्सों में फिर से हीटवेव की स्थिति बन गई है. गुरुवार के कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री तक पहुंच गया था."

उन्होंने कहा, "कुछ लोगों की मौत का ख़बर है लेकिन उनकी जांच चल रही है. हमने माइक के ज़रिए लोगों में इस बारे में जागरूकता फैलाने की घोषणा करने का फ़ैसला किया है. लोगों से दोपहर के वक्त घर से बाहर न निकलने और काम न करने की सलाह दी गई है. अगर कोई कॉन्ट्रैक्टर या ऐजेंसी इस दौरान कोई काम करे तो उन्हें आपसा प्रबंधन क़ानून के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है."

उत्तर प्रदेश का हाल

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सोनभद्र के जिला मजिस्ट्रेट विजय सिंह ने शुक्रवार को बताया है कि जिले में शुक्रवार को दो लोगों की मौत कथित तौर पर हीटस्ट्रोक के कारण हुई है. दोनों चुनाव की ड्यूटी में तैनात थे.

विजय सिंह ने एएनआई को बताया कि चुनावों के लिए एक टीम को रॉबर्ट्सगंज के लिए रवाना होना था. दोपहर को तीन लोग बीमार पड़ गए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया. इनमें से दो की मौत हो गई है.

उन्होंने बताया, "इनमें जो लक्षण दिख रहे हैं वो हीटस्ट्रोक के हैं. असली कारणों का पता बाद में चल पाएगा. सीएमओ ने बताया है कि इनमें हीटस्ट्रोक के लक्षण थे."

शुक्रवार को मिर्ज़ापुर में चुनाव की ड्यूटी पर तैनात 23 जवानों के बीमार पड़ने की ख़बर है.

मिर्ज़ापुर डिविज़नल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिंपल बीआर लाल ने बताया, "छह लोगों की मौत हुई है और दो की हालत गंभीर है."

"मुझे पता चला कि ये वहीं अचानक गिर गए थे. जब इन्हें अस्पताल में लाया गया इन्हें तेज़ बुखार था, ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और इनका शुगर बढ़ा हुआ था. इन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हो सकता है."

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भारत के कुछ हिस्सों में गर्मियों के दिनों में अधिक तापमान का होना बड़ी बात नहीं है, लेकिन सालों से हो रहे वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण साल दर साल गर्मी ज़्यादा तेज़ और ज़्यादा वक्त तक पड़ रही है.

शोधकर्ता कहते हैं कि भारत जैसे अधिक आबादी वाले मुल्कों में इसका बड़ा असर पड़ रहा है. पड़ोसी पाकिस्तान में भी इस कारण से जंगलों में आग लगने की ख़बरें हैं. रॉयटर्स के अनुसार वहां बीते महीने पारा 50 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया था.

भारत उन मुल्कों में शुमार है जो सबसे अधिक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन करते हैं. भारत ने कहा है कि 2070 तक उसकी अर्थव्यवस्था नेट ज़ीरो यानी शून्य ग्रीनहाऊस गैस उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करेगी.

लेकिन भारत के मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है कि भारत के विकास के लिए जीवाश्म ईंधन की भूमिका अहम है.

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