उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम के उदय और पतन की कहानी

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- Author, माइक हेंसन
- पदनाम, वरिष्ठ खेल संवाददाता
"आम तौर पर फ़ुटबॉल गेम में 30 शॉट मारे जाते हैं तो इसमें से 25 अमेरिका के होते हैं, लेकिन आज ऐसा नहीं है."
ये उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम के प्रदर्शन पर टीवी कंमेंटेटर की हैरानगी थी. बात 2007 के महिला फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की है.
अमेरिकी महिला फुटबॉलर हीथर ओ रेली ने जैसे-तैसे गोल करके मैच को 2-2 की बराबरी पर खत्म किया था. हीथर स्कोरलाइन से हैरान नहीं थीं. उन्हें पता था कि गेम मुश्किल होने वाली है.
हीथर बताती हैं, "मुझे याद है कि उत्तर कोरिया की टीम निराश लग रही थी. उनकी बॉडी लैंग्वेज से लग रहा था कि वो एक बड़े उलटफेर करने से रह गए हैं."
उत्तर कोरिया महिला फ़ुटबॉल टीम का सफर
उत्तर कोरिया में किम जोंग उन का शासन है. काफी मामलों में दुनिया के अन्य देशों से पीछे रहने वाले नॉर्थ कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम सबसे मजबूत टीमों में से एक रही है.
साल 2007 में उत्तर कोरिया की टीम का जब अमेरिका से मुकाबला हुआ था तो वो दुनिया में 5वें नंबर पर थी और उसने एक दशक में तीन एशियाई खिताब जीते थे.
इसके अलावा नॉर्थ कोरिया ने 2016 में अंडर-20 महिला वर्ल्ड कप जीता. उत्तर कोरिया की टीम ने इस दौरान स्पेन, अमेरिका और फ्रांस जैसी टीम को नॉकआउट राउंड में हराया. साल 2016 में ही उत्तर कोरिया की अंडर-17 टीम ने भी वर्ल्ड कप जीता था.
हीथर ओ रेली ने कहा, "2007 में उत्तर कोरिया के साथ मुकाबला काफी चुनौती वाला था. नॉर्थ कोरिया की सीनियर टीम से फ़ुटबॉल लेना मुश्किल था."
उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया के साथ खेलना हमेशा से एक बड़ी चुनौती होती है.

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क्या सवाल है?
अब सवाल है कि डोपिंग विवाद के बाद वापसी करने पर क्या उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम पहले जैसी मजबूत होगी?
उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम पर Hana, dul, sed नाम की डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वालीं ऑस्ट्रेलियाई फिल्म मेकर ने बताया कि उन्हें खिलाड़ियों ने कहा कि किम जोंग इल हमारा काफी साथ देते थे.
वेइच का मानना है कि नॉर्थ कोरिया ने महिला फ़ुटबॉल पर ध्यान 1986 से शुरू किया था. फीफा कांग्रेस में नार्वे की एलेन विले के भाषण से उत्तर कोरिया को ये प्रेरण मिली थी. विले ने स्पीच में महिला फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप कराने की मांग की थीं.
ऐसे में किम जोंग इल का पास शायद कोई गया और कहा कि हमें इस मौके का इस्तेमाल करना चाहिए.
फिल्म मेकर ने बताया, ''नॉर्थ कोरिया अर्थशास्त्र, विज्ञान, मानवधिकारों और अन्य बातों को लेकर अच्छा नहीं होगा, लेकिन वो किसी खेल में तो अच्छा हो सकता है.''
ऐसे में किम जोंग इल को लगा कि हमारे पास दुनिया को कुछ दिखाने का मौका है.

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ऐसे में प्लान बहुत आसाना था.
स्कूलों में ट्रेनिंग शुरू की गई, स्काउट को देश की अलग-अलग जगहों पर भेजा गया और अन्य काम किए गए. उत्तर कोरिया में कई लोगों का जीवन काफी कठिन है.
खाने की कमी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने जैसी विभिन्न कमियां है. खासकर ग्रामीण एरिया में.
सुंयक्त राष्ट्र की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार,उत्तर कोरिया में डिटेंशन सेंटरों में जबरन श्रम और यौन हिंसा आम है. देश से भागने वालों में से कुछ ने जबरन गर्भपात कराने वाली महिला कैदियों के बारे में भी बताया है.

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'महिला फ़ुटबॉल टीम के खिलाड़ी स्टार थे'
वहीं, दूसरी तरफ प्योंगयांग में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर काफी अच्छा था. इसको लेकर वेइच ने कहा कि ऐसा लगता है कि यहां रहने वाले लोग काफी प्रिविलेज थे.
ऐसे में खिलाड़ियों को प्योंगयांग में अपार्टमेंट में रहने के लिए गिफ्ट के तौर पर जगह दी जाती थी. ऐसा में टीम में चयन होना उनके करियर और परिवार के लिए काफी अच्छा होता था.
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम के खिलाड़ी स्टार थे और उन्हें लोग जानते थे. राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का मतलब यह भी है कि खिलाड़ी देश से बाहर भी जा सकते हैं. उत्तर कोरिया के लोगों को राज्य की अनुमति के बिना विदेश यात्रा की अनुमति नहीं है.

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'मेरे मन में जिज्ञासा थी'
साल 2007 में महिलाा वर्ल्ड कप में उत्तर कोरिया के साथ ड्रॉ खेलने वाली उत्तर कोरिया की टीम स्वीडन और नाइजीरिया से तो आगे निकल गई थी, लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में जर्मनी से हार गई.
यूएसए की महिला फुटबॉलर हीथर ओ'रेली ने कहा, " 2007 में महिला वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिका और उत्तर कोरिया की टीम एक होटल में ठहरी हुई थी. मुझे याद है कि मैं एलिवेटर में थीं और इस दौरान नॉर्थ कोरिया की टीम के कुछ प्लेयर भी थे. मैंने सोचा कि इनसे बात करना सही होगा, लेकिन उनको देखकर लगा कि वो बात नहीं करना चाहते."
उन्होंने कहा कि मैं हमेशा सोचती थीं कि उत्तर कोरिया के प्लेयर की क्या ट्रेनिंग होगी? क्या तैयारी होगी? ऐसे सवालों को लेकर हमेशा मेरे मन में जिज्ञासा थी.

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उत्तर कोरिया पर लगाया बैन
इन सबके बीच नॉर्थ कोरिया की महिला फुटबॉल टीम आगे बढ़ ही रही थी कि वो 2011 में सबसे बड़े डोपिंग स्कैंडल में फंस गईं. टीम के पांच खिलाड़ियों में दुर्लभ प्रकार का स्टेरॉयड मिला. वहीं, उत्तर कोरिया का जवाब इससे ज्यादा अजीब था.
उत्तर कोरिया ने कहा, ''हमारे खिलाड़ी पॉजिटिव कस्तूरी मृग की ग्रंथियों से पारंपिक तौर पर बनी दवाई के लेने के कारण हुए हैं.''
फीफा ने साल 2015 में हुए वर्ल्ड कप में उत्तर कोरिया को नहीं खेलने दिया और बैन लगा दिया. टीम 2019 के टूर्नामेंट में जगह बनाने में विफल रही. साथ ही टीम 2023 में भी नहीं खेली.

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उत्तर कोरिया की महिला फ़ुटबॉल टीम ने आखिरी बार क्या जीता था?
आखिरी बार नॉर्थ कोरिया ने एशियन गेम में सिल्वर मेडल जीता, लेकिन वो पेरिस ओलंपिक में नहीं खेल पाई क्योंकि उन्हें फरवरी में जापान ने 2-1 से हरा दिया. ऐसे में सवाल है कि भविष्य में टीम किस तरह की ताकत जुटा पाएगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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