इंदौर में चूड़ी बेचने वाले तस्लीम अली बरी होने के बाद क्या कर रहे हैं?

तस्लीम अली
इमेज कैप्शन, तस्लीम अली पर पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और 420 समेत 9 धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.
    • Author, समीर ख़ान
    • पदनाम, इंदौर से बीबीसी हिंदी के लिए

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक निचली अदालत ने चूड़ी बेचने वाले तस्लीम अली को पॉक्सो एक्ट समेत सभी 9 मामलों में बरी कर दिया है.

इस मामले में तस्लीम अली ने कहा कि उन्हें देश के संविधान पर विश्वास है और उनके साथ 'जिसने जो भी किया है, वो उसे माफ़ करते हैं.'

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले तस्लीम इंदौर में चूड़ी बेचते थे, जहां उन पर 22 अगस्त 2021 को भीड़ ने हमला कर दिया था.

हमले की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस घटना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे.

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क्या है पूरा मामला?

तस्लीम अली के साथ मारपीट.

इमेज स्रोत, SHURAIH NIYAZI/BBC

इमेज कैप्शन, इंदौर में चूड़ी बेचेन वाले तस्लीम अली पर 2021 भीड़ ने हमला किया था.

मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले शहर इंदौर में एक प्रवासी चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली के साथ साल 2021 में कुछ लोगों ने मारपीट की थी.

उन लोगों ने तस्लीम को धमकाया भी था कि वो चूड़ी बेचने के लिए हिंदुओं के इलाक़े में न आया करें.

तस्लीम के साथ मारपीट करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी, लेकिन फिर पुलिस ने तस्लीम पर ही पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और 420 समेत 9 धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था.

इस मामले में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी संज्ञान लिया था.

अल्पसंख्यक आयोग ने इस मामले में इंदौर के कलेक्टर को नोटिस जारी करके पूछा था कि 'अल्पसंख्यक शख़्स पर धर्म के नाम पर बहुसंख्यक इलाक़े में उसके आने पर हमला क्यों किया गया?'

मध्यप्रदेश के तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया था वह (तस्लीम) व्यक्ति 'हिंदू नाम रखकर चूड़ियाँ बेचता था और उसके पास से दो फ़र्ज़ी आधारकार्ड भी मिले हैं.'

उसी वीडियो में तस्लीम को यह कहते हुए धमकी दी जा रही थी कि 'आज के बाद किसी भी हिंदू क्षेत्र में मत दिख जाना.'

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एफ़आईआर में क्या था?

तस्लीम का बयान.

इस मामले में दर्ज की गई एक एफ़आईआर में लिखा गया था, "तस्लीम अली, जब गोविंद नगर थाना बाणगंगा क्षेत्र में चूड़ियां बेचने गए थे, तो 5-6 लोग आए और उनका नाम पूछा और जब उन्होंने नाम बताया तो लोगों ने मारना शुरू कर दिया."

"उन लोगों ने तस्लीम के पास मौजूद 10,000 रुपये नक़द और मोबाइल फ़ोन भी छीन लिए. इसके साथ ही उनका आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज़ भी ले लिए."

"साथ ही लगभग 25,000 हज़ार रुपये का माल, जिसमें चूड़ियां शामिल थीं, वो लूट लिया गया."

वहीं, तस्लीम अली पर पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और 420 समेत 9 धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.

पुलिस के अनुसार, तस्लीम के ख़िलाफ़ एक नाबालिग़ लड़की ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी.

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अदालत में क्या हुआ?

इंदौर स्थित निचली अदालत
इमेज कैप्शन, अदालत में तस्लीम के ख़िलाफ़ केस दर्ज करवाने वाली वाली लड़की अपने बयान से पलट गई.
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एपिसोड

समाप्त

मंगलवार को विशेष जज (पॉक्सो) ने तस्लीम अली को बरी कर दिया.

फ़ैसले में ये कहा गया है कि अभियोजन पक्ष ये बात साबित करने में विफल रहा कि तस्लीम अली ने बच्ची से छेड़छाड़ की या उन्होंने अपनी पहचान छुपाई.

उनके वकील शेख़ अलीम ने कहा, "इस मामले में न्यायालय में शिकायत करने वाली लड़की ने ही तस्लीम को नहीं पहचाना है और साथ ही पुलिस ने जो बयान न्यायालय में पेश किए, वो भी उसके नहीं हैं."

उन्होंने कहा कि शिकायत करने वाली लड़की 'कुछ लोगों ने गुमराह किया,' क्योंकि इस मामले में रिपोर्ट भी तीन दिन बाद दर्ज कराई गई.

शेख़ अलीम ने तस्लीम पर लगे अन्य आरोपों के बारे में बताया, "साथ ही आधार कार्ड के दो होने के मामले में भी गांव के वर्तमान और पूर्व सरपंच ने अपने बयान में कहा है कि आधार कार्ड का नंबर दोनों में एक ही है और तस्लीम को गांव में दो नामों से जाना जाता है."

"इसीलिए ग़लती से अलग-अलग आधार में उनके नाम और पिता का सरनेम ग़लत हो गया था."

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री आवास योजना के 1 लाख 20 हजार रुपये भी तस्लीम को पंचायत ने ही दिलवाए थे. इस तरह कोई भी मामला न्यायालय में साबित नहीं हो पाया और तस्लीम दोष मुक्त हो गए."

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रिहा होने पर क्या बोले तस्लीम?

तस्लीम अली.

इमेज स्रोत, SHURAIH NIYAZI/BBC

इमेज कैप्शन, तस्लीम अब भी चूड़ी बेचते है.

तस्लीम को इस मामले में क़रीब चार महीने तक जेल में रहना पड़ा. वो इस बारे में कहते हैं, "चार महीने की जेल की पीड़ा किसी को बताई नहीं जा सकती है."

"फिर भी मेरे साथ जिसने जो भी किया, मैं सभी को माफ़ करना चाहता हूं. मुझे देश के संविधान पर पूरा विश्वास था. मुझे न्याय मिला है."

तस्लीम कहते हैं कि जब वो जेल में थे, तभी पैसों की परेशानी की वजह से उनके बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था.

और अब भी वो अपने बच्चों को आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं. उनके तीन लड़के और तीन लड़कियां हैं.

तस्लीम अब भी चूड़ी बेचने का काम करते हैं और इसके लिए वो अलग-अलग राज्यों में भी जाते हैं.

लेकिन, वो कहते हैं कि अब अकेले जाने में उनको डर लगता है. अब वो अपने भाई या किसी और को साथ लेकर ही चूड़ियां बेचने जाते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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