बदायूं: क्या हैं दो भाइयों की हत्या से जुड़े अनसुलझे सवाल? ग्राउंड रिपोर्ट

- Author, अनंत झणाणें
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बदायूं से
उत्तर प्रदेश के बदायूं में दिल दहला देने वाले आयुष और आहान के हत्या के मामले को दो दिन से ज़्यादा समय बीत चुका है और अब भी इस जघन्य वारदात से जुड़े कई पहलुओं के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है.
इस मामले में धारदार हथियार से दोनों भाइयों की हत्या के अभियुक्त साजिद को हादसे के दिन यानी बुधवार को ही स्थानीय पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था.
लेकिन गुुरुवार सुबह उसके भाई जावेद का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो सरेंडर करने की बात कर रहा है और फिर थोड़ी देर बाद पुलिस के हवाले से ख़बर आई कि जावेद ने बरेली के बारादरी थाने इलाके में आत्मसमर्पण कर दिया.
पुलिस ने जावेद के हवाले से कहा कि उसका बड़ा भाई साजिद बचपन से काफ़ी बीमार रहता था, गुस्से का तेज़ था, और एक बार उसने गुस्से में आप को घायल करने की भी कोशिश भी की थी. और कभी-कभी वो घरवालों के नियंत्रण में भी नहीं रहता था.
पुलिस के मुताबिक़, साजिद ने वारदात के दिन भी अपने भाई जावेद से तबियत ख़राब होने की बात कही थी. तो क्या हैं घटना से जुड़े सवाल जो परिवार वाले अब भी पूछ रहे हैं?
पीड़ित परिवार: साज़िश का पर्दाफ़ाश हो

संगीता देवी अब भी अपने घर में बदहवास पड़ी हुई हैं. जब उन्हें साजिद के भाई जावेद के आत्मसमर्पण की ख़बर मिली तो वो बोलीं, "उससे सच बुलवाओ कि उसने ऐसा क्यों किया या फिर यह किसी ने उससे करवाया है? पैसे दिए हैं? वो यह बताएगा."
आयुष और आहान के पिता विनोद कुमार ने कहा, "हमको राज़ पता चलना चाहिए कि इससे कौन-कौन जुड़ा हुआ है. हमारे घर में घुसने की हिम्मत नहीं थी किसी की, लेकिन उसने (साजिद) तो पूरे घर को मार डाला."
विनोद कुमार कहते हैं, "किसी ने ये हत्याएं करवायी है. इसके (साजिद के) साथ कोई ज़रूर जुड़ा है."
बदायूं के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने हत्या की मंशा के बारे में कहा, "एक बात यह निकल कर आ रही है कि वो (साजिद) मानसिक रूप से परेशान था, आक्रामक और हिंसक प्रवृत्ति का था. यह भी बात समझ में आयी है कि उसकी शादी भी बहुत दिक्क़त में थी, क्योंकि तीन चार साल पहले शादी होने के बाद और कोशिशों के बाद भी उसकी पत्नी को बच्चा नहीं हो पा रहा था."
इस बारे में जब हमने साजिद की पत्नी सना से बात की तो उन्होंने कहा कि, "हमारी शादी को चार साल हो गए थे. बच्चे तो हुए लेकिन जिए नहीं. दो बच्चे हुए और वो पैदा होते ही ख़त्म हो गए."
सना की माँ मिस्कीना ने बीबीसी से कहा, "साजिद मेरी बेटी को सही से रखता था. कभी उसे कोई परेशानी नहीं हुई."
हत्याकांड में जावेद कितना शामिल था?

आयुष और आहान के परिवार वालों द्वारा दर्ज कराई गई एफ़आईआर में दोनों भाई, साजिद और जावेद, नामजद अभियुक्त हैं. और हत्या में दोनों की भूमिका बताई जा रही है. पीड़ितों के परिवारवालों से यह बात सामने आई कि जावेद पहले से ही मौका-ए-वारदात से भाग निकला.
लेकिन जावेद की माँ कहती हैं कि घटना के समय वो घर पर था और, "उसे किसी मोहल्ले वाले का फ़ोन आया कि तुम्हारे भाई ने किसी से झगड़ा किया है और तुम जाकर देखो. तब वो यहाँ से गया है."
यही बात जावेद ने एक वायरल वीडियो में भी कही है.
आयुष और आहान की मां संगीता देवी कहती हैं, "जावेद बचने के लिए झूठ बोल रहा है. वो दोनों (साजिद और जावेद) थे."
पुलिस ने जावेद की भूमिका के बारे में मीडिया को बताया कि "जब जावेद को नीचे से घर की छत पर साजिद खून से सना हुआ दिखाई पड़ा तो यह घबरा गया. जब वो नीचे आया तो दोनों भाईयों ने वहां से भागने की कोशिश की तो पब्लिक ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन दोनों वहां से भाग निकले."
क्या पुलिस की गिरफ़्त से भागा साजिद? कहाँ मिला उसे हथियार?

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बच्चों की माँ संगीता देवी का कहना है कि उन्होंने पुलिस को साजिद को पकड़ कर ले जाते देखा.
वो कहती हैं, "जब पुलिस लेकर जा रही होगी तभी वो भागा होगा. तभी उन्होंने मार दिया."
लेकिन क्या जब साजिद घर में घुसा तो किसी ने उसे हथियार लाते देखा?
विनोद कुमार कहते हैं, "जब वो घर में घुसा तो किसी ने उसे चाकू लाते नहीं देखा तो तमंचा कैसे दिखता? जब घर में पैसे मांगने के लिए आया तो अपनी पेंट में चाकू के साथ तमंचा भी लेकर आया होगा? इस चीज़ पर सवाल तो होना ही चाहिए?"
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि पुलिस ने साजिद को चाकू बेचने वाले शख़्स की पहचान कर ली है और उससे पूछताछ हो रही है.
पुलिस का कहना है कि साजिद के भाई जावेद के मुताबिक़ उसे यह नहीं मालूम था कि साजिद ने चाकू हत्या करने के लिए ख़रीदा था.
पुलिस का कहना है कि जावेद ने उन्हें बताया कि उसे लगा कि साजिद ने रमज़ान के समय गोश्त काटने का काम करने के लिए चाकू ख़रीदा है.
एनकाउंटर से जुड़े सवाल?

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पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को बताया कि उन्हे "जब सूचना मिली कि व्यक्ति खून से सने कपड़ों में पास के जंगलों के पास दिखाई पड़ा है तो पुलिस ने वहां घेराबंदी की और जब साजिद ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पार्टी पर फ़ायर किया तो जवाबी फ़ायर में उसे गोली लगी और अस्पताल ले जाते हुए उसकी मौत हो गई."
इस कथित एनकाउंटर से जुड़े कुछ सवाल अब भी बने हुए हैं.
जैसे साजिद को चाकू बेचने वाले से तो पुलिस पूछताछ कर रही है लेकिन भागने के बाद साजिद के पास मौके से भागने के बाद बन्दूक कहाँ से आई?
क्या उसके पास बन्दूक पहले से ही मौजूद थी? बन्दूक के बारे में जावेद से पुलिस ने क्या पूछा? और क्या बंदूक देसी तमंचा था या साजिद ने भागते वक्त किसी पुलिस वाले से उसकी सर्विस रिवॉल्वर छीन कर पुलिस वालों पर फ़ायरिंग की और फिर बाद में जवाबी फ़ायर में घायल हुआ? ये सब सवाल बने हुए हैं.
मानवाधिकार आयोग के नियमों के अनुसार हर पुलिस एनकाउंटर की नियमानुसार जांच होती है और देखना होगा कि इस जांच में क्या निकलकर आता है.
जब मीडिया ने बदायूं के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी से एनकाउंटर से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि एनकाउंटर की न्यायिक जाँच हो रही है और उनका इस बारे में कोई बयान देना उचित नहीं होगा.
जावेद का वायरल वीडियो कब, कैसे और किसने बनाया?

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गुरुवार सुबह साजिद के भाई जावेद जो वारदात के बाद से फ़रार था, उसका एक वीडियो सामने आया जिसमें वो यह कह रहा था कि "भाई मुझे पुलिस के पास ले चलो मुझे सरेंडर करना है."
देखने से वीडियो रात के अंधेरे में बनाया हुआ लगता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जावेद कुछ लोगों से घिरा हुआ है जो उससे सवाल कर रहे हैं, और उसकी शिनाख्त करने के लिए उसका आधार कार्ड चेक कर रहे हैं.
यह लोग कौन हैं, वीडियो देखने से यह नहीं पता चल पा रहा है. और साथ ही वीडियो बनाने वाला शख़्स कौन था और वीडियो किसने वायरल किया इस बारे में भी अब तक कोई तथ्य उजागर नहीं हुए हैं.
इस वीडियो के जारी होने के ठीक बाद पुलिस ने इस बात की पुष्टि की कि जावेद ने बरेली के बारादरी थाने इलाके में आत्मसमर्पण कर दिया है. जब पुलिस से इस बारे प्रेस कांफ्रेंस में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो वायरल वीडियो की जांच करा रहे हैं.
सवालों से दोनों परिवार परेशान

सिर्फ आयुष और आहान के परिवारवाले ही नहीं, साजिद और जावेद के परिवार वाले भी उनके इस मामले में संलिप्तता से जुड़े सवाल कर रहे हैं.
साजिद की सास मिस्कीना कहती हैं, "अगर हमारे मन में सवाल हो तो क्या हमारा सवाल पूरा हो जाएगा? क्या हमारे दामाद को मीडिया वाले या सरकार वापस करवा सकते हैं?"
अपनी बेटी सना की ओर हाथ बढ़ा कर वो कहती हैं, "यह जवान बेटी है, इसको हम कैसे पालेंगे? अब यह हमें ही पता है."
अंत में वो कहती हैं, "अगर इतना ग़लत किया था तो उसे मारने वाले उसे ज़िंदा रखते और तब उसका एनकाउंटर करते. तभी वो इन सवालों के जवाब दे सकता था."
साजिद और जावेद की माँ नाज़नीन(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















