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पीएम मोदी से सवाल पूछने के बाद ऑनलाइन उत्पीड़न झेलने वाली सबरीना सिद्दीक़ी पर बोला व्हाइट हाउस
अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्टर सबरीना सिद्दीक़ी को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने के बाद ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था.
सोमवार को व्हाइट हाउस ने घटना की निंदा की है. सबरीना ने पीएम मोदी से उनकी सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ कथित भेदभाव और मानवाधिकार से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल पूछा था.
वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास और दफ़्तर है. इसे अमेरिका की सत्ता का केंद्र माना जाता है.
सोमवार को व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेन्स में एनबीसी की रिपोर्टर केली ओ'डोनेल ने सबरीना के ऑनलाइन उत्पीड़न से जुड़ा सवाल पूछा.
केली ओ'डोनेल ने व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी जॉन किर्बी से पूछा, ''मैं संक्षेप में एक अलग सवाल पूछना चाहती हूँ. वॉल स्ट्रीट जर्नल की हमारी साथी पत्रकार ने राष्ट्रपति बाइडन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल-जवाब के सत्र में पीएम मोदी से सवाल पूछा था. इसके बाद से भारत के कुछ लोग उन्हें ऑनलाइन प्रताड़ित कर रहे हैं. इनमें से कुछ नेता हैं जो मोदी सरकार के समर्थक हैं. सबरीना को इसलिए निशाने पर लिया जा रहा है कि वह मुस्लिम हैं और उन्होंने इससे जुड़ा सवाल पूछा था. लोकतांत्रिक नेता से सवाल पूछने पर इस तरह के उत्पीड़न का सामना करने को लेकर व्हाइट हाउस की क्या प्रतिक्रिया है? ''
इस सवाल के जवाब में किर्बी ने कहा, ''हमें उत्पीड़न की जानकारी है. यह अस्वीकार्य है. हम पत्रकारों के उत्पीड़न की निंदा करते हैं. ये पत्रकार चाहे कहीं के भी हों या किसी भी स्थिति में हों. यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है. यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के भी ख़िलाफ़ है.''
सबरीना सिद्दीक़ी ने क्या पूछा था?
पिछले हफ़्ते जब मोदी व्हाइट हाउस स्टेट विजिट पर पहुँचे थे तब संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सबरीना सिद्दीक़ी ने मानवाधिकार और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे पर पीएम मोदी से सवाल पूछा था.
पीएम मोदी ने जवाब दिया था, ''मैं सवाल से हैरान हूँ. लोकतंत्र हमारे डीएनए में है. भारत में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं है.''
मोदी सरकार पर पहले भी हिंदू राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने, मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करने के आरोप लगते रहे हैं. इनमें मुस्लिमों के साथ हिंसा की घटनाएं, मुस्लिम पत्रकारों और स्टूडेंट्स की गिरफ़्तारी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं.
ऐसे में जब नरेंद्र मोदी बतौर पीएम पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का जवाब देने के लिए आए तो सबरीना ने सवाल पूछा.
पीएम मोदी ने अपने जवाब में कहा था, “लोकतंत्र हमारी रगों में है. लोकतंत्र को हम जीते हैं. और हमारे पूर्वजों ने उसे शब्दों में ढाला है, संविधान के रूप में. हमारी सरकार लोकतंत्र के मूलभूत मूल्यों को आधार बनाकर बने हुए संविधान के आधार पर चलती है. भारत में सरकार की ओर से मिलने वाले लाभ सभी को उपलब्ध हैं, जो भी उनके हक़दार हैं, वो उन सभी को मिलते हैं. इसलिए भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई भेदभाव नहीं है. न धर्म के आधार पर, न जाति के आधार पर, न उम्र के आधार पर, और न भूभाग के आधार पर.”
सवाल पूछने के बाद ट्रोलिंग
जब सबरीना सिद्दीक़ी ने पीएम मोदी से सवाल पूछा तो कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई.
बीजेपी समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स से सबरीना सिद्दीक़ी को एंटी इंडिया, पाकिस्तानी कहा जाने लगा.
सबरीना सिद्दीक़ी की मुस्लिम पहचान पर भी जमकर निशाना साधा गया.
सबरीना ने पाकिस्तान के झंडे की जो तस्वीरें पोस्ट की थीं, उन पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी ट्रोलर्स ने शेयर किए और सबरीना को घेरने की कोशिश की.
ट्रोलिंग बढ़ी तो सबरीना सिद्दीक़ी ने ट्विटर पर अपने पिता के साथ की साल 2011 की तस्वीर पोस्ट की. इस तस्वीर में इंडिया के मैच के दौरान सिद्दीक़ी इंडिया की जर्सी पहने अपने पिता के साथ दिख रही हैं.
सबरीना ने ट्वीट किया, ''अब जब कुछ लोग मेरे निजी बैकग्राउंड से कुछ साबित करना चाहते हैं, तब मुझे लगता है कि पूरी तस्वीर मुहैया करवानी चाहिए. कई बार पहचान जितनी सरल दिखती है, उससे जटिल होती है.''
सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें भी मौजूद हैं, जिनमें सबरीना टीम इंडिया की जर्सी पहने भारतीय क्रिकेट टीम को सपोर्ट करती दिखी हैं.
सबरीना के इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कांग्रेस के कई नेताओं ने मोदी सरकार को घेरा था.
सबरीना की ऑनलाइन ट्रोलिंग की इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने भी आलोचना की है.
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने ट्वीट किया, ''ज़िम्मेदार नेताओं से सवाल पूछने के मामले में पत्रकार अहम भूमिका अदा करते हैं और अपना काम करने की वजह से ऐसे पत्रकारों की कभी भी ट्रोलिंग नहीं होनी चाहिए. हम सबरीना और ऐसी धमकियों का सामना कर रहे हर पत्रकार के साथ खड़े हैं.''
सबरीना सिद्दीक़ी कौन हैं?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, सबरीना सर सैयद अहमद ख़ान के परिवार से हैं.
सबरीना लंबे समय से व्हाइट हाउस रिपोर्टर हैं और वह बाइडन प्रशासन को कवर करती हैं.
सबरीना उन पत्रकारों में शामिल हैं, जो इस साल राष्ट्रपति बाइडन की ऐतिहासिक यूक्रेन यात्रा में साथ थीं.
2019 में वॉल स्ट्रीट जनरल में नौकरी शुरू करने से पहले वो द गार्डियन के लिए राष्ट्रपति चुनाव और व्हाइट हाउस कवर कर चुकी हैं.
सबरीना सिद्दीक़ी ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और अपने पति, बच्ची के साथ वॉशिंगटन में रहती हैं.
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