बिहार की सियासी हलचल: नीतीश कुमार मौन, पत्ते परखने में लगी लालू यादव की पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर जब पटना से दिल्ली तक अटकलों का बाज़ार गर्म था, तब उनकी बक्सर के एक मंदिर में पूजा करने की तस्वीरें सामने आईं.
केंद्रीय मंत्री और बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे उनके साथ नज़र आए. नीतीश कुमार ने ख़ुद कुछ नहीं कहा लेकिन कई लोगों को तस्वीरें बहुत कुछ बोलती नज़र आईँ.
अश्विनी चौबे उसी भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं जिसके साथ मिलकर नीतीश कुमार की पार्टी ने 2019 का लोकसभा और 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा था.
फिलहाल नीतीश कुमार लालू प्रयास यादव के राष्ट्रीय जनता दल के समर्थन से मुख्यमंत्री हैं. साल 2022 के अगस्त महीने में नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले एनडीए से नाता तोड़ा था और सरकार बनाई थी.
अटकलें हैं कि नीतीश कुमार के एक बार फिर एनडीए में दाखिल होने का रास्ता तैयार हो चुका है.
नीतीश कुमार इन अटकलों पर मौन हैं लेकिन बिहार की राजनीति में दखल रखने वाले सभी राजनीतिक दलों की शनिवार को दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकें और मुलाकातों का दौर जारी रहा.

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जेडीयू का कांग्रेस पर वार
बयानों में छुपे संकेतों को पढ़ने वाले राजनीतिक विश्लेषकों को जनता दल यूनाइटेड के नेता और नीतीश कुमार के करीबी केसी त्यागी के बयान में भविष्य की राजनीतिक दिशा का इशारा मिला.
कांग्रेस पार्टी को कठघरे में खड़ा करते हुए शनिवार को केसी त्यागी ने आरोप लगाया, “कांग्रेस के रवैये से इंडिया गठबंधन टूट के कगार पर है.”
केसी त्यागी ने कहा, “जिस मेहनत और इरादों से नीतीश कुमार ने इसे (इंडिया गठबंधन को) संगठित किया था वो कांग्रेस पार्टी के अड़ियल और गैर-ज़िम्मेदाराना रवैये से तार-तार हो गया है. ”
कांग्रेस बिहार की राजनीति में अहम भूमिका में नहीं है. ये पार्टी महागठबंधन का हिस्सा ज़रूर है लेकिन बिहार की राजनीति के तीन प्रमुख दल राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी हैं.
राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी शनिवार को पटना में बैठकें की. दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने मुलाकात की.
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की भी बैठक हुई.
इन तमाम बैठकों के बाद किसी भी पार्टी के किसी नेता ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिससे अटकलें शांत हों बल्कि इशारों में कही गई हर बात ने कयासों को थोड़ी हवा ही दे डाली.

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जेडीयू के तीखे तेवर
जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल पर हमला बोलते हुए उसे आगाह किया.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार विष्णु नारायण के मुताबिक नीरज कुमार ने कहा, “आरजेडी नेतृत्व बेचैन है. बेचैनी की वजह साफ है. इनकी आदत में शुमार रहा है नौकरी के बदले ज़मीन लेना. दो लाख 15 हज़ार शिक्षकों की बहाली (भर्ती), जो तय समय सीमा में माननीय नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें न पदस्थापन (पोस्टिंग) में चल पाया और न नौकरी देने में चल पाया. तो स्वाभाविक है अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं."
नीरज कुमार ने कहा, “अनर्गल प्रलाप पर रोक लगाइए वरना राजनीति में इसका अंजाम बेहतर नहीं होगा.”

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दूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल विधायकों की बैठक के बाद पार्टी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मीटिंग में हुई बातों का ब्योरा दिया तो वो ऐसी कोई बात कहने से बचते रहे जिससे कोई विवाद की स्थिति झलके.
मनोज झा ने कहा, ''इस सरकार की नींव लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार ने मिलकर रखी. हम इस सरकार को गिराने की सोच भी नहीं सकते.''
उन्होंने कहा, ''इसके बाद हर पहलू पर गंभीरतापूर्वक विश्लेषण के बाद लालू जी को सब लोगों ने हाथ उठाकर अधिकृत किया कि जो भी फैसला होगा, हम आपके साथ होंगे.”
राष्ट्रीय जनता दल के सीनियर नेता शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार के पुराने बयान का ज़िक्र किया और सवाल किया कि आखिर वो एनडीए में वापस कैसे लौट सकते हैं.
पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या सरकार जा रही है, तो तिवारी ने कहा, “हम नहीं कह सकते हैं इस बारे में. ये आपको तेजस्वी बताएंगे, लालू जी बताएंगे. हम उसके लिए अधिकृत नहीं हैं लेकिन इतना ज़रूर कहेंगे कि नीतीश कुमार ने कहा था कि हम मिट्टी में मिल जाएँगे, लेकिन बीजेपी में नहीं जाएंगे. हम आरएसएस मुक्त देश बनाएंगे. वो कैसे हिम्मत कर रहे हैं, हम कह नहीं सकते.”

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भारतीय जनता पार्टी नेता भी शनिवार को पटना से लेकर दिल्ली तक सक्रिय दिखाई दिए. पटना में बिहार बीजेपी के अहम नेताओं की बैठक हुई.
बैठक के बाद बिहार बीजेपी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा, “न नीतीश जी ने इस्तीफ़ा दिया है, न किसी ने समर्थन वापस लिया है, पहले कोई बात होती है तभी तो कोई बात होगी. राजनीति का बड़ा स्पष्ट (सिद्धांत) है कि आप क्या संदेश दे रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी ये जानना चाहती है कि बिहार की स्थिति क्या है? ये जानेंगे तभी तो डिसीजन लेंगे.”
हालांकि, आपसी बातचीत में भारतीय जनता पार्टी के नेता स्पष्ट बोलते हुए नज़र आए.
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बीजेपी नेता और सांसद राजीव प्रताप रूडी का एक वीडियो समाचार एजेंसी पीटीआई ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया.
वीडियो में रूडी बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन के साथ खड़े दिखे. वो आगे की सीट पर बैठे यात्री से बात करते नज़र आए. रूडी जिन नेता की तरफ देखकर बात कर रहे थे वीडियो में वो नज़र नहीं आए लेकिन पीटीआई ने दावा किया है कि रूडी जिन यात्री से बात कर रहे हैं, वो पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं.
वीडियो में रूडी को कहते सुना जा सकता है, “शपथ आप ही ले रहे हैं क्या?”
बाद में बीजेपी की पटना में हुई मीटिंग के बाद रुडी ने पत्रकारों से कहा, ''हम पार्टी बैठक में हिस्सा लेने के लिए आए हैं, हम लोग अनुशासन वाली पार्टी हैं. बैठक में कुछ अच्छा होना चाहिए. अगर कोई परिवर्तन है तो देखते हैं. जो बिहार के लिए अच्छा हो, वही होना चाहिए.''
बिहार में चढ़ते सियासी पारी के बाद शाम को ख़बर आई कि गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल का अपना दौरा टाल दिया है.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार से दो दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचने वाले थे.
शाह को दो जनसभा संबोधित करनी थी और वो कोलकाता में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करने वाले थे.

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राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं की तरह कांग्रेस ने भी दावा किया कि उनका संपर्क नीतीश कुमार से नहीं हो पा रहा है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “मैं औपचारिक तौर पर आपसे ये भी कह सकता हूं कि खड़गे जी ने बिहार के मुख्यमंत्री से बात करने के लिए प्रयास किया है. ईमानदारी से प्रयास किया है और एक बार नहीं, दो तीन बार प्रयास किया है.”
उन्होंने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री व्यस्त हैं. यहां वहां मीटिंग है. खड़गे जी भी व्यस्त हैं. जब ये फ्री होते हैं, तो बिहार के मुख्यमंत्री फ्री नहीं हैं, जब बिहार के मुख्यमंत्री फ्री हैं, तो खड़गे जी व्यस्त हो जाते हैं.”
बीबीसी संवाददाता चंदन जजवाड़े के मुताबिक देर रात बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असीत नाथ तिवारी ने अपने ट्वीट के ज़रिए नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया.
उन्होंने लिखा, "टॉस में गड़बड़ी रोकने के लिए आईसीसी ने फ़ैसला किया है कि अब सिक्के की जगह नीतीश कुमार को उछाला जाएगा. क्यूंकि सिक्का पलटने में काफी टाइम लेता है..!"
बिहार में जारी अटकलों के दौर के बीच राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया.
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लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने ज़रूर मीडिया से बात की.
मीसा भारती ने कहा, ''कोई जानकारी नहीं है. जो न्यूज में चल रहा है, वही चल रहा है. किसी तरह से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं पता है.''
हलचल भरे शनिवार की शाम एक राजनीतिक विश्लेषक की राय थी कि बिहार में आगे क्या होना है, ये बात यकीन से सिर्फ़ एक व्यक्ति को पता है. वो हैं नीतीश कुमार. अब देखना है कि वो कब मौन तोड़ते हैं.
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