रूस और भारत के सवाल को लेकर पत्रकार पर भड़क गए ट्रंप, ये चेतावनी भी दी

डोनाल्ड ट्रंप

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इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस में भारत पर लगाए गए टैरिफ़ पर पूछे सवाल पर पोलैंड के पत्रकार से उलझे ट्रंप

बुधवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में पत्रकार वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के विरुद्ध सख़्त बयान दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए हैं. उन्होंने यह भी इशारा किया कि अभी 'फेज़ टू' और 'फेज़ थ्री' बाकी हैं.

भारत को लेकर ट्रंप की तीख़ी बयानबाज़ी कोई नई बात नहीं है. उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भी हाल में कई बार भारत के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियां की हैं.

इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि 'अमेरिका भारत से इस तरह से बात नहीं कर सकता.'

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हालांकि ट्रंप ने दो दिन पहले ही कहा था कि 'अब भारत ने टैरिफ़ घटाकर ज़ीरो करने की पेशकश की है, लेकिन इसमें देरी हो गई है. उन्हें यह काम सालों पहले कर लेना चाहिए था.'

शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन (एससीओ) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस और चीन के नेताओं से मिलने पर भी ट्रंप प्रशासन की ओर से तीख़ी प्रतिक्रियाएं आईं.

पोलिश पत्रकार से नोकझोंक में ट्रंप ने क्या कहा

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व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नाव्रॉकी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.

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पोलिश रेडियो के एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नाराज़गी जताई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की, तो ट्रंप ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी.

ट्रंप ने कहा, "आप कहते हैं कोई कार्रवाई नहीं हुई? भारत पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाना, जो चीन के बाद सबसे बड़ा खरीदार है, क्या वह कार्रवाई नहीं है? इससे रूस को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ. और अभी मैंने फेज़ टू और फेज़ थ्री शुरू भी नहीं किया है. आप कहते हैं कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आपको नई नौकरी ढूंढनी चाहिए."

ट्रंप ने यह भी कहा कि दो हफ्ते पहले उन्होंने साफ़ कर दिया था कि "अगर भारत (रूस से) खरीदेगा, तो भारत को बड़ी समस्या होगी और यही हुआ."

रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं के चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ चीन की सैन्य परेड में शामिल होने पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा, "मैंने यह पहले ही भारत के साथ कर दिया है और अन्य मामलों में भी कर रहा हूं."

अमेरिका ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ़ और रूस से तेल की खरीद पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया है. इस तरह कुल 50% टैरिफ़ 27 अगस्त से प्रभावी रूप से लागू हो चुका है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसानों, पशुपालकों और लघु उद्योगों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा है कि "हम पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन हम इसे झेलेंगे."

भारत ने अमेरिकी टैरिफ़ को "अनुचित और अव्यवहारिक" बताया है और कहा है कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगा.

इस बीच केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने नवंबर तक ट्रेड डील होने की उम्मीद जताई है. जबकि ट्रंप इशारा कर चुके हैं कि ट्रेड डील अब अधर में लटक चुकी है.

पुतिन बोले- 'अमेरिका भारत से ऐसे बात नहीं कर सकता'

रूस के राष्ट्रपति पुतिन

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इमेज कैप्शन, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने उम्मीद जताई है कि अंत में सब कुछ ठीक हो जाएगा.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और चीन को लेकर अमेरिका के रवैये पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका इस तरीक़े से भारत और चीन के साथ बर्ताव नहीं कर सकता.

बुधवार को चीन में पत्रकारों से बातचीत में भारत और चीन पर अमेरिकी दबाव को लेकर पुतिन ने कहा, "आपके पास भारत जैसा देश है, जिसकी आबादी क़रीब 1.5 अरब है. चीन एक ताक़तवर अर्थव्यवस्था वाला देश है. लेकिन इन देशों के अपने घरेलू राजनीतिक मैकेनिज़्म हैं."

उन्होंने कहा, "आपको यह सोचना होगा कि उन बड़े देशों का नेतृत्व कैसा है. इन देशों का इतिहास भी ऐसा रहा है, जिसमें उन्होंने कठिन समय देखे हैं. लंबे समय तक उपनिवेशवाद का सामना करना पड़ा. आपको समझना होगा कि अगर उनमें से किसी ने कमज़ोरी दिखाई तो उनका राजनीतिक करियर ख़त्म हो जाएगा."

पुतिन ने कहा, "कॉलोनियल युग अब ख़त्म हो चुका है. आपको यह समझना होगा कि आप इन देशों से इस तरीक़े से बात नहीं कर सकते हैं."

पुतिन ने यह भी कहा कि अंत में चीज़ें ठीक हो जाएंगी. सब कुछ अपनी जगह पर आ जाएगा और दोबारा राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं होगी.

ट्रंप ने पिछले महीने ही दावा किया था कि उन्होंने टैरिफ़ लगाने और ट्रेड डील रद्द करने की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवा दिया था.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका इतना टैरिफ़ लगाएगा कि सिर घूम जाएगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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