इसराइल के साथ इस देश ने तोड़े संबंध, हमास ने अरब देशों को दी नसीहत

इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर कई देशों की ओर से संघर्ष विराम की अपील की जा रही है लेकिन इसी बीच एक लातिन अमेरिकी देश ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए इसराइल के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं.
दक्षिण अमेरिका के इस देश का नाम है बोलीविया. इससे पहले दो अन्य दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया और चिली ने इसराइल से अपने राजदूतों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया था.
बोलीविया की उप रक्षा मंत्री फ़्रेडी ममानी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसराइल के साथ रिश्ते तोड़ने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि बोलीविया ने 'ग़ज़ा पट्टी में किए जा रहे आक्रामक और ज़रूरत से अधिक इसराइली सैन्य हमले की निंदा करते हुए तेल अवीव के साथ अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ने का फ़ैसला किया गया है.'
वहीं, बोलीविया की मिनिस्टर ऑफ़ द प्रेसिडेंसी मारिया नेला पराडा ने ये भी घोषणा की है कि उनका देश ग़ज़ा में मानवीय सहायता भेज रहा है.
उन्होंने भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, "ग़ज़ा पट्टी में हम हमले रोकने की मांग करते हैं जिसकी वजह से हज़ारों नागरिकों की मौत हुई है और फ़लस्तीनियों को जबरन विस्थापित होना पड़ा है."
इसराइल और हमास ने क्या कहा

इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
इसराइल ने बोलीविया के इस फ़ैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह 'आतंकवाद के सामने आत्मसमर्पण' है.
इसराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर हैयत ने कहा है, "बोलीविया सरकार का इसराइल के साथ राजनयिक संबंधों को तोड़ने का फ़ैसला आतंकवाद और ईरान के आयातुल्लाह शासन के ख़िलाफ़ सरेंडर है."
"इस तरह का क़दम उठाना बोलीवियाई सरकार का हमास आतंकी संगठन के साथ ख़ुद को जोड़ना है."
वहीं, हमास ने बोलीविया सरकार के फ़ैसले का स्वागत किया है.
हमास ने कहा है कि वो इसे उच्च सम्मान के तौर पर देखता है और इसराइल से संबंध सामान्य कर रहे अरब देशों से भी ऐसी ही कार्रवाई की मांग करता है.
बोलीविया पहले भी कर चुका है कार्रवाई

इमेज स्रोत, EPA
दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया में इस समय वामपंथी सरकार है और देश के राष्ट्रपति लुइस आर्से हैं.
बोलीविया पहला लातिन अमेरिकी देश है जिसने इसराइल की हालिया कार्रवाई के बाद राजनयिक संबंध तोड़ने का फ़ैसला लिया है.
7 अक्तूबर को हमास के दक्षिणी इसराइल पर हमले में 1,400 लोगों की मौत हुई थी जिसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी में जवाबी कार्रवाई की जिसमें 8,500 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
ऐसा पहली बार नहीं है जब बोलीविया ने इसराइल से अपने संबंध तोड़े हैं.
ग़ज़ा पट्टी पर इसराइल के पिछले हमलों के बाद बोलीविया ने उसके साथ संबंध तोड़ लिए थे और पूरे एक दशक तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक फासला बना रहा. साल 2019 में बोलीविया ने इसराइल के साथ दोबारा राजनयिक संबंध बहाल किए थे.
इसराइल के ख़िलाफ़ कई दक्षिण अमेरिकी देश
दक्षिण अमेरिका के और भी कुछ देशों ने इसराइली कार्रवाई पर टिप्पणी की है. इनमें कोलंबिया और चिली भी शामिल है.
कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है कि उन्होंने बातचीत के लिए इसराइल से अपनी राजदूत मार्गारिटा मंजारेज़ को वापस बुलाने का फ़ैसला किया है.
उन्होंने कहा, "इसराइल फ़लस्तीनी लोगों का जनसंहार जब तक नहीं रोकता है तब तक हम वहां नहीं रह सकते."
कोलंबिया की तरह दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने भी विरोध स्वरूप इसराइल से अपने राजदूत वापस बुलाने की घोषणा की है. चिली ने इसराइली कार्रवाई को 'अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का उल्लंघन' बताते हुए कहा है कि ये उसे स्वीकार नहीं है.
ग़ौरतलब ये भी है कि अरब जगत से बाहर जिस देश में सबसे अधिक फ़लस्तीनी आबादी रहती है वो देश चिली ही है.
मेक्सिको और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने भी इसराइल-हमास के बीच तुरंत संघर्ष विराम की अपील की है.
इस समय ब्राज़ील के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता है.
लूला डा सिल्वा ने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों का इसराइल पर 'आतंकी हमला' और ग़ज़ा में 'लाखों निर्दोषों' की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता है.
सोशल मीडिया पर एक लाइव भाषण के दौरान उन्होंने कहा, "हमास के इसराइल के ख़िलाफ़ सिर्फ़ आतंकी हमला कर देने का मतलब यह नहीं है कि इसराइल लाखों निर्दोषों की हत्या कर दे."
हमास पर दक्षिण अमेरिकी देश में राजनीति

इमेज स्रोत, Reuters
वहीं इसराइल-हमास के बीच संघर्ष की चर्चा दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना में भी हो रही है. अर्जेंटीना के अर्थव्यवस्था मंत्री और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सर्जियो मास्सा ने वादा किया है कि अगर वो चुनाव जीतते हैं तो हमास को 'आतंकी संगठन' घोषित करेंगे.
अर्जेंटीना की समाचार एजेंसी टेलम ने रिपोर्ट किया है कि 19 नवंबर को राष्ट्रपति पद का चुनाव है और एक कार्यक्रम में मास्सा ने इसका वादा किया है.
टेलम के मुताबिक़, मास्सा ने प्रेस से कहा कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं तो उनकी सरकार 'हमास को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल करेंगे क्योंकि हम आतंकी घटनाओं के गवाह बने हैं.'
इसके साथ ही उन्होंने यहूदी विरोधी भावनाओं के बढ़ने के ख़तरे की ओर भी ध्यान दिलाया है.
उन्होंने कहा, "हम एक बहुत ही जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति का सामना कर रहे हैं क्योंकि हमने एक ऐसी घटना देखी है जो एक संगठन की आतंकी हरकत से हुई है. (हमास का इसराइल पर 7 अक्टूबर का हमला) जिसने वैश्विक भू-राजनीति को बदल दिया है और न सिर्फ़ अर्जेंटीना में बल्कि पूरी दुनिया में यहूदी समुदाय को ख़तरे में डाल दिया है."
सबसे अलग-थलग देश

इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
ज़मीन से घिरा बोलीविया दक्षिण अमेरिका का सबसे ऊंचा और सबसे अलग-थलग देश है. 1538 में स्पेन ने इस पर क़ब्ज़ा कर लिया था. साल 1824 में वेनेज़ुएला के स्वतंत्रता सेनानी सिमोन बोलिवर ने उसे स्पेन के शासन से मुक्त कराया.
एक साल बाद बोलीविया को स्वतंत्रत राष्ट्र घोषित किया गया और सिमोन बोलिवर इसके पहले राष्ट्रपति बने. बोलीविया नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है.
इस देश की जनसंख्या का अधिकतम हिस्सा जनजातीय लोगों का है जिनकी कुल दो-तिहाई आबादी है.
दक्षिण अमेरिका में दूसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस रिज़र्व बोलीविया में है लेकिन इसको निकालने और इसके निर्यात को लेकर काफ़ी समय से तनाव रहा है.
जनजातीय समूहों का कहना है कि देश को भंडार का नियंत्रण नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि इसे वो बोलीविया के इकलौते बचे प्राकृतिक संसाधन के रूप में देखते हैं.
बोलीविया दुनिया में कोका का सबसे बड़ा उत्पादक है. इसका इस्तेमाल कोकीन के कच्चे माल के रूप में होता है. इस फ़सल के ख़िलाफ़ देश ने अभियान शुरू किया है जिसका बोलीविया में ग़रीब किसानों ने विरोध किया है क्योंकि यह उनकी आय का इकलौता स्रोत है.
बोलीविया के वर्तमान राष्ट्रपति लुइस आर्से ने अक्तूबर 2020 में पद की शपथ ली थी. उनसे पहले विपक्षी नेता जेनीन अनेज़ ने नवंबर 2019 में तब ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था जब राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने विवादित चुनाव के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














