डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश को लेकर एफ़बीआई ने क्या बताया

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अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई ने कहा है कि ऐसा लगता है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश हुई है.
इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
ये कोशिश फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स में हुई है.
अधिकारियों का कहना है कि सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को झाड़ियों में एक राइफल की नली दिखाई दी, इसके बाद एजेंट की ओर से उस पर गोली चलाई.
एफ़बीआई का कहना है कि उस वक़्त ट्रंप 275 से 455 मीटर दूर थे.
घटनास्थल से एके 47 जैसी एक बंदूक और स्कोप मिला है. इसके साथ दो बैगपैक, एक गोप्रो कैमरा भी घटनास्थल से मिला है.

चश्मदीद ने क्या देखा
चश्मदीद की मानें तो एजेंट्स के कई बार फ़ायरिंग करने के बाद संदिग्ध झाड़ियों से निकलते हुए दिखा. इसके बाद वो काले रंग की निस्सान कार में जल्दी से घुसता दिखा.
एक चश्मदीद ने नंबर प्लेट के साथ गाड़ी की तस्वीर ली. इस कार को बाद में क्लब के उत्तरी हिस्से मार्टिन काउंटी में रोका गया.
पाम बीच काउंटी के शेरिफ रिक ब्राडशॉ ने कहा, ''हमने मार्टिन काउंटी के शेरिफ़ ऑफिस को अलर्ट किया. उन्होंने गाड़ी को जैसे ही देखा, हरकत में आते हुए उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया.''
अधिकारी ने बताया, ''इसके बाद हम चश्मदीद के पास गए. संदिग्ध की पहचान की गई कि ये वही है जो झाड़ियों से निकलकर कार में सवार होकर भागा था.''
इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को लिखे ई-मेल में कहा कि वो सुरक्षित हैं.
ट्रंप ने कहा, ''मेरी रफ़्तार कोई नहीं रोक सकता. मैं कभी हार नहीं मानूंगा.''
सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि वो मामले की जांच कर रहे हैं.
शेरिफ ब्राडशॉ ने कहा कि गोल्फ कोर्स में मौजूद सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने कमाल का काम किया.
उन्होंने कहा, ''सीक्रेट सर्विस के पास एक ऐसा एजेंट होता है जो ट्रंप को जहां जाना होता है, वहां पहले पहुंच जाता है. इस कारण वो राइफल को देख पाया और उस पर फौरन कार्रवाई कर पाया.''

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बाइडन और हैरिस ने क्या कहा
अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बताया है कि राष्ट्रपति जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को इस घटना के बारे में बताया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप जहां गोल्फ खेल रहे थे, वो ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स कहलाता है.
व्हाइट हाउस की ओर से बताया गया, ''ट्रंप के सुरक्षित होने की बात से राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति को राहत मिली. टीम की ओर से बाइडन और हैरिस को लगातार जानकारी दी जाएगी.''
कमला हैरिस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''अमेरिका में हिंसा की कोई जगह नहीं है.''
जो बाइडन ने कहा, ''जैसा कि मैं पहले भी कई बार कह चुका हूं कि राजनीतिक हिंसा या किसी भी तरह की हिंसा की देश में कोई जगह नहीं है.''
ट्रंप के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने कहा, ''इस ख़बर के सामने आने से पहले मेरी ट्रंप से बात हुई थी और वो बिलकुल ठीक थे. अभी ज़्यादा पता नहीं है लेकिन मैं आज रात अपने बच्चों को ज़्यादा ज़ोर से गले लगा रहा होऊंगा और ऊपर वाले का शुक्रिया कह रहा होऊंगा.''
ट्रंप पर हुए हमले के बाद उनके समर्थक फ्लोरिडा में उनके घर के बाहर जुटना शुरू हो गए हैं.

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जब ट्रंप पर हुआ था हमला
13 जुलाई को एक पेन्सलवेनिया की चुनावी रैली में ट्रंप पर हमला हुआ था. ट्रंप पर चलाई गई गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी.
तब सामने आई तस्वीरों में ट्रंप के कान से खू़न निकलता दिख रहा था.
ट्रंप पर ये हमला रैली वाली जगह के पास की एक छत से किया गया था. हमलावर का नाम थॉमस मैथ्यू क्रुक्स था. वो 20 साल था.
थॉमस को तभी सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने गोली मार दी थी.
इस घटना के बाद सीक्रेट सर्विस पर कई सवाल उठे थे. सवाल ये पूछे जा रहे थे कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों ने हमलावर को इतने क़रीब कैसे आने दिया.
थॉमस ने 130 मीटर की दूरी से ट्रंप को निशाने पर लेते हुए गोली चलाई थी.
घटना के दो हफ़्ते बाद सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर किम्बर्ली चीटल को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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