सरफ़राज़ ख़ान के डेब्यू और रन-आउट की चर्चा के बीच रवींद्र जडेजा से क्यों ख़फ़ा हुए सोशल मीडिया यूज़र्स

"जो मेरा ख़्वाब है, वो आंखों का हिस्सा क्यों नहीं होता, दीये हम भी जलाते हैं, उजाला क्यों नहीं होता."

पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले ने जब सरफ़राज़ ख़ान को टेस्ट मैच की डेब्यू कैप पहनाई तो उनके पिता नौशाद ख़ान ने भावुक होकर ये शब्द कहे.

इग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट का पहले दिन भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा के बल्लों से निकले शतकों ने संकट के मंडराते बादलों को साफ़ किया.

हालांकि, चर्चा सबसे ज़्यादा मुंबई के ख़िलाड़ी सरफ़राज़ ख़ान की हो रही है. चाहे पहले मैच में उनकी फ़िफ़्टी हो या उनके आउट होने का तरीका और उसपर रोहित शर्मा की प्रतिक्रिया. सोशल मीडिया पर सरफ़राज़ ख़ान ट्रेंड करने लगे.

दूसरी ओर यूज़र्स रवींद्र जडेजा को सरफ़राज़ के आउट होने की वजह बताने लगे.

मैच के बाद रवींद्र जडेजा ने सरफ़राज़ ख़ान के रन-आउट होने के लिए खेद जताया. लेकिन यूज़र्स की नाराज़गी उसके बाद भी देखने को मिली.

क्या-क्या हुआ पहले दिन?

तीसरे टेस्ट मैच में सरफ़राज़ ख़ान के अलावा ध्रुव जुरेल ने भी डेब्यू किया.

राजकोट टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी लेकिन शुरुआती झटकों ने उसकी स्थिति थोड़ी कमज़ोर कर दी.

महज़ 9 ओवरों में ही 33 रन के स्कोर पर यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और रजत पाटीदार के रूप में भारतीय टीम के शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज़ों के विकेट गिर चुके थे.

एक ओर पर कप्तान रोहित शर्मा टिके रहे. उनका साथ रवींद्र जडेजा ने दिया और दोनों ने अपने शतक पूरे किए. दोनों खिलाड़ी टीम के स्कोर को 235 रनों तक ले गए.

हालांकि, 131 रन बनाने के बाद रोहित शर्मा मार्क वुड की गेंद पर बेन स्टोक्स को कैच दे बैठे. उनकी पारी में 14 चौके और तीन छक्के शामिल थे.

जडेजा 110 रन बनाकर अभी नाबाद हैं.

सरफ़राज़ की पारी और फिर रन-आउट

33 रन पर तीन विकेट खो चुकी भारतीय टीम ने पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक 5 विकेट के नुकसान पर 326 रन बना लिए हैं.

कप्तान के आउट होने के बाद सरफ़राज़ ख़ान जब मैदान पर आए तो उन्होंने अपनी मंशा साफ़ कर दी. वह तेज़ी से रन बनाते गए और 48 गेंदों पर ही अर्द्धशतक जड़ दिया.

लेकिन सरफ़राज़ ख़ान की ये शानदार पारी रनआउट के साथ ख़त्म हुई.

रवींद्र जडेजा बल्लेबाज़ी के छोर पर थे और टीम का स्कोर 314 रनों तक पहुंच गया था.

दरअसल जडेजा 99 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर खेल रहे थे.

एंडरसन की फुल लेंथ गेंद को मिड ऑन पर खेलकर रवींद्र जडेजा ने एक रन लेना चाहा था.

सरफ़राज़ ख़ान जब तक पीछे लौटने की कोशिश करते मॉर्क वुड ने सीधे थ्रो से गिल्लियां बिखेर दीं.

सरफ़राज़ ख़ान अपने टेस्ट करियर की पहली ही पारी में इस तरह दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से रन आउट हो गए.

उन्होंने नौ चौके और एक छक्के की मदद से 66 गेंदों पर 62 रन बनाए.

पहले दिन का खेल पूरा होने के बाद सरफ़राज़ से जब उनका अनुभव पूछा गया तो उन्होंने कहा, "बहुत अच्छा लगा. फर्स्ट टाइम मैं ग्राउंड में आया. मुझे कैप मिली, मेरे अब्बू भी थे. उन्होंने छह साल से मुझे क्रिकेट सिखाया. ये मेरा सपना था उनके लिए कि उनके जीते जी मैं एक बार इंडियन टीम के लिए खेलते दिखूं."

रवींद्र जडेजा की आलोचना क्यों?

मैच के बाद रवींद्र जडेजा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में सरफ़राज़ ख़ान के आउट होने पर दुख ज़ाहिर करते हुए ये माना कि वो उनके गलत फ़ैसले की वजह से आउट हुए.

जडेजा ने लिखा, "सरफ़राज़ ख़ान के लिए बुरा लग रहा है. वो मेरा गलत फ़ैसला था. बहुत अच्छा खेले."

हालांकि, पोस्ट मैच मीडिया से बातचीत में सरफ़राज़ ख़ान से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "ऐसा कुछ नहीं है. थोड़ा सा मिसकम्युनिकेशन हो जाता है. ये तो पार्ट ऑफ़ गेम है. कभी रन आउट, कभी रन होते हैं, कभी नहीं होते...ये सब तो चलता रहता है."

"लंच टाइम पर ही मैंने उनसे कहा था कि जड्डू भाई मेरे से बातकर के खेलना क्योंकि मुझे पसंद है बात करके खेलना. उन्होंने खेलते समय मुझे बहुत सपोर्ट किया."

लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों की राय एकदम अलग है. कई यूज़र्स ने सरफ़राज़ के आउट होने के लिए रवींद्र जडेजा को ज़िम्मेदार ठहराया.

सरफ़राज़ ख़ान के आउट होने के बाद रोहित शर्मा का गुस्से में उनकी टोपी उतारकर फेंकने का वीडियो भी कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया कि कप्तान जडेजा से नाखुश थे.

डेब्यू करने वाले सरफ़राज़ ख़ान के आउट होने पर एक यूज़र ने लिखा, "जडेजा बहुत स्वार्थी थे. रोहित शर्मा स्वार्थी रवींद्र जडेजा से नाराज़ हैं, जिन्होंने सरफ़राज़ को आउट करवाया."

एक यूज़र ने तो उन सारे मौकों की सूची लिख दी, जब रवींद्र जडेजा सामने वाले खिलाड़ी के रन-आउट होने के लिए वजह बने.

यूज़र ने लिखा, "2017 में हार्दिक पंड्या ने जब चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल में 50 रन बनाए तो उनके रन-आउट में जडेजा शामिल थे. 2021 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफ़ी में आजिंक्य रहाणे के आउट होने में जडेजा शामिल थे. 2024 में सरफ़राज़ ख़ान के 50 रन बनाने के बाद रन-आउट होने में भी रवींद्र जडेजा की भूमिका थी."

एक यूज़र ने लिखा है, "सर जडेजा अगर मैदान पर हैं तो एक रन आउट ज़रूरी है. सरफ़राज़ ख़ान के लिए बुरा लग रहा है."

हालांकि, कुछ लोग रवींद्र जडेजा की पारी के लिए उनकी तारीफ़ भी कर रहे हैं.

एक्स पर एक यूज़र ने लिखा है, "सरफ़राज़ ख़ान के रन-आउट को छोड़ दें तो रवींद्र जडेजा आज बेहद शानदार और मज़बूत दिखे. चोटिल रहने के बाद वापस लौटना और 100 रन बनाना आसान नहीं है. भारत को खतरे बाहर निकालने के लिए वह सराहना के हकदार हैं."

हालांकि, सरफ़राज़ ख़ान ने बताया कि खेल ख़त्म होने के बाद रवींद्र जडेजा ने उनसे कहा कि थोड़ा सा मिसकम्युनिकेश हो गया.

सरफ़राज़ बोले, "ठीक है. ये सब होता रहता है. इसमें कोई बड़ी चीज़ नहीं है."

करियर में उतार चढ़ाव

भरपूर प्रतिभा रहने के बावजूद सरफ़राज़ ने अपने करियर में हर चढ़ाव के साथ-साथ एक उतार भी दिखा.

वे अनुशासनहीनता के चलते कभी विवादों में आए तो कभी अपनी फ़िटनेस को लेकर सुर्ख़ियों में आए.

लेकिन, इस दौरान वो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए 50 लाख का करार लेने में न सिर्फ़ कामयाब हुए बल्कि विराट कोहली जैसे दिग्गज को भी एक मैच के दौरान नतमस्तक कराया था.

क़रीब चार साल पहले मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफ़ी में तिहरा शतक लगाते हुए उन्होंने सुनील गावसकर और रोहित शर्मा के जैसे एलीट खिलाड़ियों के एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल हुए.

इस क्लब में सिर्फ़ 7 खिलाड़ी ही शामिल हैं.

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