शी जिनपिंग को जो बाइडन ने 'तानाशाह' कहा, फिर भी चीन का मीडिया बता रहा बड़ी उपलब्धि

जिनपिंग-बाइडन

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    • Author, केली एन. और फ़ान वांग
    • पदनाम, सिंगापुर से

कैलिफ़ोर्निया के एक एस्टेट में चहलक़दमी करते शी जिनपिंग और जो बाइडन की तस्वीर, दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाक़ात के अगले दिन भी चीनी मीडिया की सुर्ख़ियों में बनी हुई है. चीन इस इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बता रहा है.

चीन के सबसे बड़े सरकारी अख़बार पीपल्स डेली ने दोनों नेताओं के बीच चार घंटों तक हुई द्विपक्षीय वार्ता को ‘चीन-अमेरिका सम्बंधों के लिए नया शुरुआती बिंदु’ क़रार दिया.

सोशल मीडिया पर कई सारे चीनी कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच ऐसा रिश्ता होना चाहिए, जिससे दोनों को लाभ मिल रहा हो. नवंबर, 2022 के बाद दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच यह पहली मुलाक़ात थी.

यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अमेरिका-चीन सम्बंध काफ़ी ख़राब दौर में पहुंच गए थे. ताइवान और दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे के चलते और चीन को तकनीक का निर्यात रोकने के अमेरिकी फ़ैसले के कारण पहले से ही ख़राब चल रहे सम्बंध इस साल फ़रवरी में जासूसी करने वाले गुब्बारे के कारण और बिगड़ गए थे.

इस साल अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने चीन का दौरा किया और रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश की थी. इसके बाद, एशिया-पैसिफ़िक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (एपीईसी) सम्मेलन के इतर हुई दोनों राष्ट्रप्रमुखों की इस बैठक को भी एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.

 बैठक

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इस बैठक से कुछ सफलताएं भी हासिल हुई हैं. दोनों पक्ष सैन्य संवाद बहाल करने और अमेरिका में फेंटाइल ड्रग की आमद रोकने के लिए मिलकर लड़ने के लिए सहमत हुए.

मगर तथाकथित चिप वॉर से लेकर ताइवान जैसे पेचीदा मामलों में गतिरोध भी बना रहा.

अकेले प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करने आए जो बाइडन ने आख़िरी हिस्से में एक सवाल का जवाब देते हुए उस विचार को दोहराया कि उनकी नज़र में शी एक 'तानाशाह' हैं.

चीन के विदेश मंत्रालय ने इस टिप्पणी को ‘ग़ैरज़िम्मेदार राजनीतिक कथन’ बताया.

चीनी मीडिया का सकारात्मक रवैया

बाइडन-जिनपिंग

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एपिसोड

समाप्त

चीन के सरकारी प्रसारक चाइना सेंट्रल टेलिविज़न (सीसीटीवी) ने अपने रोज़ के संध्याकालीन बुलेटिन का दो-तिहाई हिस्सा शी जिनपिंग के सैन फ्रैंसिस्को में टहलने को लेकर समर्पित कर दिया, जबकि 15 मिनट जो बाइडन के साथ उनकी बैठक को और 15 मिनट प्रमुख अमेरिकी कारोबारियों के कार्यक्रम में शी के संबोधन को दिए गए.

पीपल्स डेली अख़बार में प्रकाशित लेख के हिस्से को पढ़ते हुए प्रेज़ेंटर ने कहा, “बैठक सकारात्मक, विस्तृत और रचनात्मक थी. चीन और अमेरिका के रिश्तों में स्थिरता लाने के लिए यह एक नया शुरुआती बिंदु साबित होगी.”

यह दिखाने की कोशिश करते हुए कि इस बैठक ने रिश्तों फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की है, सीसीटीवी ने वह फ़ुटेज दिखाई, जिसमें जो बाइडन ने सैन फ्रैंसिस्को के पास फिलौली एस्टेट में ‘गर्मजोशी से अभिवादन’ किया.

पीपल्स डेली ने लिखा, “बाइडन ने शी जिनपिंग को एस्टेट का दौरा करने का न्योता दिया और (बैठक के बाद) ख़ुद उन्हें उनकी कार तक ले गए.”

शुक्रवार को ग्लोबल टाइमस के संपादकीय में इस बैठक की उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए लिखा गया है, "हमें सहयोग वाले विषयों की सूची लंबी करनी चाहिए और सहयोग का दायरा बड़ा करना चाहिए. ऐसा करके ही चीन-अमेरिका रिश्तों को स्वस्थ, स्थिर और दीर्घकालिक दिशा में मोड़ा जा सकता है.”

चीन, अमेरिका

अचानक बदल गए सुर

चीन के सरकारी मीडिया का स्वर इस बैठक से पहले, इस हफ़्ते की शुरुआत में ही काफ़ी चौंकाने वाले ढंग से बदल गया था.

आमतौर पर दोहराई जाने वाली अमेरिका विरोधी बातें रोककर संवाद और सहयोग के संदेश को तवज्जो दी जाने लगी थी.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सोमवार को शी जिनपिंग की अमेरिकी लोगों के दोस्ती पर एक लेख प्रकाशित किया था.

इसमें लिखा गया है, “इस तरह के मैत्रीपूर्ण बंधनों की मज़बूती, हमेशा से द्विपक्षीय संबंधों की प्राणशक्ति का स्रोत रही है और ऐसा अनुकूल और चुनौतीभरे, दोनों समय हुआ है.” इस लेख के साथ शी की अमेरिका दौरों की तस्वीरें लगाई गई थीं.

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म वीबो पर कई यूज़र बैठक को लेकर लगातार अपडेट डाल रहे थे और दिन भर कई सारे सम्बंधित हैशटैग ट्रेंड करते रहे.

हैशटैग "the US reiterates it doesn't support Taiwan independence" (अमेरिका ने दोहराया कि वह ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता) कई घंटों तक वीबो पर छाया रहा.

अन्य हैशटैग्स में दोनों नेताओं के बीच मुलाक़ात को केंद्र में रखा गया था. यूज़र्स निजी क़िस्म की बातों से काफ़ी उत्साहित थे, जैसे कि शी जिनपिंग को गोल्डन स्टेट वॉरियर्स की जर्सी तोहफ़े में दी गई या फिर शी को बाइडन चीन में बनी होंगकी कार के पास ले गए और इसे 'ख़ूबसूरत' कहा.

एक वीबो यूज़र ने लिखा, “यह एक ऐतिहासिक पल है.” एक अन्य ने सावधानी भरे लहज़े में कहा, “मुझे उम्मीद है अमेरिका की करनी भी उसकी कथनी जैसी होगी.”

एक अन्य यूज़र ने चीन में प्रतिबंधित एक्स (पहले ट्विटर) लिखा, “अगर उन्होंने कहा कि शी, चीन के बादशाह हैं तो शी को यह अच्छा लगा होगा."

कैलिफ़ोर्निया बैठक के पांच हासिल

बाइडन और जिनपिंग

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1. जलवायु परिवर्तन से मिलकर लड़ेंगे

दोनों देश दुनिया के सबसे ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाले देश हैं. दोनों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए क़दम उठाने पर सहमति जताई, लेकिन जीवाश्म ईंधनों का इस्तेमाल रोकने पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की.

2. फेंटानिल ड्रग की तस्करी रोकेंगे

दोनों पक्षों ने कहा कि वे ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे. चीन ने उन केमिकल कंपनियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने की बात कही, जिनके चलते अमेरिका में अवैध फ़ेंटानिल ड्रग ओवरडोज़ से मौतें हो रही हैं. इस ड्रग के कारण पिछले साल अमेरिका में 75000 लोगों की मौत हुई थी.

3. सैन्य संवाद बहाल किया गया

दोनों देशों ने अपनी अपनी सेनाओं के बीच संवाद बहाली पर सहमति जताई है. यह विषय अमेरिका की प्राथमिकताओं में था. अमेरिका ने पिछले साल अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद यह संवाद तोड़ दिया था.

4. आगे भी वार्ता जारी रहेगी

दोनों देश सहमत हुए हैं कि आगे भी वार्ताएं जारी रहेंगी. इसका संकेत इस बात से भी मिलता है कि ट्रंप ने शी जिनपिंग को डिक्टेटर (तानाशाह) कहा, तो चीनी विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी आलोचना की, लेकिन अपनी प्रतिक्रिया में बाइडन का नाम नहीं लिया.

5. दोस्ती के दूत- पांडा

अमेरिका के चिड़ियाघरों को चीन और ज़्यादा पांडा भेजेगा. पांडा को चीन 'राष्ट्रीय संपदा' मानता है और दूसरे देशों से संबंध गहरे करने में पांडा का इस्तेमाल करता रहा है, जिसे पांडा डिप्लोमेसी का नाम दिया गया है. चीन ने संकेत दिए हैं कि सैन डिएगो चिड़ियाघर करे लिए पांडा भेजे जा सकते हैं.

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