यूक्रेन के हमलों के बाद पुतिन बोले- पहला काम दुश्मन को इलाक़े से बाहर खदेड़ना है

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- Author, फ़्रांसेस्का गिलेट
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
रूस में हफ़्तेभर से जारी यूक्रेन के चौंकाने वाले हमले के बाद रूस ने अपने दूसरे सीमाई क्षेत्र से आम लोगों को निकालना शुरू कर दिया है.
रूस के सरकारी मीडिया ने बताया है कि बेलगोरोद क्षेत्र से तक़रीबन 11,000 लोगों को दूसरी जगह पर भेजा गया है क्योंकि सीमा के नज़दीक ‘दुश्मन कार्रवाई कर रहा है.’
बेलगोरोद कुर्स्क के बगल में ही है जहां पर बीते मंगलवार को यूक्रेनी सुरक्षाबलों ने रूसी क्षेत्र में चौंकाने वाला हमला किया था.
उसके बाद से यूक्रेनी सुरक्षाबल 30 किलोमीटर अंदर तक रूस में दाख़िल हो चुके हैं.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीमाई क्षेत्रों में इस स्थिति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है.
उन्होंने बैठक में कहा है कि ‘रक्षा मंत्रालय का मुख्य काम दुश्मन को क्षेत्र से बाहर खदेड़ना है.’
उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन की इस आक्रामक कार्रवाई का मक़सद मोलभाव करने के लिए अपनी स्थिति में सुधार करना है.

पहली बार इतना अंदर पहुंचा यूक्रेन
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पूरी ताक़त से पहली बार यूक्रेन रूस में इतना अंदर जाने में सफल हो पाया है.
यूक्रेन का दावा है कि हज़ारों सैनिक इस ऑपरेशन में शामिल हैं.
सोमवार की सुबह बेलगोरोद के कई इलाक़ों में नागरिकों से कहा है कि वो घबराएं नहीं लेकिन उस जगह को जल्द ही ख़ाली कर दीं. ये इलाक़े कुर्स्क क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से से सटे हुए हैं.
बेलगोरोद के गवर्नर वयाशेसलाफ़ ग्लादकोफ़ ने कहा है कि क्रासनाया यारुगा ज़िले के लोग ‘सीमा पर दुश्मनों की कार्रवाई’ के कारण ज़रूर चले जाएं.
उन्होंने ये भी कहा कि पूरा क्षेत्र मिसाइल अलर्ट पर है और लोगों से कहा है कि वो अपने तहख़ानों में जाकर शरण लें.
हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि वो ‘इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि जो ख़तरा आ चुका है उससे निपटने के लिए हमारे सैनिक सबकुछ करेंगे.’
लोगों को ठोस दीवारों वाले कमरे में शरण लेने को कहा गया

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सोमवार को कुर्स्क से भी लोगों का निकलना जारी है. बेलोव्स्की ज़िले में अपने घरों में रह रहे हज़ारों लोगों को घर छोड़ने के लिए कहा गया है.
बेलोव्स्की के गवर्नर एलेक्सेई समिरनोफ़ ने भी मिसाइल की चेतावनी जारी की है.
उनका कहना है कि लोग उन कमरों में शरण लें जिनमें खिड़कियां न हों और दीवारें ठोस हों.
उन्होंने कहा है कि अस्थाई आवास तैयार किए गए हैं.
बीते सप्ताह के अंत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन युद्ध को ‘हमलावर के क्षेत्र’ में लेकर जा रहा है.
शनिवार की रात को उन्होंने पहली बार हमले की बात को स्वीकार किया था. उन्होंने कहा कि रूस ने गर्मियों में कुर्स्क से दो हज़ार से ज़्यादा हमले किए और उसको जवाब देना ज़रूरी है.
‘एक क़रारा जवाब जल्द ही मिलने वाला है’

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एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि हज़ारों सैनिक अभियान में शामिल हैं और रूस के सीमा रक्षकों ने जो शुरुआत में बताया था कि छोटी घुसपैठ है, ये उससे कहीं अधिक है.
इसे रूस के क्षेत्र में यूक्रेन की सेना की ओर से अब तक का सबसे बड़ा हमला कहा गया है.
यूक्रेन के तेज़ी से आगे बढ़ने को रोकने को लेकर रूस संघर्ष करता रहा है. अब उसने कुर्स्क क्षेत्र से 76,000 लोगों को बाहर निकाला है. स्थानीय प्रशासन ने वहां पर आपातकाल घोषित कर दिया है.
इस सप्ताह की शुरुआत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमले को ‘ख़ास उकसाने’ वाला बताया था.
वहीं रूस में कुल लोग सवाल कर रहे हैं कि यूक्रेन कैसे कुर्स्क क्षेत्र में घुसने में सफल हो गया. रूस समर्थित ब्लॉगर यूरी पोदोलयाका ने स्थिति को ‘ख़तरनाक’ बताया है.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़कारोवा ने कहा है कि रूस के सुरक्षाबलों की ओर से एक क़रारा जवाब ‘जल्द ही मिलने वाला है.’
वहीं रूस के सहयोगी बेलारूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ड्रोनों के ज़रिए उसके हवाई क्षेत्र में दाख़िल हुआ है, इसकी वजह से वो अपनी सीमा पर अपने सैनिकों को बढ़ा रहा है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
















