भारत में मोस्ट वांटेड मेहुल चोकसी ने ली बेल्जियम में पनाह, क्यों मुश्किल हो सकता है प्रत्यर्पण

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चर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में अभियुक्त और हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के बेल्जियम में रहने का पता चला है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बेल्जियम की फ़ेडरल पब्लिक सर्विस (एफ़पीएस) फ़ॉरेन अफ़ेयर्स में सोशल मीडिया और प्रेस के प्रवक्ता डेविड जॉर्डन्स ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.
बेल्जियम में चोकसी की संभावित मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर जॉर्डन्स ने कहा, "मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि एफ़पीएस फॉरेन अफ़ेयर्स को इस बारे में पता है और इसे बहुत अहमियत देता है. हालांकि हम किसी एक मामले पर टिप्पणी नहीं करते. इसके अलावा, यह मामला फ़ेडरल पब्लिक सर्विस जस्टिस के तहत आता है."
उनके बयान से संकेत मिलता है कि बेल्जियम सरकार हालात पर नज़र बनाए हुए है, हालांकि यह मामला जस्टिस डिपार्टमेंट के मातहत आता है.

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जॉर्डन्स ने आगे कहा कि एफ़पीएस फ़ॉरेन अफ़ेयर्स इस मामले से जुड़े घटनाक्रम पर सक्रिय रूप से निगरानी जारी रखेगा.
एएनआई के अनुसार, हालांकि इस बयान में इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि चोकसी कहां हैं, लेकिन बयान में पुष्टि की गई है कि बेल्जियम के अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं और किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में सूचित किया जाएगा.
इससे पहले एंटिगुआ एंड बारबुडा के विदेश मंत्री ईपी चेत ग्रीनी ने स्पष्ट किया था कि चोकसी इलाज के लिए द्वीप छोड़ चुके थे लेकिन वह देश के नागरिक बने हुए हैं.
एएनआई के अनुसार, ग्रीनी ने समाचार एजेंसी को बताया था कि मेहुल चौकसी द्वीप पर नहीं हैं.
भारतीय अधिकारियों को पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े कथित घोटाले में चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी की तलाश है.
कहां हैं मेहुल चोकसी

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कैरिबियन क्षेत्र की रिपोर्टिंग करने वाली वेबसाइट एसोसिएट्स टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मेहुल चौकसी बेल्जियम में हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, "मेहुल चोकसी अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ इस समय बेल्जियम के एंटवर्प में रह रहे हैं. उन्होंने देश का एफ़ रेज़िडेंसी कार्ड हासिल कर लिया है."
एसोसिएट्स टाइम्स ने दावा किया है कि मेहुल चोकसी की पत्नी बेल्जियम की नागरिक हैं और उनकी मदद से ही मेहुल ने 15 नवंबर 2023 को बेल्जियम में रहने का वीज़ा हासिल कर लिया.
वेबसाइट ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि चोकसी ने भारत प्रत्यर्पित किए जाने से बचने की कोशिश की और गुमराह करने वाले फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर एफ़ रेज़िडेंसी हासिल की. मेहुल ने भारत और एंटिगुआ की अपनी नागरिकता की जानकारी छिपाई.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि मेहुल चोकसी एक मशहूर कैंसर अस्पताल में इलाज कराने को आधार बनाकर स्विट्ज़रलैंड जाने की योजना बना रहे हैं और उनका यह क़दम मानवीय आधार पर प्रत्यर्पण से बचने के लिए है.
भारत का बेल्जियम और एंटीगुआ एंड बारबुडा के साथ प्रत्यर्पण समझौता है.
प्रत्यर्पण क्यों हो सकता है जटिल

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एसोसिएट्स टाइम्स का कहना है कि भारत सरकार ने बेल्जियम से मेहुल के प्रत्यर्पण की अपील की है, हालांकि भारतीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
लेकिन अगर मेहुल चोकसी लगातार देश बदलते रहते हैं तो एजेंसियों को उनके ठिकाने के बारे में पता लगाना मुश्किल हो सकता है, आधिकारिक कार्यवाही और जटिल हो सकती है.
बेल्जियम की नागरिकता हासिल होने की वजह से मेहुल चोकसी को यूरोपीय देशों में बिना बाधा आने जाने की आज़ादी मिल सकती है और प्रत्यर्पण के आवेदन के बाद वह देश बदल सकते हैं.
उधर, एक अलग घटनाक्रम में मेहुल चोकसी ने मुंबई की अदालत में हलफनामा देते हुए भारत आने में अक्षमता ज़ाहिर की है.
इकोनॉमिक टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, मेहुल चोकसी ने भारत में मुक़दमे का सामना करने में स्वास्थ्य के लिहाज़ से खुद को अनफ़िट बताया. उन्होंने दावा किया कि वह ल्यूकीमिया, जिसे ब्लड कैंसर भी कहते हैं, से पीड़ित हैं और बेल्जियम के एक डॉक्टर की सिफ़ारिश भी पेश की जिसमें कहा गया है कि वह यात्रा करने में "100 प्रतिशत" अक्षम हैं.
इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा कि मेहुल चोकसी को भारत में उचित इलाज मिल सकता है, जहां वर्ल्ड क्लास मेडिकल सुविधा है.
कुछ समय पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें एंटिगुआ में अपहरण करने की कोशिश की गई और इसके पीछे भारत सरकार के अधिकारियों का हाथ बताया था.
इसके बाद उन्होंने दावा किया था कि वह मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं.
बड़े घोटाले में अभियुक्त

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हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी पर सरकारी बैंक पीएनबी से 13,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है.
नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में हैं और कई बार उनकी ज़मानत अर्ज़ी रद्द हो चुकी है. वह ख़ुद को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
2018 की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया. इस घोटाले में हीरा व्यापारी नीरव मोदी के अलावा उनकी पत्नी ऐमी, उनके भाई निशाल, और चाचा मेहुल चोकसी मुख्य अभियुक्त हैं.
पंजाब नेशनल बैंक घोटाला

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बैंक का दावा था कि इन सभी अभियुक्तों ने बैंक के अधिकारियों के साथ साज़िश रची और बैंक को नुक़सान पहुंचाया.
पंजाब नेशनल बैंक ने जनवरी में पहली बार नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और उनके साथियों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में उन पर 280 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया था.
14 फ़रवरी को आंतरिक जांच पूरी होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस फ़र्ज़ीवाड़े की जानकारी दी.
ये भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला था. इस मामले में चोकसी और उनके भांजे नीरव मोदी अभियुक्त हैं. सीबीआई और प्रत्यर्पण निदेशालय (ईडी) को चोकसी की तलाश है.
मेहुल चोकसी ने जनवरी 2018 के पहले हफ़्ते में भारत से भागने से पहले 2017 में ही कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबूडा की नागरिकता ले ली थी. इस देश में इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत नागरिकता ली जा सकती है.
2021 में ख़बर आई थी कि मेहुल चोकसी को डोमिनिका में पकड़ लिया गया है. इससे पहले वो एंटीगा में थे.
नीरव मोदी भी देश से भाग गए थे और उन्हें 2021 में लंदन में गिरफ़्तार किया गया, तब से वह वहां जेल में बंद हैं. भारत सरकार का दावा है कि उन्हें भी भारत लाने की कोशिशें जारी हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















