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आम आदमी पार्टी की 'महिला सम्मान योजना' की होगी जांच, एलजी के आदेश पर क्या बोले केजरीवाल?
आम आदमी पार्टी की घोषित 'महिला सम्मान योजना' लागू होने से पहले ही जांच के घेरे में है. दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस योजना के नाम पर महिलाओं की निजी जानकारी इकट्ठा करने वाले व्यक्तियों के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं.
उपराज्यपाल वीके सक्सेना के कार्यालय ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है.
उपराज्यपाल के मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव इस मामले को मुख्य निर्वाचन कार्यालय के ज़रिए चुनाव आयोग के संज्ञान में ला सकते हैं और ये बता सकते हैं कि चुनाव से पहले इस तरह का प्रचार किया जा रहा है.
इस मामले में कांग्रेस नेता और नई दिल्ली विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार संदीप दीक्षित की शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं. संदीप दीक्षित ने हाल ही में उपराज्यपाल से मुलाक़ात की थी.
वहीं दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में हारने की संभावना से डरी हुई है और इसलिए इस योजना को रोकना चाहती है.
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उपराज्यपाल के आदेश में क्या है?
उपराज्यपाल ने आदेश में दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर को संबोधित करते हुए लिखा, "उपराज्यपाल चाहते हैं कि गै़र-सरकारी लोगों द्वारा आम लोगों की निजी जानकारी और फॉर्म्स इकट्ठा करने के मामले में मुख्य सचिव, डिविज़नल कमिश्नर के ज़रिए जांच कराएं."
अपने आदेश में उन्होंने लिखा कि पुलिस कमिश्नर अपने मातहत फ़ील्ड अधिकारियों को निर्देश दे सकते हैं कि आम नागरिकों की निजता का उल्लंघन करते हुए "सरकारी योजना" के लिए उनका निजी डेटा इकट्ठा करने वालों और उनकी रजिस्ट्रेशन करने वालों पर क़ानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए.
उपराज्यपाल ने आदेश में लिखा है, "संदीप दीक्षित ने अनुरोध किया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे लेकर स्पष्टीकरण दे दिया है, इससे ये स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी जो कर रही है वो धोखा है. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच करने का अनुरोध किया है."
उपराज्यपाल ने ये भी ज़िक्र किया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि महिला सम्मान योजना जैसी कोई योजना अधिसूचित नहीं की गई है.
नोटिस में कहा गया है दिल्ली सरकार ने ऐसी कोई योजना अधिसूचित नहीं की है, अगर कोई योजना अधिसूचित की जाएगी तो उसके बारे में आवेदकों से फ़ॉर्म्स लेने के लिए डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया जाएगा.
इसके अलावा आम आदमी पार्टी को लेकर संदीप दीक्षित की एक अन्य शिकायत की भी जांच के आदेश उपराज्यपाल ने दिए हैं.
आदेश में उपराज्यपाल ने कहा कि संदीप दीक्षित का आरोप है कि पंजाब सरकार के खु़फ़िया विभाग के अधिकारी उनके घर पर आ रहे हैं और उनकी गाड़ियां उनके घर के सामने पार्क रहती हैं.
आदेश में लिखा गया है, "उन्होंने कथित तौर पर इसके लिए अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है और कहा है कि वो निष्पक्ष चुनावों की गणतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर रहे हैं."
उपराज्यपाल ने कहा है कि इस मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, चुनावों के मद्देनज़र किसी भी प्रत्याशी को डराया या धमकाया नहीं जाना चाहिए.
इस मामले में उपराज्यपाल ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से कहा है कि वो तीन दिनों में जांच ख़त्म कर उन्हें रिपोर्ट सौंपे.
क्या है मामला?
बीते दिनों दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दो योजनाओं का एलान किया था. पहला, 'महिला सम्मान योजना' जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने का वादा है. दूसरा, ''संजीवनी योजना' जिसके तहत दिल्ली के सभी (निजी और सरकारी दोनों) अस्पतालों में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के मुफ़्त इलाज किया जाएगा.
लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के स्वास्थ्य और परिवार-कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन योजनाओं से ख़ुद को अलग कर लिया.
दोनों विभागों ने अख़बारों में नोटिस जारी किए और कहा कि लोग किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति की बातों में आकर किसी तरह के फॉर्म में दस्तख़त न करें.
दिल्ली सरकार के महिला और बाल विकास विभाग ने एक नोटिस जारी कर कहा है ''उसे मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये जानकारी मिली है कि एक राजनीतिक दल 'मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना' के तहत दिल्ली की महिलाओं को 2100 रुपये प्रति महीने देने का दावा कर रहा है."
वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने कहा है कि 'संजीवनी स्कीम' जैसी कोई योजना उसके पास नहीं है, उसने न तो दिल्ली के बुज़ुर्गों से उनका निजी डेटा लेने के लिए किसी को अधिकृत किया और और न ही वो उन्हें कोई कार्ड मुहैया करा रहा है.
विभाग ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति या राजनीतिक पार्टी इस स्कीम के नाम पर लोगों से फॉर्म भरवा रही है तो वो पूरी तरह 'फ़र्ज़ी और गैर अधिकृत' है.
विभाग ने कहा है कि इस तरह की 'धोखाधड़ी भरी गतिविधियों' से होने वाले फ़र्ज़ीवाड़े के लिए वो ज़िम्मेदार नहीं होगा.
आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने बीजेपी के दबाव में जांच के आदेश दिए हैं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "जहां बीजेपी, उपराज्यपाल और अमित शाह इन योजनाओं के लिए रजिस्ट्रेशन रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका जवाब जनता देगी."
उनका कहना है कि जांच का आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल की तरफ से नहीं बल्कि बीजेपी नेता अमित शाह के "कार्यालय" से आया है.
उन्होंने कहा, "बीजेपी दिल्ली चुनाव का जनता की सभी योजनाएं बंद करने के लिए लड़ रही है. अब तो बीजेपी की हालत ये हो गई है ये कांग्रेस के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं. उन्होंने खुद उपराज्यपाल को शिकायत नहीं की, उन्होंने कांग्रेस नेता के ज़रिए शिकायत करवाई है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिलकर आम आदमी पार्टी को रोक रहे हैं."
उन्होंने दावा किया, "मुझे जेल भेजेंगे, तो दोबारा जेल जाऊंगा, लेकिन इन दोनों योजनाओं को रुकने नहीं दूंगा."
पार्टी का कहना है कि बीजेपी महिलाओं का सम्मान नहीं करती. पार्टी ने ये भी दावा किया है कि 'महिला सम्मान योजना' को शहर की महिलाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है.
पार्टी ने दावा किया कि इस योजना के लिए 22 लाख से अधिक महिलाओं का पहले ही पंजीकरण किया जा चुका है.
दिल्ली कांग्रेस की आपत्ति
इससे पहले बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उपराज्यपाल से मुलाक़ात की थी और आम आदमी पार्टी की 'महिला सम्मान योजना' को लेकर अपनी आशंका ज़ाहिर की थी.
इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने 18 साल से अधिक की उम्र की हर महिला को 1,000 रुपये हर महीने देने का वादा किया है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि अगर को चुनाव में जीतकर आई तो वो इस रक़म को बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति माह कर देगी.
संदीप दीक्षित ने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता घर-घर जाकर महिलाओं से मुलाक़ात कर रहे हैं और उनसे किसी तरह के फॉर्म में दस्तख़त ले रहे हैं.
संदीप दीक्षित ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हर पार्टी कोई न कोई वादा करती है, ऐसा करने पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन ढाई-तीन साल पहले आम आदमी पार्टी ने पंजाब की महिलाओं से इस तरह का वादा किया था. लेकिन चुनाव जीतने के बाद वहां ऐसा कुछ नहीं दिया."
"हमारा सवाल ये था पंजाब में पार्टी ने जो किया वो धोखा था, अगर पार्टी पंजाब में धोखा कर सकती है तो दिल्ली में भी कर सकती है. चुनाव से कुछ दिन पहले ही ये घोषणा की गई क्योंकि वो इसका राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं."
"दिल्ली सरकार ने अख़बार में इश्तेहार दिया था और कहा था कि इस तरह की योजना नहीं है. दिल्ली सरकार की मुखिया आतिशी हैं, तो हम ये मान रहे हैं कि उन्होंने कहा कि जिस योजना की घोषणा उनकी पार्टी ने की वो झूठी है. ये सरासर धोखा है. मैं इसी मामले को लेकर उपराज्यपाल के पास गया था."
बीजेपी का क्या है कहना?
बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने कहा, "केजरीवाल ने जिस योजना की घोषणा की है ये केवल उनका एक सपना है. ये स्कीम न तो दिल्ली सरकार ने पास की है और न ही इसके लिए कोई बजट प्रावधान है."
"अब चूंकि सरकारी योजना नहीं है इसलिए सरकारी अधिकारी इसके लिए लोगों के नाम इकट्ठा नहीं कर रहे. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता महिलाओं का नाम और फोन नंबर मांग रहे हैं. ये सरकार का नाम लेकर कोई प्राइवेट स्कीम को लॉन्च करते हैं तो ये उपराज्यपाल का अधिकार है कि वो इसे रोकें."
वहीं बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा कहते हैं, "जब ऐसी कोई स्कीम ही नहीं है तो डेटा इकट्ठा करना कहां तक सही है. पंजाब, हरियाणा में भी उन्होंने ऐसी घोषणा की थी लेकिन कोई पैसा नहीं दिया. उन्हें लगता है कि उप राज्यपाल कोई कदम नहीं लेंगे, तो ये सही नहीं है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित