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सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन के बयान से 'इंडिया' गठबंधन कैसे बँटा?
भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के रुख़ पर सवाल उठा रही है.
दूसरी तरफ़ 'इंडिया' गठबंधन के मंच तले आया विपक्ष इस मामले में बँटा हुआ दिख रहा है.
उदयनिधि स्टालिन अपने पिता की कैबिनेट में मंत्री भी हैं.
उदयनिधि स्टालिन ने दो दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, "ऐसी कुछ चीज़ें होती हैं, जिनका विरोध करना काफ़ी नहीं होता, हमें उन्हें समूल मिटाना होगा. मच्छर, डेंगू बुख़ार, मलेरिया, कोरोना ये ऐसी चीज़ें हैं, जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना होगा. सनातन भी ऐसा ही है."
इस बयान पर जब विवाद शुरू हुआ तो उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर इस बारे में पोस्ट लिखी.
उदयनिधि ने लिखा, ''मैंने कभी उन लोगों को मिटाने की बात नहीं की, जो सनातन धर्म को मानते हैं. सनातन धर्म एक सिद्धांत है, जो जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बाँटता है.''
उदयनिधि स्टालिन के बयान पर बीजेपी ने राहुल को घेरा
इस बयान पर सोमवार को बीजेपी नेताओं की ओर से काफ़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.
बीजेपी नेता रविशंकर ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था, ''इस मुद्दे पर राहुल गांधी क्यों ख़ामोश हैं? राहुल गांधी मंदिर-मंदिर घूमते हैं, जल चढ़ाते हैं, अपने गोत्र की बात करते हैं. नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव क्यों ख़ामोश हैं? ये स्पष्ट है कि वोटबैंक की राजनीति के लिए घमंडिया संगठन का जमावड़ा है, ये हिंदू धर्म का विरोध कर रहे हैं. इनकी बुनियादी सोच हिंदू विरोधी है.''
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस बयान पर इंडिया गठबंधन को घेरा था.
अनुराग ठाकुर ने कहा, ''घमंडिया गठबंधन के घमंडियों, तुम और तुम्हारे मित्र रहें या ना रहें. सनातन था, सनातन है और सनातन रहेगा. ये बार-बार हिंदुओं पर हमला करने का प्रयास घमंडिया गठबंधन के एक के बाद दूसरे नेता ने किया है.''
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरना ने इस बयान पर कहा, ''मुझे स्टालिन से दिक़्क़त नहीं है. मुझे कांग्रेस से दिक़्क़त है और मैं ये पूछना चाहता हूं कि कल को यही बात मैं मुसलमानों और ईसाइयों के बारे में बोलूंगा तो क्या तब भी इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी कहेंगे.''
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा, ''उदयनिधि ने जो बयान दिया है, स्वभाविक तौर पर उससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं. मुझे लगता है कि उदयनिधि को माफ़ी मांगनी चाहिए.''
इस बयान पर बीजेपी की ओर से घेरने के बाद 'इंडिया' गठबंधन से जुड़ी पार्टियों की ओर से बयान आने शुरू हुए.
हालांकि राहुल गांधी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सनातन पर 'इंडिया' गठबंधन: कौन क्या बोला?
'इंडिया' गठबंधन की अहम पार्टी ममता बनर्जी की एआईटीएमसी ने भी उदयनिधि के बयान से दूरी बनाई.
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ''हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं. हमें हर धर्म का सम्मान करना चाहिए. सद्भाव हमारी सभ्यता रही है. इंडिया गठबंधन का ऐसे बयानों से कोई नाता नहीं है. चाहे कहने वाला कोई भी हो, हमें ऐसे बयानों की निंदा करनी चाहिए.''
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी बिना किसी का नाम लिए कहा कि किसी को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे.
ममता ने कहा कि वो सनातन धर्म का सम्मान करती हैं.
ममता बनर्जी ने कहा, ''मेरे मन में तमिलनाडु के लोगों को लेकर काफ़ी सम्मान है. लेकिन मेरी गुज़ारिश है कि हर धर्म की भावना अलग होती है. इंडिया सेक्युलर और लोकतांत्रिक देश है. मैं सनातन धर्म का सम्मान करती हूं. चर्च, मंदिर, मस्जिद जाती हूं. हमें ऐसी चीज़ों में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचे.''
बनर्जी ने कहा- हमें विविधता में एकता को ध्यान में रखना चाहिए.
कांग्रेस क्या बोली?
सोमवार को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनातन पर दिए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी सर्वधर्म सद्भाव में यक़ीन रखती है.
वेणुगोपाल ने कहा, ''हम सर्वधर्म सम्भाव में विश्वास रखते हैं. कांग्रेस इसी विचारधारा में विश्वास रखती है, लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि हर राजनीतिक पार्टी के पास अपने विचार रखने की आज़ादी है. हम सभी की मान्यताओं का सम्मान करते हैं.''
कांग्रेस महासचिव भले ही ऐसा कह रहे हों मगर जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है वहां से अलग बयान आ रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी उदयनिधि के बयान पर सहमति जताई.
प्रियांक खड़गे ने कहा, ''ऐसा कोई धर्म जो बराबरी की बात ना करता हो, जो मानवता के सम्मान की बात ना करता हो, मेरे ख़्याल से वो बीमारी की तरह ही है.''
उद्धव ठाकरे की शिवसेना और सपा ने क्या कहा
सनातन पर बयान देने वालों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल रहीं.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ''बीजेपी अपनी राजनीति के लिए सनातन धर्म को लेकर झूठी चिंता जता रही है. इससे उनकी बीमार और दोमुंहा रणनीति का पर्दाफाश हो चुका है. एक तरफ बीजेपी-गठबंधन सरकार महाराष्ट्र में अपने हक के लिए लड़ रहे सनातनियों पर लाठी चार्ज कराती है. लेकिन सनातनी धर्म पर नकली चिंता जताती है. ये लोग और उनका दिमाग छोटा है. इसलिए वे बैठ जाएं और चुप रहें.''
प्रियंका ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा, ''सनातन धर्म सनातन सच है. ये ऐसी जीवन शैली है जिसमें अपनी चेतना और अस्तित्व पर जोर होता है. सनातन धर्म की पहचान मिटाने के लिए हमले हुए हैं लेकिन वो अपना अस्तित्व बचाने में कामयाब रहा है और अभी तक फल-फूल रहा है.'
सीपीआई नेता डी राजा ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
डी राजा ने कहा, ''उदयनिधि स्टालिन ने जो बयान दिया है, उससे इतना डरे क्यों हैं. सनातन हिंदूइजम के बराबर नहीं है. सनातन क्या है. अमित शाह, बीजेपी और आरएसएस लोगों को बताएं कि सनातन से उनका क्या मतलब है. सनातन एक दार्शनिक विचार है. अमित शाह और बीजेपी को ये समझना चाहिए.''
आम आदमी पार्टी ने क्या कहा
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, ''भारत विविधताओं में एकता वाला देश है. यहां अलग-अलग धर्म, जातियां, भाषाएं हैं. हमारी ख़ूबसूरती ये है कि इसके बावजूद हम लोग एक साथ रहते हैं. किसी के धर्म के बारे में किसी को टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं हैं. सभी धर्म का सम्मान करना चाहिए.''
संजय सिंह बोले, ''जहां तक सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रश्न है, सनातन के बारे में दुनिया भर में कोई गलत संदेश दे रहा है तो उसका नाम है बीजेपी. ये चंदा चोरों की पार्टी है. इन्होंने प्रभु श्रीराम के नाम पर चंदा चोरी की.''
आम आदमी पार्टी नेता ने बीजेपी नेताओं के उन बयानों को गिनवाया जिनमें मोदी को राम और अमित शाह को हनुमान कहा गया.
हाल ही में दिल्ली में फव्वारे लगाए गए थे. इन फव्वारों पर संजय सिंह ने कहा- शिवलिंग के आकार वाले फव्वारे लगाए गए और बेशर्मी के साथ इनके एलजी उसकी तरफदारी कर रही है.
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