कर्नाटक: गुफा में सांपों के नज़दीक कैसे रह रही थी रूसी महिला

कर्नाटक पुलिस
इमेज कैप्शन, कर्नाटक पुलिस के मुताबिक़, वीज़ा एक्सपायर होने के बाद भी रूसी महिला पिछले आठ साल से भारत में है
    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, बेंगलुरु से

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के सुदूर इलाके़ की एक गुफा में पुलिस को एक रूसी महिला और दो बच्चियां मिली हैं.

पुलिस उस समय हैरान रह गई जब गश्त करने वाली टीम को गुफा की एंट्री पर लगभग '700 से 800 मीटर नीचे' कुछ कपड़े दिखे थे, जिससे उन्हें गुफा में किसी के होने का संकेत मिला.

जब गश्ती टीम जंगल से गुज़र रही थी, तब उन्हें एक विदेशी दिखने वाली बच्ची गुफा से दौड़कर बाहर निकलती दिखी. बच्ची को जंगल में देखकर पुलिस टीम को हैरानी हुई.

पुलिस का कहना है कि महिला साल 2016 में बिजनेस वीज़ा पर भारत आई थी और वीज़ा की अवधि लगभग आठ साल पहले ख़त्म हो चुकी है. अब महिला को वापस रूस भेजने की तैयारी हो रही है.

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जंगल में कैसे पहुंची महिला?

जंगल में मौजूद कर्नाटक पुलिस
इमेज कैप्शन, जंगल में मौजूद कर्नाटक पुलिस

उत्तर कन्नड़ ज़िले के पुलिस अधीक्षक एम नारायण ने बीबीसी हिंदी को बताया, "9 जुलाई को हमें गुफा के आसपास सांप रेंगते दिखे थे. ये इलाक़ा इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि पिछले साल रामतीर्थ पहाड़ियों के आसपास भूस्खलन हुआ था. इसलिए पुलिस टीम अच्छी तरह से इस इलाके़ में गश्त लगा रही थी."

हालांकि, 40 साल की रूसी महिला नीना कुटीना और उनकी दोनों बेटियां प्रेमा (छह साल) और एमा (चार साल) उस जगह पर काफ़ी आराम से थीं.

पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हमें उन्हें ये समझाने में थोड़ा समय लगा कि वहां रहना कितना ख़तरनाक है."

एक हफ़्ते पहले, नीना कुछ सब्जियां और राशन का सामान लेकर आई थीं और खाना पकाने के लिए उन्होंने जंगल की लकड़ी का इस्तेमाल किया था. पुलिस को वहां नूडल्स के पैकेट और एक लोकप्रिय ब्रांड के सलाद का पैकेट मिला था.

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पुलिस ने जब महिला से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह गोवा से अपनी बच्चियों के साथ यहां आई हैं.

पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमारी टीम ने उन्हें पांडुरंग विट्ठल की मूर्ति की पूजा करते हुए भी पाया. महिला ने कहा कि भगवान कृष्ण ने उन्हें ध्यान करने के लिए भेजा है और वह तपस्या कर रही हैं."

नीना ने पुलिस को बताया कि उनका पासपोर्ट खो गया था, लेकिन पुलिस और वन अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट खोज निकाला. उनका कहना है कि वो अक्सर भारत आती-जाती रहती थीं, लेकिन उनका वीज़ा 2017 में ही एक्सपायर हो गया था.

नीना 18 अक्टूबर 2016 से 17 अप्रैल 2017 तक बिज़नेस वीज़ा पर भारत आई थीं. गोवा फ़ॉरनर्स रीज़नल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िस (एफ़आरआरओ) ने उन्हें 19 अप्रैल 2018 को एग्ज़िट परमिट जारी किया था. वो नेपाल गईं और फिर बाद में आठ सितंबर 2018 को भारत लौट आईं.

फ़िलहाल पुलिस महिला को एक आश्रम और बच्चों को एक बाल गृह ले गई है. अधिकारियों का कहना है कि नीना और बच्चों को बेंगलुरु के विदेशी नागरिकों के लिए बने डिटेंशन सेंटर में लाया जाएगा और फिर रूस भेज दिया जाएगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित