मोहम्मद शमी ने मौक़े पर मारा 'पंजा', प्लेइंग 11 से बाहर रखे जाने पर भी बोले

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- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इस जीत का पिछले 20 सालों से इंतज़ार था. आख़िर रोहित शर्मा की टीम ने न्यूज़ीलैंड को धर्मशाला में खेले गए वर्ल्ड कप 2023 के मुक़ाबले में चार विकेट से हराकर इस इंतज़ार को ख़त्म किया. दरअसल, किसी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत 20 साल बाद न्यूज़ीलैंड से जीता है.
यह भारतीय टीम की इस टूर्नामेंट में लगातार पांचवी जीत है. इसके साथ ही पॉइंट टेबल में भारत टॉप पर पहुंच गया है.
यह कितना महत्वपूर्ण मैच है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इसे पाकिस्तान के साथ हुए मुक़ाबले से भी अधिक दर्शकों ने ओटीटी पर देखा.
साथ ही सर्वाधिक रन बनाने के मामले में विराट कोहली (354 रन) और रोहित शर्मा (311) अब इस टूर्नामेंट के शीर्ष दो बल्लेबाज़ भी बन गए हैं.
विराट कोहली ने 95 रनों की सबसे अहम पारी खेली तो पहली बार इस वर्ल्ड कप में बल्लेबाज़ी करने उतरे रवींद्र जडेजा अंत तक पिच पर डटे रहे और जीत का शॉट भी उन्हीं के बल्ले से आया.
हालांकि सबसे अधिक तारीफ़ अगर किसी की होनी चाहिए तो वो हैं, मोहम्मद शमी.

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शमी को पहली बार इस वर्ल्ड कप में खेलने का मौक़ा मिला और उन्होंने जिस तरह की गेंदबाज़ी की उससे आगे उन्हें नज़रअंदाज करना मुश्किल होगा.
उन्होंने अपने वनडे करियर में तीसरी बार पाँच विकेट लेने का कारनामा किया.
10 ओवरों में शमी ने 5.4 की इकोनॉमी से गेंदबाज़ी की और न्यूज़ीलैंड के पांच बल्लेबाज़ों को पविलियन लौटाया. यह शमी की गेंदबाज़ी का कमाल ही था कि एक समय बड़े स्कोर की ओर बढ़ती न्यूज़ीलैंड की टीम 273 रनों पर सिमट गई.
अपनी गेंदबाज़ी के दौरान शमी ने बाएं हाथ और दाहिने हाथ दोनों तरह के बल्लेबाज़ों को आउट किया.
उनकी फ़ुल लेंथ गेंद पर दो विकेट आए तो गुड लेंथ और शॉर्ट ऑफ़ गुड लेंथ गेंद पर एक एक विकेट आए, वहीं एक बल्लेबाज़ को उन्होंने अपनी यॉर्कर गेंद से आउट किया.

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टीम से बाहर बिठाए जाने पर शमी क्या बोले?
शमी को इस वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने का मौक़ा मिला जबकि इस टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक वनडे में पांच विकेट चटकाए थे.
टीम से बाहर रहने पर पूछे गए एक सवाल पर शमी ने कहा, अगर टीम अच्छा कर रही है तो बाहर बैठना मुश्किल नहीं है. आपके साथी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो आपको उनका समर्थन करना चाहिए. ज़रूरी यह है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे, मैं यही समझता हूं."
अपने प्रदर्शन और टीम में वापसी पर शमी बोले, "लंबे समय के बाद वापसी पर आत्मविश्वास हासिल करने की ज़रूरत होती है. पहली गेंद पर ही विकेट मिलने से आत्मविश्वास मिलता है. इस मैच ने मेरे लिए वही किया."
मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी उनकी गेंदबाज़ी और अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि "उन्होंने यहां के कंडीशन को अच्छे से भुनाया."
मोहम्मद शमी के प्रदर्शन पर रोहित बोले, "उन्होंने मिले मौक़े को दोनों हाथों से लपका है. उनके पास अनुभव के साथ ही क्लास भी है."
वहीं इरफ़ान पठान ने ट्वीट किया, "मोहम्मद शमी फ़रारी की तरह हैं. जब भी आप गैरेज से इसे बाहर निकालते हैं, आपको इसकी सवारी वही स्पीड, थ्रिल और ख़ुशी देती है."


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जीत के बाद कप्तान रोहित शर्मा क्या बोले?
मैच के बाद रोहित शर्मा बोले की टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत हुई है लेकिन अभी काम आधा ही पूरा हुआ है.
न्यूज़ीलैंड ने जिस तरह से मिडिल ओवरों में बल्लेबाज़ी की उस पर रोहित ने कहा, "एक समय हमें 300 से अधिक का स्कोर बनता दिख रहा था. मिचेल और रचिन बल्लेबाज़ी कर रहे थे और अच्छी साझेदारी निभाई. विकेट बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी थी क्योंकि ओस भी आने लगी थी. लेकिन हमारे गेंदबाज़ों ने शानदार वापसी कराई. 273 के स्कोर पर उन्हें रोकना बहुत बढ़िया कोशिश थी."
रोहित शर्मा ने इस मुक़ाबले में भी बढ़िया शुरुआत दी. जब तक वे पिच पर डटे थे, रन रेट छह से ऊपर चल रहा था.
शुभमन गिल के साथ पारी की दमदार शुरुआत पर रोहित ने कहा, "मैं गिल के साथ बल्लेबाज़ी करने का आनंद ले रहा हूं. हम दोनों दो व्यक्तित्व हैं, हमारे खेलने की शैली भी एक दूसरे से अलग है. शुभमन और मैं एक-दूसरे की मदद करते हैं. भले ही हम बड़ी पारियां नहीं खेल सके पर ख़ुश हैं की टीम जीती."
चेज़ मास्टर विराट कोहली के बारे में रोहित शर्मा ने कहा, "हमने उन्हें बड़ा स्कोर करते सालों से देखा है. वे दिमाग़ स्थिर रखते हैं और अपना काम करते हैं."


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'चेज़ मास्टर' विराट कोहली
विराट कोहली शतक से चूक गए पर अपनी 95 रनों की पारी से उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि उन्हें 'चेज़ मास्टर' यूं ही नहीं कहा जाता.
मैच के 12वें ओवर में कप्तान रोहित शर्मा के आउट होने पर विराट कोहली पिच पर आए. दो ओवर बाद ही शुभमन गिल भी आउट हो गए.
श्रेयस अय्यर आए. कुछ देर पिच पर रहे पर 22वें ओवर में वे भी आउट हो गए.
10 ओवर बाद केएल राहुल भी 35 रन बना कर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए लेकिन दूसरे छोर से चेज़ मास्टर विराट कोहली जमे रहे.
जिस 33वें ओवर में केएल राहुल आउट हुए उसकी आख़िरी गेंद पर विराट कोहली ने अपना अर्धशतक पूरा किया.
उनका अर्धशतक 60 गेंदों पर आया. पर अगले ही ओवर में वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू मैच खेल रहे सूर्यकुमार यादव रन चुराने की कोशिश में रन आउट हो गए.
आधी भारतीय टीम 191 के स्कोर पर पविलियन लौट चुकी थी और जीत के लिए 83 रन और बनाने थे.
इस टूर्नामेंट यह पहला मौक़ा था, जब आधी भारतीय टीम आउट हुई थी. इसका मतलब ये भी है कि निचले क्रम के बल्लेबाज़ों को अब तक किसी भी मैच में बल्लेबाज़ी का मौक़ा नहीं मिला था.
ऐसे में एक छोर रवींद्र जडेजा ने संभाला तो दूसरे पर चेज़ मास्टर विराट कोहली खड़े थे.
टीम थोड़ी दबाव में भी आई पर विराट लगातार स्कोर करते रहे और टीम को जीत की दहलीज तक ले गए.
जब वे 95 के व्यक्तिगत स्कोर पर पहुंचे तो लगा कि उनका ऐतिहासिक शतक देखने को मिलेगा पर वे आउट हो गए.
यानी अभी वनडे में सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी के लिए विराट को इंतज़ार करना पड़ेगा.
विराट की पारी की ख़ुद 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर ने तारीफ़ की.
वहीं पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने ट्वीट किया, "एक तरफ़ विराट कोहली तो दूसरी तरफ़ दुनिया के सारे बल्लेबाज़, विराट सबसे आगे."


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टीम को किन चीज़ों पर फ़ोकस करना होगा?
भारतीय टीम भले ही यह मैच जीत गई हो लेकिन कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं, जिन पर टीम मैनेजमेंट को अभी और काम करना पड़ेगा.
वर्ल्ड कप में हर मैच के बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में बेहतरीन फ़ील्डिंग के लिए मेडल दिए जा रहे हैं. ख़ुद रोहित शर्मा ने शुरुआती मैचों में जीत के बाद कहा भी था कि टीम ने अपनी फ़ील्डिंग पर बहुत मेहनत किया है, जो मैदान में दिखा भी.
लेकिन न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ इस मैच में कुछ कैच छूट गए, जिसका ज़िक्र कप्तान ने मैच के बाद भी किया. बड़े मौक़े पर कैच छोड़ना मैच पर भारी पड़ सकता है.
रोहित ने मैच के बाद कहा भी, "पिछले चार मैचों में हमने फ़ील्डिंग में बहुत अच्छा किया. आज के मैच में रवींद्र जडेजा जैसे दुनिया के सबसे शानदार फ़ील्डरों में से एक से कैच छूटा. कैच छूटना खेल का हिस्सा है. पर हम जानते हैं कि जैसे जैसे टूर्नामेंट में आगे बढ़ेंगे फ़ील्डिंग बहुत अहम होगा."
तो टीम इंडिया को फ़ील्डिंग पर अभी और काम करना होगा.
फ़ील्डिंग के साथ ही भारतीय टीम को अपने निचले क्रम की बल्लेबाज़ी पर भी फ़ोकस करना होगा क्योंकि अब तक उसे इस टूर्नामेंट में पिच पर उतरने का मौक़ा नहीं मिला है.
इस मैच में रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने तेज़ शुरुआत दी. फिर एक छोर पर पिछले मैच के शतकवीर विराट कोहली जैसे बल्लेबाज़ जमे हुए थे.
यानी मैच पर टीम इंडिया की पकड़ मज़बूत बनी हुई थी. इसके बावजूद केएल राहुल से ऊपर भेजे गए श्रेयस अय्यर बड़ी पारी खेलने में एक बार फिर नाकाम रहे.
टीम को इस पर सबसे अधिक ध्यान देना होगा क्योंकि आगे सेमीफ़ाइनल जैसे मुक़ाबले में मध्यक्रम की एक चूक बल्लेबाज़ी क्रम की बखिया उघेड़ कर रख देगा.

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क्या श्रेयस की कमज़ोरी हैं शॉर्ट पिच गेंदें?
न्यूज़ीलैंड के साथ इस मुक़ाबले में श्रेयस अय्यर ने 29 गेंदों पर 33 रन बनाए.
इस दौरान उन्होंने पुल, फ़्लिक, कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव जैसे बेहतरीन शॉट्स पर छह चौके बटोरे.
हालांकि ट्रेंट बोल्ट की शॉर्ट पिच गेंद को पुल करने की कोशिश में वे आउट हो गए.
वे इस टूर्नामेंट में अब तक नाबाद 25 रन (अफ़ग़ानिस्तान), नाबाद 53 रन (पाकिस्तान), 19 रन (बांग्लादेश) और 33 रन (न्यूज़ीलैंड) का स्कोर बना चुके हैं पर शॉर्ट गेंदों पर उनकी कमज़ोरी न्यूज़ीलैंड के साथ मुक़ाबले में एक बार फिर दिखी.
श्रेयस शॉर्ट पिच गेंदों पर रन बटोरने की कोशिश करते हैं पर लंबे समय से उन्हें इस गेंद पर अक्सर आउट होते देखा गया है.
इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले भी नेट्स पर श्रेयस शॉर्ट पिच गेंदों पर अभ्यास करते देखे गए हैं.
दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे पर जब श्रेयस अय्यर एक मैच में केवल दो रन बना कर शॉर्ट पिच गेंद का शिकार हुए और दूसरे मैच में उन्होंने 38 रन बनाए तब उन्होंने अपनी इस कमज़ोरी के बारे में बात की थी.

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तब श्रेयस ने कहा था, "पहले वनडे में मुझे पता था कि शॉर्ट गेंद आने वाली है पर मैं दो विचारों के बीच उलझ गया था. पर दूसरे मैच में इस सोच के साथ आया था कि गेंद को देख कर अपने शॉट को खेलना है."
उन्होंने तब कहा था कि, मुझे लगता है कि यह मानसिकता से जुड़ा है, जिसमें थोड़ा बदलाव करने की ज़रूरत है. यह विकेट पर आप कैसे खड़े होते हैं इसे लेकर है. आपको थोड़ा झुक कर खड़े होने की जगह सीधे खड़ा होना होता है. ऐसे में शॉर्ट गेंद खेलने में आसानी होती है."
श्रेयस ने उसके बाद से वेस्ट इंडीज़ की तेज़ पिचों पर 53 की औसत से तो न्यूज़ीलैंड की धरती पर 64 की औसत से बल्लेबाज़ी की है. वहीं भारत में दक्षिण अफ़्रीकी टीम के ख़िलाफ़ 191 की औसत से खेले तो इस वर्ल्ड कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ 52 की औसत से बल्लेबाज़ी की है. इस दौरान वे दक्षिण अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शतक भी जड़ चुके हैं.
हालांकि कप्तान रोहित ने लगातार श्रेयस पर अपना भरोसा जयाता है पर अगले मैच से पहले उन्हें अपनी इस कमज़ोरी पर काम करना ही पड़ेगा. क्योंकि डग आउट में बैठे इशान किशन भी मौक़े की बाट जोह रहे हैं.

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अब जबकि भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को हरा कर न केवल अंक तालिका में नंबर- 1 का स्थान पा लिया है बल्कि बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी समेत सभी इम्तिहान में पास भी हो गई है.
तो रोहित शर्मा की टीम को ज़रूरत है जीत के इस लय को बरकरार रखने की. आगे उसे इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी टीमों से मुक़ाबले खेलने हैं.
अगला मैच इंग्लैंड से 29 अक्टूबर को है. यानी उसके पहले छह दिनों के ब्रेक में टीम को रिलैक्स होने के साथ ही लगातार पांच जीत का जश्न मनाने का मौक़ा भी है.
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