पाकिस्तानी सेना का नौ मई की घटना पर एक्शन, लेफ्टिनेंट जनरल समेत तीन अफ़सर बर्ख़ास्त

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पाकिस्तानी सेना ने बीती नौ मई को हुई हिंसक घटनाओं को लेकर एक लेफ्टिनेंट जनरल समेत तीन अधिकारियों को बर्ख़ास्त कर दिया है.
पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता (डीजी आईएसपीआर) मेजर जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि नौ मई को हुई हिंसक घटनाओं पर चल रही सेना की जांच पूरी हो गई है.
मेजर जनरल चौधरी ने बताया कि बर्ख़ास्त किए गए अधिकारियों पर नौ मई के दिन सैन्य प्रतिष्ठानों की रक्षा की ज़िम्मेदारी थी.
नौ मई 2023 को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ के प्रदर्शन के दौरान लाहौर में कोर कमांडर हाऊस समेत देश में कई जगह फ़ौजी और सरकारी इमारतों पर हमले किए गए थे और तोड़-फोड़ के बाद आग लगाई गई थी. तब इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के विरोध में प्रदर्शन हुए थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजी आईएसपीआर चौधरी ने बताया कि इस सिलसिले में फ़ौज के अंदर दो इन्क्वायरी की गईं जिसके बाद एक विस्तृत कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी में फ़ैसला किया गया कि एक लेफ़्टिनेंट जनरल समेत तीन अफ़सरों को नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया जाए.
उनके मुताबिक़ इसके अलावा तीन मेजर जनरल और सात ब्रिगेडियर समेत 15 अफ़सरों के ख़िलाफ़ सख़्त एक्शन लिया गया है. प्रवक्ता के मुताबिक़, पाकिस्तानी सेना और सैन्य नेतृत्व नौ मई की घटना से अवगत है और फ़ौज के अंदर जवाबदेही की प्रक्रिया मौजूद है जो बिना किसी भेदभाव के पूरी की जाती है.
प्रवक्ता ने कहा, “जितना बड़ा पद होता है, उतनी ही बड़ी ज़िम्मेदारी निभानी पड़ती है.”
उनका ये भी कहना था, ‘फ़ौजी अदालतों में 102 उपद्रवियों का ट्रायल किया जा रहा है और ये प्रक्रिया जारी है.’

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पूर्व सैन्य अफ़सरों के परिजन के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई
प्रवक्ता ने बताया कि फ़ौजी अदालतों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में केस सुना जा रहा है जबकि 17 स्टैंडिंग कोर्ट पहले से ही सक्रिय थीं और क़ानूनों के तहत इन अदालतों में केस चल रहे हैं.
प्रवक्ता के मुताबिक़, नौ मई की घटना के साज़िशकर्ताओं और सूत्रधारों को पाकिस्तान के संविधान और क़ानून के मुताबिक़ सज़ाएं दी जाएंगी चाहे उनके संबंध किसी भी संगठन से हों.
फ़ौज के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि इंसाफ़ की इस प्रक्रिया में रुकावटें डालने वालों से भी सख़्ती से निपटा जाएगा.
इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान पाकिस्तानी सेना ने ये भी बताया है कि जहां उसने अपने वर्तमान अफ़सरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है वहीं उसने कुछ पूर्व अफ़सरों के परिजन के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की है.
सेना ने बताया है कि सुबूतों के आधार पर एक रिटायर्ड फ़ोर स्टार जनरल की नवासी, एक रिटायर्ड फ़ोर स्टार जनरल के दामाद, एक रिटायर्ड थ्री स्टार जनरल की पत्नी और एक रिटायर्ड टू स्टार जनरल की पत्नी और दामाद जवाबदेही की प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं.
मेजर जनरल अहमद शरीफ़ ने इन लोगों के नाम तो ज़ाहिर नहीं किए हालांकि पाकिस्तान के पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल आसिफ़ नवाज़ जंजूआ की नवासी और फ़ैशन डिज़ाइनर ख़दीजा शाह उन लोगों में शामिल हैं जिनके ख़िलाफ़ पाकिस्तानी अदालतों में नौ मई की घटनाओं के सिलसिले में कार्रवाई की जा रही है.

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‘सेना साज़िशकर्ताओं को सज़ा दिलवाएगी’
सेना के प्रवक्ता ने ये भी कहा, "नौ मई की घटना अचानक नहीं हुई, इसका मक़सद था कि सैन्य प्रतिष्ठानों पर लोगों को भेजा जाए और फ़ौज प्रतिक्रिया दे. लोगों को भड़काया जा रहा था. अगर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाती तो उनके नापाक मक़सद पूरे हो जाते."
मेजर जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने कहा कि ‘कोई उम्मीद नहीं कर रहा था कि कोई राजनीतिक पार्टी अपने ही मुल्क पर हमलावर हो जाएगी.’
नौ मई की घटना के असल ज़िम्मेदारों की क्या पहचान कर ली गई है?
इस सवाल पर चौधरी ने कहा, “अभी निश्चित रूप से कहना जल्दबाज़ी होगी कि इसका असल साज़िशकर्ता कौन है. ये वही लोग हैं जिन्होंने फ़ौज के ख़िलाफ़ लोगों का माइंडवॉश किया.”
डीजी आईएसपीआर का कहना था कि उन साज़िशकर्ताओं को ‘इंसाफ़ तक पहुंचाना भी ज़रूरी है. अगर ऐसा नहीं होगा तो कल कोई और राजनीतिक गिरोह अपने नापाक इरादे के लिए इस घटना को दोहराएगा. इसके अलावा कोई हल नहीं कि हम इन साज़िशकर्ताओं को पहचानें और उन्हें सज़ा दिलाएं.’
नौ मई को क्या हुआ था
नौ मई को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को पाकिस्तान की नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के पास से गिरफ़्तार कर लिया था.
इमरान ख़ान की पार्टी ने उनकी गिरफ़्तारी को 'अग़वा' करना कऱार दिया था.
उनकी गिरफ़्तारी के बाद हज़ारों समर्थक पाकिस्तान के कई शहरों में सड़कों पर उतर आए थे.
पीटीआई कार्यकर्ता रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय के गेट नंबर एक पर पहुंच गए थे और उसे तोड़ कर अंदर घुस गए थे.
लाहौर में इमरान ख़ान के समर्थक कैंट में कोर कमांडर के घर के पास पहुंच गए थे और उन्होंने वहां खड़ी कई गाड़ियों को आग लगा दी थी.
इसके बाद कोर कमांडर के घर में भीड़ ने तोड़-फोड़ की थी और वहां का सामान उठाकर ले गए थे.
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