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आरसीबी आईपीएल के प्लेऑफ़ में अभी भी कैसे पहुंच सकती है?
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एक अच्छी शुरुआत के बाद मिले झटकों से उभरकर शनिवार को गुजरात टाइटंस को चार विकेट से हरा दिया. इसी के साथ टीम ने आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ में अपनी मौजूदगी बरकरार रखी है. वह इस जीत से अंक तालिका में आठ अंकों से सातवें स्थान पर आ गई है.
प्लेऑफ की दौड़ में ख़ुद को आगे भी बनाए रखने के लिए आरसीबी को बाकी तीन मैच जीतकर 14 अंकों तक पहुंचना होगा. पर संभावना ये भी है कि यह अंक प्लेऑफ के लिए पर्याप्त साबित नहीं हों.
गुजरात टाइटंस का दो पेस गेंदबाज के साथ खेलना हार की एक बड़ी वजह साबित हुआ. उन्होंने अगर इंपेक्ट प्लेयर के तौर पर विजय शंकर की जगह किसी पेस गेंदबाज़ को लिया होता तो कहीं बेहतर साबित होता.
यही नहीं राशिद खान का पूरी तरह फिट न होना भी हार का कारण रहा.
ओपनिंग साझेदारी ने बनाया जीत का आधार
फाफ डुप्लेसी और विराट कोहली ने 148 रन के मामूली लक्ष्य को पाने के लिए जिस आक्रामक अंदाज़ में पारी की शुरुआत की उससे लग रहा था कि मैच का परिणाम 10 ओवरों में ही निकल आएगा.
इस जोड़ी ने आरसीबी के लिए इस सत्र के पावरप्ले में सबसे उम्दा प्रदर्शन किया और एक विकेट पर 92 रन बना दिए. इससे पहले वह इस दौरान 79 रनों तक ही पहुंच सकी थी.
आरसीबी की पारी की शुरुआत के अंदाज़ से लगा कि दोनों पारियां बिलकुल अलग विकेट पर खेली गई हैं. गुजरात टाइटंस को पारी में यहां बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा तो विराट और डुप्लेसी के खेलते समय लग रहा था कि गेंदबाज़ों को मदद नहीं मिल रही है.
विराट और डुप्लेसी ने जब पहले दो ओवरों में 34 रन बना डाले तो साफ़ हो गया कि आरसीबी मैच जीतने की जल्दी में है.
डुप्लेसी ने मात्र 18 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों से अर्धशतक पूरा किया. यह आरसीबी के लिए दूसरा सबसे तेज़ अर्धशतक है, क्योंकि सबसे तेज़ अर्धशतक क्रिस गेल के नाम 17 गेंदों में दर्ज है.
आरसीबी की बल्लेबाज़ी में है सुधार की ज़रूरत
मज़बूत शुरुआत के बाद भी एक समय आरसीबी पर हार का खतरा मंडराने लगा था.
इस सीज़न की सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी बनाने के बाद डुप्लेसी जब 92 रनों के स्कोर पर कैच होकर लौटे तो पारी एकदम से लड़खड़ा गई और 111 रन तक स्कोर पहुंचते विल जैक्स, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल और केमरून ग्रीन लौट गए.
विल जैक्स तो नूर अहमद की गुगली को समझ ही नहीं सके. वहीं बाकी तीनों बल्लेबाज़ बेवजह बड़े शॉट खेलने के चक्कर में कैच हुए. इनमें से किसी ने भी विकेट पर कुछ गेंद खेलकर इसे समझने का प्रयास नहीं किया और बड़े शॉट खेलकर निराश किया.
इसके बाद विकेट के एक छोर पर डटे विराट कोहली को नूर ने विकेटकीपर के हाथों कैच करवाकर टीम को मुश्किल में डाल दिया.
विराट ने दो चौकों और चार छक्कों से 42 रन बनाए और इससे वह एक बार फिर ऑरेंज कैप को पाने में सफल रहे हैं.
दिनेश कार्तिक फिर साबित हुए संकटमोचक
दिनेश कार्तिक को एक अच्छे मैच फिनिशर के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने धड़ाधड़ निकले विकेट का अपने ऊपर दबाव नहीं बनने दिया. वह विकेट पर पूरे भरोसे के साथ जमे रहे और खेलते रहे. अपनी 12 गेंदों में 21 रनों की पारी से मैच को उन्होंने अपने पक्ष में बदल दिया.
दिनेश कार्तिक के इस प्रयास में उन्हें स्वप्निल सिंह का भरपूर सहयोग मिला. उन्होंने दो चौकों और एक छक्के से 15 रन बनाकर अपने ऊपर दिखाए भरोसे को सही ठहराया.
वह इससे पहले गुजरात टाइटंस की पारी की शुरुआत में पहला सफल ओवर भी डाल चुके थे. इस जोड़ी ने 35 रन की साझेदारी बनाकर टीम पर छाए संकट को खत्म किया और टीम जीत की तरफ़ बढ़ गई.
इस जीत में गेंदबाज़ों का भी अहम योगदान
इस सत्र में आरसीबी की गेंदबाज़ी को ही उसकी कमज़ोर कड़ी माना जा रहा था. लेकिन इस मैच में गेंदबाज़ों ने अहम योगदान करके जीत का आधार बनाया. गेंदबाज़ों को मैच से पहले हुई बारिश की वजह से विकेट में आई जान का भी फायदा मिला.
मोहम्मद सिराज ने साहा और शुभमन गिल के विकेट निकालकर पारी की शुरुआत में ही झटके दे दिए और इसके बाद वह कभी इन झटकों से उभरते नज़र नहीं आए.
सिराज ने 29 रन देकर दो विकेट निकाले और इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
सिराज ने इस अवॉर्ड को पाने के बाद कहा कि कल मेरी तबियत खराब थी और मुझे इस मैच में खेलने का भरोसा तक नहीं था. पर इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने से बेहद खुश हूं. उन्होंने कहा कि इस सत्र में मैंने नई गेंद से कम ही गेंदबाज़ी की है. लेकिन नई गेंद हाथ में आते ही यह प्रदर्शन सामने आया है.
जोश लिटिल ने किया प्रभावित
जोश लिटिल पहला मैच खेल रहे थे और प्रभावित करने में सफल रहे. पर उनके पहले ओवर में ही डुप्लेसी ने 20 रन ठोककर उनका किसी हद तक मनोबल तोड़ दिया. हालांकि इस पिटाई से वो विचलित नहीं हुए और छठे ओवर में दोबारा अटैकिंग मोड में आते ही डुप्लेसी को कैच कराकर साझेदारी को तोड़ दिया.
उन्होंने एक ही ओवर में रजत पाटीदार और ग्लेन मैक्सवेल को कैच कराकर लौटाया और फिर केमरून ग्रीन को कैच कराकर गुजरात टाइटंस की मैच में वापसी करा दी.
इस बीच ही नूर अहमद ने विल जैक्स और विराट कोहली के विकेट निकालकर इसमें अच्छा सहयोग किया.
जोश लिटिल भले ही अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके पर चार ओवरों में 45 रन देकर चार विकेट निकालने में सफल रहे.
पावरप्ले से ही तय हो गया नतीजा
सही मायनों में गुजरात टाइटंस ने पावरप्ले में सीज़न का सबसे घटिया प्रदर्शन करके मैच का रुख किसी हद तक तय कर दिया था. उन्होंने पावरप्ले में 23 रन पर तीन विकेट खो दिए.
इस मुश्किल स्थिति में शाहरुख ख़ान, डेविड मिलर और राहुल तेवतिया ने पारी को संभालने का अच्छा प्रयास किया पर इन तीनों में से एक भी आखिर ओवर तक रुक जाता तो कम से कम 20-15 रन और बन सकते थे और अगर ऐसा हो जाता तो मैच का परिणाम बदल सकता था.
शाहरुख ख़ान 37 रन की पारी खेलने के बाद दुर्भाग्यवश विराट कोहली की एक डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट हो गए.
वहीं डेविड मिलर कर्ण शर्मा के हाथों मिले जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके और उनकी ही गेंद पर कैच होकर लौट गए. इसी तरह तेवतिया विशाख के शानदार कैच से लौटे.
विजयकुमार विशाख के चौथे ओवर में पुछल्ले बल्लेबाज़ों ने एकदम से समर्पण करके पारी को पूरे 20 ओवर तक भी नहीं खिंचने दिया. उन्होंने पहली तीन गेंदों पर विजय शंकर, मानव सुथार और मोहित शर्मा के विकेट निकालकर पारी तीन गेंद बाकी रहते खत्म करा दी.
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