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पंत की इस पारी के बाद क्या उनका टी-20 वर्ल्ड कप का टिकट पक्का हो गया है?
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
दिल्ली कैपिटल्स ने पावरप्ले यानी पहले 6 ओवर में बल्लेबाज़ी करते हुए महज़ 44 रन पर तीन विकेट खो दिये तो पूरी तरह से संघर्ष करती दिख रही थी.
वहीं जीत के लिए 225 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइंट्स ने पहले 6 ओवर में सिर्फ़ 1 विकेट खोकर 67 रन बना डाले.
मिडिल ओवर्स में देखा जाए तो दोनों टीमों के बीच रन जुटाने के लिहाज़ से मुक़ाबला लगभग बराबरी वाला रहा लेकिन गुजरात ने इस दौरान विकेट ज़्यादा खो दिये.
अगर 7-15 ओवर वाले फ़ेज़ में दिल्ली ने बिना किसी नुक़सान के 83 रन बनाये तो गुजरात ने 4 विकेट गंवाकर 80 रन बनाते हुए दबाव में आ गए. बहरहाल, मैच का नतीजा डेथ ओवर्स में तय हुआ यानी आखिरी 5 ओवर्स में.
यहां पर मेज़बान दिल्ली ने 1 विकेट के नुक़सान पर 97 रन जोड़े तो वहीं गुजरात 3 विकेट खोकर 73 रन ही बना पाई.
स्टब्स की अचंभित करने वाली फ़ील्डिंग
लेकिन, इतनी गहराई से मैच के आंकड़ों का आंकलन करने के बाद अगर दोनों टीमें इस बात पर सहमत हों कि दरअसल मैच बल्ले या गेंद नहीं बल्कि साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी ट्रिस्टन स्टब्स के अंचभित करने वाले फील्डिंग प्रयास का था तो शायद ग़लत नहीं होगा.
कैपिटल्स के तेज़ गेंदबाज़ रासिख़ सलाम की गेंद पर गुजरात के ऑलराउंर राशिद ख़ान ने एक झन्नाटेदार शॉट्स लगाया जो एकदम से बाउंड्री के बाहर जाता दिख रहा था. लेकिन, यहीं पर स्टब्स ने गोताखोर के अंदाज़ में गेंद पर झपट्टा मारा.
उन्होंने हवा में उछलते हुए और बाउंड्री लाइन के बाहर गेंद को गिरने से रोक दिया जिससे टीम के लिए पांच रन बचाए गए. इसे महज़ संयोग ही कहा जायेगा कि दिल्ली ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव वाले मैच को आखिरकार चार रनों के मामूली अंतर से ही जीती.
वैसे स्ट्बस ने पहली पारी में बल्लेबाज़ी के दौरान सिर्फ 7 गेंदों पर 26 रन बनाये थे जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल रहे थे. 371 के स्ट्राइक रेट वाली इस छोटी सी पारी को भी आप चाहे तो मैच का टर्निंग प्वाइंट कह सकते हैं.
पंत का वर्ल्ड कप टिकट पक्का
सही मायनों में देखा जाए तो मेज़बान टीम के कप्तान ऋषभ पंत के लिए ये मैच ख़ास रहा. जब उनकी टीम दबाव में थी तब उन्होंने 43 गेंदों पर 88 रनों की तूफानी पारी खेली. इसमें 5 चौके और 8 छक्के शामिल रहे.
जिस किसी को इस मैच से पहले थोड़ा-बहुत भी पंत के वर्ल्ड कप में चयन को लेकर संदेह रहा होगा वो निश्चित तौर पर दूर हो गया होगा. वजह साफ है क्योंकि मौजूदा आईपीएल में किसी विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने ना तो दो मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता है. और ना ही उनसे ज़्यादा रन (342) संजू सैमसन या फिर ईशान किशन या केएल राहुल ने बनाये हैं.
सच कहा जाए तो फिलहाल आईपीएल में टॉप 3 बल्लेबाज़ों में पंत का ही स्ट्राइक रेट 161 से ज़्यादा का है.
वहीं पंत ने अपनी वर्ल्ड कप दावेदारी को लेकर हर तरह के संदेह को ख़त्म किया तो दूसरी ओर उनके साथी अक्षर पटेल ने भी दिखाया कि स्पिन-ऑलराउंडर के तौर पर उन्हें भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है.
बल्लेबाज़ी करते हुए संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए पटेल ने पहले 43 गेंदों पर 66 रन बनाये और कप्तान पंत के साथ एक शतकीय साझेदारी निभायी तो गेंदबाज़ी करते हुए 3 ओवर में 28 रन देकर 1 विकेट लिया.
कुछ दिनों के बाद जब भारतीय चयनकर्ता वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनने बैठेंगे तो पटेल को भी नज़रअंदाज करना मुश्किल होगा.
आपको याद दिला दें कि आखिरी लम्हों में चोटिल हो जाने के चलते पटेल 2023 वनडे वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाये थे और उनकी जगह रविचंद्रन अश्विन का चयन हुआ था.
पटेल के साथ साथ दिल्ली के लिए दमदार गेंदबाज़ी की सदाबहार स्पिनर कुलदीप यादव ने.
बायें हाथ के स्पिनर कुलदीप ने अपनी टीम के लिए सबसे कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 29 रन दिये और 2 विकेट झटके.
संघर्ष करती गुजरात की टीम
वहीं गुजरात के लिए देखा जाए तो पिछले 2 सीज़न में शानदार खेल दिखाने वाली ये टीम अब तीसरे सीज़न में संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है.
कोच आशीष नेहरा और कप्तान हार्दिक पंड्या की पुरानी जोड़ी टूटने के बाद अगर पंड्या की मुंबई भी संघर्ष कर रही है तो अब नेहरा जी को भी शुभमन गिल के साथ वैसा तालमेल बनाने में वक्त लग रहा है.
पिछले दो सीज़न में 14-14 मैच खेलने के बाद गुजरात ने 4 बार हार का मुंह देखा था लेकिन इस बार 9वें मैच के बाद ही उन्हें 5वीं हार झेलनी पड़ी.
गुजरात के मीडियम पेसर मोहित शर्मा की इस मैच में बहुत बुरी तरह से पिटाई हुई. आईपीएल के इतिहास में अब तक किसी गेंदबाज़ ने 4 ओवर की गेंदबाज़ी करते हुए कभी भी 73 रन नहीं लुटाये थे.
मोहित जो कुछ दिन पहले तक टी-20 वर्ल्ड कप के लिए चमत्कारिक तरीके से वापसी का सपना देख रहे थे, पंत और उनके साथियों ने मिलकर उनके मंसूबों पर बुरी तरह से पानी फेर दिया.
बावजूद इसके मैच की आखिरी गेंद तक मेज़बान की सांसे अटकी हुई थीं. और इसके लिए कोई और नहीं बल्कि अफगानिस्तान के राशिद ख़ान ज़िम्मेदार थे.
आख़िरी 6 गेंदों पर टाइटंस को 19 रनों की ज़रूरत थी और गेंद पंत ने मुकेश कुमार को थमायी. वही मुकेश कुमार जिन्होंने 2023 में टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में अपने करियर की शुरुआत की और हर किसी को अपना मुरीद बनाया.
तारीफ करनी होगी मुकेश के हौसले की जिन्होंने राशिद के ख़िलाफ़ दो चौके और 1 छक्का खाने के बावजूद अपना धैर्य नहीं खोया.
राशिद को खुद पर इतना भरोसा था कि उन्होंने दूसरे छोर पर अपने साथी बल्लेबाज़ मोहित शर्मा को सिंगल्स लेने की गुज़ारिश को ठुकरा दिया.
आखिरी गेंद पर राशिद और गुजरात को जीत के लिए 5 रनों की ज़रूरत थी लेकिन मुकेश ने उन्हें चौका लगाने का मौक़ा भी नहीं दिया जिससे पहली बार इस आईपीएल में दर्शकों को सुपर ओवर का नज़ारा देखने को मिल सकता था.
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