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आईपीएल: आशुतोष शर्मा ने ऐसा क्या किया कि मुंबई इंडियंस के जीतने से पहले पसीने छूट गए
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
मुंबई इंडियंस पंजाब किंग्स से आईपीएल मुकाबले में नौ रनों से जीत ज़रूर गई. पर पंजाब किंग्स के आशुतोष शर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मुंबई कैंप की धड़कनें ज़रूर बढ़ा दीं.
इस युवा बल्लेबाज का ही कमाल था कि आख़िरी ओवरों में हार्दिक पांड्या के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं और रोहित शर्मा, बुमराह लगातार उनसे सलाह करते नज़र आए.
मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाज़ी करके सात विकेट पर 192 रन बनाए.
जवाब में पंजाब किंग्स ने बेहद ख़राब शुरुआत के बाद 183 रन बनाए.
इस प्रयास के दौरान पंजाब की टीम जीत तो नहीं सकी पर सामने वाली टीम के पसीने छुड़ाने में ज़रूर सफल रही.
आशुतोष जब बल्लेबाजी करने आए, तब शशांक सिंह टीम की मुश्किलों को थोड़ा कम कर चुके थे. पर तब भी टीम पर हार के काले बादल बुरी तरह से छाए हुए थे.
शानदार पारी से बदली मैच की सूरत
पंजाब ने 76 रन पर छह विकेट खो दिए थे. पर उन्होंने अपनी 61 रन की पारी से एक समय तो मैच का नक्शा ही बदल दिया.
उन्होंने दो चौकों और सात छक्कों से यह रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 217.85 रहा.
शशांक के पारी में जान डालने के सिलसिले को आशुतोष ने आते ही छक्का लगाकर कायम रखा.
इसके बाद आशुतोष और शशांक की जोड़ी ने ताबड़तोड़ अंदाज में स्टेडियम में मौजूद प्रीति जिंटा सहित अपने प्रशंसकों के चेहरों पर खुशी ला दी.
इस जोड़ी ने सातवें विकेट की साझेदारी में 17 गेंदों में 34 रन जोड़कर हल्के से उम्मीदों की किरण को जगाया.
इस जोड़ी पर लगाम लगाने के लिए जसप्रीत बुमराह को 13वें ओवर में लाया गया. उन्होंने आते ही एक धीमी गेंद को ऑफ स्टंप के बाहर रखा.
शशांक ढंग से शॉट को नहीं खेल सके और 25 गेंद में 41 रन की पारी खेलकर लपक गए.
आशुतोष में दिखती है सूर्यकुमार वाली छवि
आशुतोष जिस खूबी के साथ पिकअप शॉट खेलते हैं, उसे देखकर हरभजन सिंह और इरफान पठान दोनों उन्हें जूनियर सूर्यकुमार यादव बोल रहे थे.
यह सही है कि वह सूर्यकुमार वाले बेबाक अंदाज में खेलते हैं पर दिलेरी उनकी खुद अपनी है.
बुमराह के एक नो बॉल करने पर आशुतोष ने सही अंदाज लगाया कि फ्री हिट वाली गेंद यॉर्कर आने वाली है और उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर जाकर लैप शॉट से छक्का लगाकर सभी को चकित कर दिया.
इस मौके पर हरभजन सिंह यह कहते नजर आए कि मैंने इस तरह का शॉट सिर्फ एबी डिविलियर्स को लगाते देखा है.
सही मायनों में मधवाल के 16वें ओवर में पहली बार पंजाब किंग्स मैच में आगे नज़र आई.
इस ओवर में आशुतोष ने दो और हरप्रीत ने एक छक्का लगाकर चार ओवर में 28 रन बनाने का लक्ष्य कर दिया था. पर आशुतोष के कोइट्जी का शिकार बनने से गाड़ी पटरी से फिर से उतर गई.
जसप्रीत बुमराह मुंबई इंडियंस के आक्रमण की जान हैं.
जिस समय गेंदबाजों की धुनाई हो रही थी, उस समय भी रन गति पर अंकुश लगाए रखकर दिखाया कि उन्हें मारना आसान नहीं है.
बुमराह ने चार ओवरों में 21 रन देकर तीन विकेट निकाले और इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
बुमराह ने ख़तरा बन रहे आशुतोष पर 17वें ओवर में अपनी तूफानी गेंदबाज़ी से लगाम लगाने में सफलता प्राप्त की और इस ओवर में सिर्फ तीन रन देकर फिर से मुंबई की जीत की उम्मीदों को बनाया.
यह सही है कि कोइट्जी ने आशुतोष को मोहम्मद नवी के हाथों लपकवाकर जीत की तरफ बढ़ती पंजाब की राह को रोका. पर वह बुमराह की तरह किफायती नहीं रहे और 32 रन देकर तीन विकेट निकाले.
शुरुआत थोड़ी और बेहतर होने की ज़रूरत
पंजाब किंग्स के खेलने के अंदाज से लगा कि वह इस विकेट पर 193 रन का लक्ष्य देखकर थोड़ी घबरा गई और उन्होंने विकेट को समझे बगैर शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाने की गलती करके अपनी हार का जाल खुद बुन दिया.
सही मायनों में कुछ बल्लेबाज़ तो तेजी से रन बनाने की घबराहट में बड़े शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए.
बुमराह और कोइट्जी ने शुरुआत में विपक्षी टीम की घबराहट का फायदा उठाकर 14 रन तक स्कोर पहुंचते चार विकेट निकालकर मैच की कहानी किसी हद तक तय कर दी.
बाद में हरप्रीत और जितेश के भी जल्दी लौट जाने से स्कोर छह विकेट पर 77 रन हो जाने से जीतने की उम्मीदों पर विराम सा लग गया.
मुंबई इंडियंस ने विजय ज़रूर पा ली पर उन्हें अपनी गेंदबाज़ी को और कसने की ज़रूरत है.
हम उनके गेंदबाजी आक्रमण को देखें तो बुमराह की इकॉनमी रेट सात के आसपास है और टीम की गेंदबाजी की इकॉनमी रेट 13 के आसपास है.
मुंबई तीसरी जीत पाकर छह अंकों से सातवें स्थान पर ज़रूर आ गई है और उनका अभियान भी अब पटरी पर आता दिख रहा है.
पर उन्हें अपनी चुनौती अगले दौर में ले जानी है तो आक्रमण को और कसना होगा.
सूर्यकुमार यादव का अपनी पुरानी रंगत में खेलने से मुंबई ही नहीं भारतीय टीम को भी अच्छा अहसास हुआ है. वह जिस अंदाज में खेलते हैं, उससे गेंदबाज के लिए यह सोचना मुश्किल हो जाता है कि वह गेंद को डालें तो डालें कहां. उनके इस अंदाज़ को देखकर एबी डिविलियर्स के खेलने के दिनों की याद आ जाती है.
ईशान किशन के जल्दी आउट हो जाने के बाद उन्होंने पहले रोहित शर्मा और फिर तिलक वर्मा के साथ दो अच्छी साझेदारियां बनाकर टीम को मजबूती की तरफ बढ़ाने में मदद की. उनके बनाए आधार की वजह से ही मुंबई 192 रन के स्कोर तक पहुंच सकी.
सूर्यकुमार ने 53 गेंदों वाली अपनी पारी में सात चौकों, तीन छक्कों से 78 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 147.16 रहा.
उनके खेल की खूबी यह है कि वह गेंदबाज के गेंद रिलीज करने से पहले ही अपने शॉट खेलने के लिए पोजिशन में आ जाते हैं. वह यह काम रवाडा जैसे गेंदबाज के ख़िलाफ़ भी बखूबी करते नजर आए.
रवाडा के आठवां ओवर फेंकने के समय वह ऑफ स्टंप से बाहर निकलकर उन पर कट करके चौका लगाते दिखे.
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