डोनाल्ड ट्रंप के लिए कितनी बड़ी चुनौती हैं क़ानूनी दिक्कतें

- Author, गैरेथ एवंस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वाशिंगटन डीसी
डोनाल्ड ट्रंप पर अब तक चार बार आपराधिक अभियोग लगाया गया है और 2024 में उन्हें फिर से व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए कई मामलों मे ट्रायल से होकर गुजरना पड़ेगा.
आगे उन चार मामलों को विस्तार से समझाया गया है और बताया गया है कि पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए वर्तमान दावेदार के लिए इन मामलों क्या मतलब हो सकता है.

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जॉर्जिया में 2020 के चुनाव में क्या आरोप हैं?
यह सबसे ताज़ा अभियोग है, जिसे सोमवार रात अटलांटा में खोला गया.
डोनाल्ड ट्रंप और 18 अन्य लोगों को राज्य में 2020 के चुनाव में उनकी हार को पलटने के कथित प्रयासों के लिए अभियोग में नामित किया गया है.
जांच आंशिक रूप से एक लीक फोन कॉल से शुरू हुई थी जिसमें पूर्व राष्ट्रपति ने जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी से चुनावी हार को पलटने के लिए 11,780 वोट ढूंढने के लिए कहा था.
डोनाल्ड ट्रंप पर जॉर्जिया के रैकेटियरिंग इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन एक्ट (रिको) के कथित उल्लंघन सहित 13 आपराधिक मामले दर्ज़ किए गए थे.
अन्य आरोपों में एक सार्वजनिक अधिकारी की शपथ के उल्लंघन की मांग करना, जालसाजी करने की साजिश करना, झूठे बयान देने की साजिश करना, झूठे दस्तावेज लिखना और दाखिल करने की साजिश करना शामिल है.
संभावित सज़ा क्या हैं?
रैकेटियरिंग का आरोप, जो ज्यादातर संगठित अपराध के मामलों में उपयोग किया जाता है, अधिकतम 20 साल की जेल की सज़ा का प्रावधान है.
जॉर्जिया में वादी पक्ष के वकील फानी विलिस को यह साबित करना पड़ेगा कि ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा भ्रष्टाचार का एक पैटर्न था, जिसका उद्देश्य चुनाव परिणाम को पलटना था.
जहां तक गलत बयान देने का सवाल है, तो इसके लिए एक से पांच साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है.
चुनावी धोखाधड़ी के आपराधिक आग्रह के दोषी व्यक्ति को एक से तीन साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा.
ट्रंप अपने बचाव में क्या कर सकते हैं?
ट्रंप ने इस तरह के काम में संलिप्तता से बार-बार इनकार किया है.
उन्होंने संबंधित फ़ोन कॉल का बचाव करते हुए इसे सही ठहराया है और विलिस पर राजनीति से प्रेरित जांच शुरू करने का आरोप लगाया है.

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2020 चुनाव की जांच में क्या हैं आरोप?
डोनाल्ड ट्रंप पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को पलटने के प्रयासों की एक अलग संघीय जांच में आपराधिक आरोप लगाया गया है.
45 पेज के अभियोग में संयुक्त राज्य अमेरिका को धोखा देने की साजिश, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने की साजिश, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालना और बाधा डालने का प्रयास और नागरिकों के अधिकारों के ख़िलाफ़ साजिश रचने के कुल चार आरोप शामिल हैं.
इन आरोपों की शुरुआत 2020 के चुनाव के समय हुई था जिनमें 6 जनवरी की कैपिटल हिल वाली हिंसा भी शामिल है.
संभावित सज़ा क्या हैं?
इन आरोपों के लिए सज़ा में शामिल हैं:
- अमेरिका को धोखा देने की साजिश के लिए जुर्माना या पांच साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है
- किसी आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने पर जुर्माना या 20 साल तक की जेल हो सकती है
- अधिकारों के ख़िलाफ़ षडयंत्र करने पर जुर्माना या अधिकतम 10 साल की जेल या दोनों लगाए जा सकते हैं
लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ट्रंप पर आरोप लगने और दोषी ठहराए जाने पर भी उन्हें सज़ा होगी.
बचाव में क्या करेंगे ट्रंप?
ट्रंप पर 3 अगस्त को वाशिंगटन डीसी की अदालत में औपचारिक रूप से आरोप लगाया गया था. 28 अगस्त को एक संभावित ट्रायल की तारीख़ तय होने की उम्मीद है.
उनका तर्क है कि ये आरोप उन्हें 2024 का राष्ट्रपति चुनाव जीतने से रोकने का एक प्रयास है.
अपने अभियोग की सुनवाई के बाद वाशिंगटन छोड़ने से पहले, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह मामला एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का उत्पीड़न है.
ट्रंप ने 6 जनवरी 2021 को हुए दंगे की ज़िम्मेदारी से बार-बार इनकार किया है.
उनकी कानूनी टीम यह भी तर्क दे सकती है कि पूर्व राष्ट्रपति उस दिन हुई हिंसा के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार नहीं हैं क्योंकि उन्होंने समर्थकों को कैपिटल पर 'शांतिपूर्वक' मार्च करने के लिए कहा था और यह अमेरिकी क़ानून के हिसाब से अभिव्यक्ति की आज़ादी के अंतर्गत आता है.

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ज़रूरी दस्तावेजों को ग़लत तरीके से रखने का मामला
ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद ज़रूरी फ़ाइलों के कथित दुरुपयोग को लेकर 40 आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं.
पिछले साल उनकी फ्लोरिडा वाले घर 'मार-ए-लागो' में एफबीआई की तलाशी में हजारों दस्तावेज़ जब्त किए गए थे, जिनमें लगभग सौ को ज़रूरी दस्तावेज के रूप में चिह्नित किया गया था.
ट्रंप पर दस्तावेजों को रखने और फिर जांच के दौरान एफ़बीआई के काम में बाधा डालने के आरोप हैं.
ट्रंप पर अधिकांश आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी को जानबूझकर रखने के हैं जो अमेरिका के जासूसी अधिनियम के अंतर्गत आता है.
इसके बाद आठ अलग-अलग मामले हैं जिनमें न्याय में बाधा डालने की साजिश, किसी दस्तावेज़ या रिकॉर्ड को रोकना और गलत बयान देना शामिल है.
क्या जेल जाएंगे ट्रंप?
यदि ट्रंप को दोषी ठहराया जाता है तो इन आरोपों में सैद्धांतिक रूप से पर्याप्त जेल की सज़ा हो सकती है.
क़ानून के मुताबिक़, जासूसी अधिनियम के तहत प्रत्येक मामले में अधिकतम 10 साल की सज़ा होती है.
साजिश और दस्तावेज़ों को छिपाने से संबंधित हर एक मामले में अधिकतम 20 साल की सज़ा हो सकती है.
जानकारी को छिपाने की योजना से संबंधित मामलों और झूठे बयानों में पांच साल की सज़ा का प्रावधान है.
लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि आरोप गंभीर हैं, लेकिन उन्हें दोषी ठहराए जाने पर संभावित सज़ा के बारे में कई सवालों का जवाब मिलना बाकी है.
ट्रंप के पास क्या विकल्प हैं?
ट्रंप ने सभी आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है और मुकदमा मई 2024 में शुरू होने वाला है .
पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी संपत्ति पर पाए गए दस्तावेजों के लिए तर्क देते हुए कहा कि यह गोपनीय दस्तावेज़ नहीं है. हालांकि ट्रंप ने अपने बचाव में कोई सबूत नहीं दिया है.
उनके वकील अदालत में यह तर्क दे सकते हैं कि ट्रंप को गलत तरीके से निशाना बनाया गया था और अन्य राजनेताओं जैसे हिलेरी क्लिंटन, माइक पेंस और वर्तमान राष्ट्रपति जो बिडेन पर कभी भी ज़रूरी दस्तावेजों को रखने के लिए आरोप नहीं लगाया गया था.
लेकिन जानकारों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति का मामला कई मायनों में अलग है क्योंकि दूसरे राजनेता उनके पास जो भी दस्तावेज़ थे उन्हें वापस करने को तैयार थे जबकि ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने इसका विरोध किया था.

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न्यूयॉर्क हश मनी मामले में आरोप क्या हैं?
ट्रंप को फ़र्स्ट डिग्री में बिजनेस रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के 34 संगीन मामलों का सामना करना पड़ रहा है.
ये आरोप 2016 के चुनाव से पहले एडल्ट फ़िल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को गुप्त भुगतान से जुड़े हैं. डेनियल्स का दावा है कि ट्रंप और उनके बीच यौन संबंध बने थे और इन संबंधों पर चुप्पी साधने की हिदायतनुमा धमकी दी गई थी.
हालाँकि ऐसा भुगतान अवैध नहीं है. राष्ट्रपति अभियान में मदद के लिए पैसा खर्च करना जायज़ है लेकिन इसका खुलासा न करना संघीय वित्त कानून का उल्लंघन है.
क्या सज़ा हो सकती है?
मामले में प्रत्येक आरोप में अधिकतम चार साल की जेल का प्रावधान है.
कानूनी के जानाकरों ने बीबीसी न्यूज़ को बताया है कि उन्हें लगता है कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर ट्रंप का जेल जाना संभव नहीं है और जुर्माना लगाने की संभावना ज़्यादा है.
ट्रंप का बचाव क्या होगा?
ट्रंप ने खुद को निर्दोष बताया है और मार्च में मामले की सुनवाई होनी है.
उन्होंने डेनियल्स के साथ कभी भी यौन संबंध बनाने से इनकार किया और कहा कि यह भुगतान उनके परिवार को झूठे आरोपों से बचाने के लिए किया गया था न कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए.
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