जहां क़दम क़दम पर पासपोर्ट दिखाने की ज़रूरत पड़ती है

इमेज स्रोत, Kristin Vuković
- Author, क्रिस्टीन वुकोविच
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
क्या आपको पता है कि अमरीका की कुछ ज़मीन कनाडा में है?
मतलब ये नहीं कि अमरीका ने कनाडा में कुछ ज़मीन ख़रीदी है. बल्कि हम आपको ये बताना चाहते हैं कि अमरीका का एक हिस्सा ऐसा है, जो कमोबेश चारों तरफ़ से कनाडा से घिरा है.
इस जगह का नाम है नॉर्थवेस्ट एंगल. हालांकि अमरीकी इसे सिर्फ़ एंगल कहकर बुलाते हैं. ये अलास्का के सिवा अमरीका का सबसे उत्तरी इलाक़ा है. नॉर्थवेस्ट एंगल क़ुदरती तौर पर बेहद ख़ूबसूरत है. ये इलाक़ा जंगलों, पहाड़ियों और झील से घिरा हुआ है.
एंगल तक जाने के लिए अमरीकी नागरिकों को कनाडा से होकर गुज़रना होता है.
इसके कई हिस्सों में घूमने के लिए भी आपको कनाडा से होकर गुज़रना होगा. यानी ज़मीन के इस बेहद छोटे टुकड़े तक आने-जाने से लेकर घूमने-फिरने तक यहां आपको पासपोर्ट दिखाने की ज़रूरत पड़ सकती है.

इमेज स्रोत, Kristin Vuković
नॉर्थवेस्ट एंगल इलाक़ा
ये कुछ वैसा ही है जैसा भारत और बांग्लादेश के बीच था. बांग्लादेश के कुछ गांव भारत में पड़ते थे. वहीं भारत के कुछ इलाक़े बांग्लादेश में. अभी पिछले साल ही दोनों देशों में इन इलाक़ों की अदला-बदली हुई है.
लेकिन, अमरीका और कनाडा इस इलाक़े को लेकर अदला-बदली के मूड में नहीं हैं.
असल में जब अमरीका को ब्रिटेन से आज़ादी मिली, तो कनाडा पर ब्रिटेन का राज था. उस वक़्त यानी 1783 में अमरीका और ब्रिटेन में सीमा को लेकर पेरिस समझौता हुआ था. इसमें जिस नक़्शे को बुनियाद मानकर सरहद खींची गई थी, वो नक़्शा ही ग़लत था.
तब लेक ऑफ वुड्स के बीच से अमरीका और कनाडा के बीच की सीमा तय की गई थी.
लेकिन बाद में पता ये चला कि झील का ही नक़्शा ग़लत था. इसके बाद ब्रिटेन और अमरीका में सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत शुरू हुई. 1818 में नए सिरे से सीमा तय की गई.
इसी का नतीजा ये है कि अमरीका का नॉर्थवेस्ट एंगल इलाका कनाडा से घिरा हुआ है. जैसे कि आसमान में चिमनी निकली हुई हो. आसमान है कनाडा और चिमनी है अमरीका का नॉर्थवेस्ट एंगल इलाक़ा.

इमेज स्रोत, BBC Travel
कनाडा और अमरीका में लड़ाई
वैसे क़ुदरत ने इस इलाक़े को तमाम नेमतें बख़्शी हैं. आप कभी यहां घूमने जाएं तो आपको पहले अमरीका और फिर कनाडा से होकर गुज़रना होगा.
एंगल इलाक़े में पहुंचते ही आपको ख़ुद को जिम्स कॉर्नर नाम की जगह पर रजिस्टर कराना होगा. हर बार सरहद पार करने पर आपको पासपोर्ट दिखाना होगा, वरना भारी जुर्माना लग सकता है.
इस इलाक़े में सिर्फ़ एक रिज़ार्ट है, जिसका नाम है जेक्स नॉर्थवेस्ट एंगल रिज़ार्ट. इसके मालिक पॉल और कैरेन कॉलसन हैं. ये रिज़ार्ट 1945 में पॉल के दादा जेक ने बनाया था.
एंगल के पास स्थित लेक ऑफ़ वुड्स में वालआई मछली मारने के लिए बड़ी तादाद में लोग यहां आते हैं. मगर इसको लेकर भी एक बार कनाडा और अमरीका में झगड़ा हो गया था.
1998 में कनाडा ने मछली मारने पर रोक के लिए बड़ा सख़्त क़ानून बना दिया. कनाडा के अलावा किसी और देश के नागरिक के ऐसा करने वालों पर भारी जुर्माना लगा दिया गया. इसका सीधा असर मछली मारने के शौक़ीन अमरीकी लोगों पर पड़ा.

इमेज स्रोत, Kristin Vuković
मछली के शौकीनों की पसंदीद जगह
इसके जवाब में अमरीका के मिनेसोटा सूबे ने अपने इलाक़े से गुज़रने वाली कनाडा की नेशनल रेलवे लाइन पर सालाना हर्जाना कई गुना बढ़ा दिया. वहीं एंगल के रहने वालों ने कहा कि उन्हें अमरीका से अलग होकर कनाडा में मिलने की इजाज़त दी जाए.
हालांकि बाद में दोनों देशों यानी कनाडा और अमरीका ने अपने-अपने रुख़ में नरमी लाकर इस विवाद को निपटाया.
लेक ऑफ़ वुड्स में छोटे-छोटे 14 हज़ार 522 जज़ीरे हैं. लोग अक्सर इन द्वीपों पर जाते हैं और पिकनिक मनाते हैं. यहां वो ताज़ा मछलियां पकड़कर पकाने और खाने का लुत्फ़ लेते हैं.
सर्दियों में इस इलाक़े में भयंकर बर्फ़बारी होती है. कई बार यहां से गुज़रना बेहद मुश्किल हो जाता है.
एंगल में बहुत सी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. जैसे सड़कें नहीं हैं. डाकघर भी सिर्फ़ एक ही है, बैंक भी नहीं हैं. हालांकि इंटरनेट होने की वजह से यहां के लोगों के लिए कई काम आसान हो गए हैं.

इमेज स्रोत, Kristin Vuković
लिंडा यहीं की होकर रह गईं
इस इलाक़े में सिर्फ़ एक स्कूल है. स्कूल आने-जाने के लिए बच्चों को क़रीब तीन घंटे का वक़्त लगता है. क्योंकि रास्ता सीधा नहीं हैं.
इस स्कूल की टीचर लिंडा कहती हैं कि वो कुछ ही दिनों के लिए एंगल में नौकरी के लिए आई थीं. मगर उनका यहां इतना मन लगा कि वो यहीं की होकर रह गईं.
इस इलाक़े में आने-जाने के लिए पानी या बर्फ़ पर चलने वाली गाड़ियां ज़्यादा मुफ़ीद हैं.
सड़कें अच्छी न होने की वजह से कार या एसयूवी से चलने पर आप मुसीबत में पड़ सकते हैं. झील के ज़रिए यहां-वहां जाना बेहतर विकल्प है.

इमेज स्रोत, Kristin Vuković
लिंडा कहती हैं कि यहां के बच्चे शुरुआत से ही मुश्किलों से जूझना सीख जाते हैं. लिंडा के पति रॉन का कहना है कि एंगल में रहने का मतलब अलग दुनिया में रहने का तजुर्बा करने जैसा है.
आप बाक़ी दुनिया की चहल-पहल से दूर शांत इलाक़े में क़ुदरत के क़रीब रहते हैं.
एंगल में कुल सवा सौ घर हैं. इनमें क़रीब पांच सौ लोग रहते हैं. हालांकि ज़्यादातर लोग साल के कई महीने दूसरे इलाक़ों में बिताते हैं.
इसीलिए ये छोटा सा इलाक़ा इन लोगों के लिए परिवार जैसा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












