अपोलो मिशन 11 पर ली गईं सबसे खूबसूरत तस्वीरें देखी हैं?

चंद्रमा पर इंसान

इमेज स्रोत, NASA

    • Author, एमी चार्ल्स और विक्स डॉस सैंटोस
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर

नासा का अपोलो 11 मिशन मानव जाति को चांद पर पहुंचाने वाला पहला अभियान था. इस दौरान कई ऐसी तस्वीरें ली गईं, जो मानवता के इतिहास में मील का पत्थर बन गईं.

इस साल नासा ही नहीं, पूरी दुनिया, मानव के चंद्रमा पर पहुंचने की पचासवीं सालगिरह मना रही है.

इस मौक़े पर आप को भी वो यादगार तस्वीरें देख कर अपोलो 11 मिशन की यादें ताज़ा करनी चाहिए.

अपोलो मिशन

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ये पहली तस्वीर 16 जुलाई 1969 की सुबह की है. जब चांद पर पांव रखने वाले पहले इंसान नील आर्मस्ट्रॉन्ग अपने रॉकेट सैटर्न 5 की तरफ़ बढ़ रहे थे.

उन्होंने हाथ में अपना ऑक्सीजन सिलेंडर थामा हुआ है. ये फ़ोटो खींचे जाने के चार दिन बाद वो चांद पर टहल रहे थे.

चंद्रमा पर इंसान

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अमरीका के पूर्वी तट के समय 9.32 मिनट पर 16 जुलाई 1969 को नासा का सैटर्न 5 रॉकेट आसमान की ओर उड़ चला था.

ये तस्वीर उसी पल की है. इससे आधे घंटे पहले मिशन कमांडर नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने कहा था कि उनके सभी यात्री बहुत सहज महसूस कर रहे हैं.

उन्होंने कहा था कि-ये बड़ी अच्छी सुबह है.

अपोलो मिशन

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तीसरी तस्वीर सैटर्न 5 रॉकेट उड़ने के एक घंटे बाद की है.

जब नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने टीवी कैमरा पकड़े हुए माइकल कॉलिंस की ये तस्वीर खींची थी.

पृथ्वी

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धरती से रवाना होने के एक दिन बाद जब अपोलो 11 मिशन के यात्री धीरे-धीरे चांद की तरफ़ बढ़ रहे थे, तब यानी 17 जुलाई 1969 को उन्होंने धरती की ये तस्वीर खींची थी.

ये फोटो अपोलो कार्यक्रम के दौरान खींची गई सबसे मशहूर तस्वीरों में से एक है.

अपोलो मिशन

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18 जुलाई 1969 की ये फ़ोटो अपोलो 11 मिशन के अंतरिक्ष यात्री एडविन उर्फ़ बज़ एल्ड्रिन की है.

जब वो लूनर मॉड्यूल ईगल के भीतर अपना धूप का चश्मा उतार कर रख रहे थे.

ये वही अंतरिक्ष यान था, जो एल्ड्रिन और आर्मस्ट्रॉन्ग को लेकर चांद पर पहुंचा था.

अपोलो मिशन

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19 जुलाई 1969 को अपोलो स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया था. वो चांद के उस हिस्से की तरफ़ उड़ रहा था, जिधर हम धरती से नहीं देख पाते हैं.

वहां अपोलो 11 के एस्ट्रोनॉट्स ने चांद की कई तस्वीरें खींचीं थीं.

इन्हें लेते हुए माइकल कॉलिंस, चंद्रमा के पहाड़ों और गड्ढों को देखकर बेसाख़्ता कह उठे थे, 'हे भगवान! ये तो राक्षस जैसे हैं.'

अपोलो मिशन

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धरती से रवाना होने के 102 घंटे और 45 मिनट बाद, यानी 20 जुलाई 1969 को लूनर मॉड्यूल ईगल चंद्रमा पर उतरा था.

जब एडविन एल्ड्रिन और नील आर्मस्ट्रॉन्ग बाहर निकले, तो उन्होंने चंद्रमा पर बहुत सी तस्वीरें खींचीं.

इन में वो ऐतिहासिक तस्वीर भी शामिल है, जो चांद पर उनके बूटों के निशान की है.

अपोलो मिशन

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चंद्रमा पर एडविन एल्ड्रिन और नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने अमरीका का स्टार ऐंड स्ट्राइप्स वाला झंडा भी लगाया.

उसका ऊपरी हिस्सा ठीक से खुल नहीं सका, तो अमरीकी झंडा इस तस्वीर में मुड़ा हुआ लग रहा था.

इस तस्वीर को देख कर कई लोगों ने शंका ज़ाहिर की थी कि क्या वाक़ई नील और एडविन चांद पर गए थे?

अपोलो मिशन

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चंद्रमा पर एडविन एल्ड्रिन और नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने एक दूसरे की तस्वीरें खींचीं थीं. एडविन की एक तस्वीर लेते हुए रिफ्लेक्शन की वजह से नील भी उनके हेल्मेट पर दिखाई देते हैं.

ये अपोलो मिशन की सबसे ज़्यादा छापी गई तस्वीरों में से एक है.

अपोलो मिशन

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जब, दोनों यात्री दोबारा लूनर मॉड्यूल के भीतर दाख़िल हुए, तो नील इस बात से बहुत ख़ुश थे कि चांद पर उनका मिशन क़ामयाब रहा था और सब कुछ योजना के मुताबिक़ हुआ था.

बाद में नील ने कहा था कि वो वहां बहुत कुछ करना चाहते थे, पर इसके लिए उनके पास समय नहीं था.

नील की ये तस्वीर चांद से वापस लूनर मॉड्यूल में आने के बाद की है.

अपोलो मिशन

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21 जुलाई 1969 को लूनर मॉड्यूल ईगल, दोबारा स्पेसक्राफ्ट कोलंबिया से जुड़ा था. जो, चंद्रमा का चक्कर लगा रहा था. इसे माइकल कॉलिंस चला रहे थे.

ये तस्वीर माइकल कॉलिंस ने उस वक़्त ली थी, जब ईगल, कोलंबिया की तरफ़ बढ़ रहा था.

इसके पीछे आप धरती की तस्वीर देख सकते हैं.

अपोलो मिशन

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कोलंबिया और ईगल मॉड्यूल के जुड़ने के बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री धरती की ओर लौट चले थे. उस वक़्त ये तस्वीर ली गई थी जिसमें चांद की भूरी चट्टानें साफ़ दिखती हैं.

अपोलो मिशन

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22 जुलाई 1969 को धरती की तरफ़ आते हुए, अपोलो 11 के अंतरिक्ष यात्रियों ने धरती की कुछ तस्वीरें खींचीं.

हालांकि इतनी दूर से धरती को पूरी तरह से कैमरे में क़ैद करना आसान नहीं था.

इस तस्वीर में दक्षिणी अमरीका महाद्वीप साफ़ दिखता है.

अपोलो मिशन

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23 जुलाई 1969 को अपोलो 11 मिशन धरती और चंद्रमा के ठीक बीच तक पहुंच गया था.

यहां पर ली गई धरती की तस्वीर में नारंगी रंग का सहारा रेगिस्तान आप को साफ़ नज़र आएगा.

पृथ्वी

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24 जुलाई 1969 को धरती के बेहद क़रीब पहुंचकर अंतरिक्ष यात्रियों ने हमारी पृथ्वी की ये ख़ूबसूरत तस्वीर ली थी. इसी दिन वो धरती पर उतरे थे.

अपोलो मिशन

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ये आख़िरी तस्वीर तीनों अंतरिक्ष यात्रियों के मॉड्यूल की है, जो प्रशांत महासागर में गिरा था.

तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को फिर नाव के ज़रिए एक जहाज़ पर ले जाया गया था.

जहां तीन हफ़्ते तक वो सबसे अलग-थलग रखे गए थे.

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