बीबीसी साइंस: कॉफ़ी पीने के वो तीन फ़ायदे जिनके बारे में आपको जानना चाहिए

कई ऐसी रिसर्च हो चुकी हैं जिनमें कॉफ़ी को सेहत के लिए अच्छा माना गया है.

दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो बिना एक कप कॉफ़ी पिये अपने दिन की शुरुआत नहीं कर सकते हैं.

इन लोगों का मानना होता है कि कॉफ़ी का उनकी 'डेली प्रोड्क्टिविटी' यानी रोज़ की उत्पादकता पर अच्छा ख़ासा असर पड़ता है.

कॉफ़ी शॉप में गप-शप बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी ख़ूब चलन में हैं.

विदेशी कंपनियों की दुकानें सजने से पहले भारत के कई बड़े शहरों में इंडियन कॉफ़ी हाउस हुआ करते थे, जहाँ दोस्तों, पत्रकारों, साहित्यकारों, कलाकारों और बेरोज़गारों की मंडलियां जुटा करती थीं.

हालांकि, कॉफ़ी के इन सामाजिक मेल-जोल के फ़ायदों को तो हम सभी जानते हैं. मगर ये सेहत के लिए कितनी कारगर है? इस बारे में कम ही लोग हैं जो तथ्यों के आधार पर चर्चा करते हैं.

काफ़ी है असरदार! एक मिथक या सच्चाई

माना जाता है कि दिन में तीन से चार कप कॉफ़ी पीना स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद होता है. रिसर्चर कहते हैं कि बिना दूध और चीनी डाले कॉफ़ी पीना, सबसे आदर्श स्थिति होती है. कॉफ़ी के साथ किसी भारी स्नैक्स का सेवन करना भी उसके गुणों को कम कर देता है.

ऐसे में बीबीसी फ़्यूचर की टीम ने एक सिरीज़ के तहत ये जानने की कोशिश की है कि क्या कॉफ़ी से जुड़े तमाम तरह के दावे, महज़ मिथक हैं? या स्वास्थ्य पर कॉफ़ी का वाक़ई कोई असर होता है?

लंदन यूनिवर्सिटी कॉलेज के साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने कॉफ़ी के असर पर एक नोट तैयार किया है. तो, चलिए आप को बताते हैं कॉफ़ी आपकी सेहत के लिए किस तरह से फ़ायदेमंद है.

  • सबसे ताज़ा रिसर्च पर यक़ीन करें, तो कॉफ़ी का हर कप आप को डायबिटीज़ होने के ख़तरे को 7 प्रतिशत तक कम कर देता है.
  • हालांकि अभी तक इस फ़ायदे को जानकार पक्के तौर पर कॉफ़ी के लाभ में नहीं गिनते हैं.
  • वैसे दूसरे तरह के कैंसर में कॉफ़ी कितनी असरदार होती है, ये अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता.

वैसे कॉफ़ी सेहत के लिए हर स्थिति में अच्छी ही हो, ये ज़रूरी नहीं है.

जैसे कुछ रिसर्च ये भी कहती हैं कि अगर आप नियमित रूप से कॉफ़ी का सेवन नहीं करते हैं तो कॉफ़ी पीने के एक घंटे के भीतर आप को दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा ज़्यादा हो जाता है.

बावजूद इसके रिसर्च में ये बात साफ़ कही गई है कि कॉफ़ी पीने वाले, कॉफ़ी न पीने वालों के मुक़ाबले ज़्यादा लंबी ज़िंदगी जीते हैं.

इसके आधार पर कहा जा सकता है कि कॉफ़ी सिर्फ़ आप को काम करने के लिए तरोताज़ा नहीं रखती, आप के लिए इसके और भी लाभ हैं.

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