लोग दफ़्तर में पोर्न क्यों देखते हैं?

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- Author, मैडी सैवेज
- पदनाम, बीबीसी वर्कलाइफ़
बहुत से कर्मचारी काम के दौरान ब्रेक लेकर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हैं, शॉपिंग साइट सर्च करते हैं और यहां तक कि किसी नए डेटिंग ऐप का भी इस्तेमाल करते हैं, और इसे स्वीकार करने में वो बिलकुल भी संकोच नहीं करते हैं. लेकिन पोर्न देखने के बारे में क्या ख़्याल है?
ऐसा करना निश्चित रूप से शर्मनाक माना जाता है, लेकिन मनोवैज्ञानिकों समेत एडल्ट कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म और साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञों का मानना है कि काम के दौरान पोर्न देखना अब आम हो गया है, क्योंकि ऑनलाइन पोर्न तक पहुंच आसान हो गई है.
दिन के समय में और काम के दौरान पोर्न देखने और इसकी व्यापकता पर बहुत कम शोध उपलब्ध है, लेकिन पिछले कई वर्षों में किए गए सर्वेक्षणों से पता चलता है कि काम के दौरान पोर्न देखना उतना असामान्य नहीं है जो कर्मचारियों को हैरानी में डाल दे.
एक डिजिटल लाइफ़स्टाइल पत्रिका 'सुगरकुकी' के लिए किए गए एक वैश्विक सर्वेक्षण से यह पता चला है कि 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने, जिनसे सवाल किए गए थे, ने बताया कि उन्होंने ऑफ़िस में काम करते हुए पोर्न देखी है.
इसी तरह, साल 2020 में सुरक्षा फ़र्म केसपरस्काई की तरफ़ से किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, घर से काम करने वाले आधे से अधिक कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि वे ऐसे कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन पर एडल्ट कंटेंट देखने में संकोच नहीं करते हैं, जो उन्हें ऑफ़िस का काम करने के लिये दिए गए थे.
दुनिया की सबसे बड़ी पोर्न साइट 'पोर्नहब' के लिए पिछले साल की गई एक वैश्विक रिसर्च इसकी पुष्टि करती है, कि लोग काम के घंटों के दौरान पोर्न देख रहे हैं.
आंकड़ों के अनुसार, हालांकि पोर्न देखने वालों की सबसे अधिक संख्या रात 10 बजे से 1 बजे के बीच होती है, और दूसरे नंबर पर शाम 4 बजे का समय होता है, यानी वो समय जब ऑफ़िस का समय समाप्त हो रहा होता है.
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि दिन में पोर्न देखने का संबंध ऑफ़िस से दूर यानी घर से काम करने के चलन की वजह से हो सकता है, जो कोरोना महामारी के दौरान एक लोकप्रिय चलन था.

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पोर्न देखने की वजह
हालांकि पोर्नहब के आंकड़ों से पता चलता है कि कोरोना वायरस महामारी से पहले भी ऑफ़िस के समय में ख़ासकर दोपहर के बाद पोर्न देखने वालों की संख्या में वृद्धि होती है.
लोग कभी-कभी काम के समय के दौरान पोर्न देखते हुए पकड़े भी जाते हैं और इस तरह की मीडिया रिपोर्टों के प्रकाशित होने से इसके बारे में जागरूकता पैदा हुई है.
इनमें ब्रिटिश सांसद नील पैरिश भी शामिल हैं, जो संसद में अपने फ़ोन पर पोर्न देखते हुए पकड़े गए थे और बाद में इसकी वजह से इस साल अप्रैल में उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
स्वीडन के एक जेल गार्ड को ड्यूटी के दौरान पोर्न देखने की वजह से अपना वेतन गंवाना पड़ा, जबकि एक ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन इंजीनियर को कंपनी की तरफ़ से मिले टैबलेट पर पोर्न साइट देखने की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया था.
आपके लिए यह सोचकर हैरान होना सही है कि सज़ा के ख़तरे के बावजूद आख़िर लोग काम करने की जगह पर या कंपनी की तरफ़ से दिए गए डिवाइसेस पर पोर्न क्यों देखते हैं?
इसके अलावा, विशेषज्ञों और कंपनी के मालिकों का भी यही सवाल है कि इसका कर्मचारियों और व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ रहा है.

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कर्मचारियों के पोर्न देखने के क्या कारण हैं?
मनोवैज्ञानिक शोध से पता चला है कि पोर्न देखने का सबसे आम कारण यह है कि लोग बोर हो रहे होते हैं या ख़ुद को दूसरी टेंशन से भटकाने के लिए वो पोर्न देखते हैं.
एडल्ट कंटेंट इसलिए भी देखा जाता है ताकि नए नए अनुभवों का आनंद लिया जा सके, ऐसे अनुभव जो एक सामान्य व्यक्ति (या देखने वाले) को अपनी सेक्स लाइफ़ में नहीं मिलते हैं.
लोग इस तरह के कंटेंट को जिज्ञासा, ख़ुद की तलाश और निश्चित रूप से व्यक्तिगत यौन सुख के लिए भी देखते हैं.
ब्रिटेन में बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी में व्यावसायिक स्वास्थ्य मनोविज्ञान के प्रोफ़ेसर क्रेग जैक्सन के अनुसार, लगभग ये सभी कारक वर्कप्लेस पर एडल्ट कंटेंट तक पहुंच हासिल करने वाले लोगों को प्रभावित करते हैं.
लेकिन क्रेग जैक्सन का कहना है कि यह जानना ज़रूरी है कि ज़्यादातर लोग जो ऑफ़िस में एडल्ट कंटेंट देखते हैं, वे इसे उस तरह इस्तेमाल नहीं करते हैं जिस तरह वो घर पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
विद्रोह की भावना
उनके अनुसार, "मुझे लगता है कि हमारा यह नज़रिया है कि अगर कोई काम पर पोर्न देख रहा है, तो वह किसी न किसी तरह छुप कर अपने डेस्क के नीचे हस्तमैथुन कर रहा हैं या हस्तमैथुन करने के लिए शौचालय की तरफ़ जा रहा है. लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि ऑफ़िस में ज्यादातर यह सब ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है."
उनका कहना है कि "विशेष रूप से नाराज़ कर्मचारी तनाव को दूर करने या चुनौतियों का सामना करने के लिए पोर्न देख सकते हैं."
विभिन्न संगठनों में बहुत से कर्मचारी ख़ुद को बेकार समझते हैं. अच्छे नेतृत्व या अधिकारियों की अनुपस्थिति में, उन्हें लगता है कि उन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, उन्हें कम काम दिया जा रहा है और न ही उन्हें ठीक से आज़माया जा रहा है, न ही प्रोमोशन दिया जा रहा है. इस तरह (पोर्न) इस सोच से निपटने का एक तरीका बन जाता है.
कुछ कर्मचारियों के लिए, काम पर पोर्न देखना असंतोषजनक कंपनी या संस्था के मालिक के ख़िलाफ़ जीत या विद्रोह की भावनाओं की वजह से भी हो सकता है.

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अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोग
क्रेग जैक्सन का कहना है कि पुराने समय में, किसी कंपनी के नाराज़ स्टाफ़ के सदस्य अख़बार की उन कतरनों को पढ़ने में बहुत समय बिताते थे जिनमें घुड़दौड़ में जीत की भविष्यवाणी होती थी.
उनका कहना है, कि "पोर्न देखना इसका एक डिजिटल वर्ज़न है, क्योंकि न केवल आप काम के समय में कटौती कर रहे होते हैं, बल्कि आप ऑनलाइन कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसे देखना शर्मनाक माना जाता है और आपको यह पता है कि ऐसा करने की अनुमति नहीं है."
ब्रिटेन में काउंसिल फ़ॉर साइकोथेरेपी के प्रवक्ता पाउला हॉल का कहना है कि कभी-कभी अपनी नौकरी से संतुष्ट और अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोग भी अपने लिए रिवार्ड समझ कर इनाम के रूप में पोर्न देखते हैं.
जैसा कि किसी कर्मचारी ने अपने सेल (बिक्री) के टारगेट को पूरा किया है, कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की है या ऑनलाइन अपना कोई कार्य पूरा किया है... उसके बाद, वह अपने इनाम के रूप में पोर्न देखता है.
ट्रीट के तौर पर हमारे पास एक कप कॉफ़ी और एक केक हो सकता है... लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति के पास ख़ुद को इनाम देने के लिए पोर्न हो सकती है.'
क्रेग जैक्सन का कहना है कि हाल के वर्षों में बहुत सी कंपनियों की तरफ़ से आईटी सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद, ऑफ़िस में पोर्न देखने का रुझान बढ़ सकता है, क्योंकि कंप्यूटर और सर्वर पोर्न देखने वालों का पता लगाने में उतने प्रभावी नहीं होते हैं.

घर से काम करने के प्रभाव
उनके अनुसार, "बहुत से कर्मचारियों को यह पता है कि एडल्ट कंटेंट की निगरानी और ब्लॉक करने के लिए उनकी कंपनी का आईटी सिस्टम मानक के अनुरूप नहीं है."
"मनोविज्ञान में बहुत सी चीज़ों की तरह, अगर आप यह करते हैं और ऐसा करने से आपको अच्छा महसूस भी होता है, और आपसे इस बारे में कोई पूछताछ भी नहीं होती है, तो आप इसे बार-बार करेंगे."
अगर आप ऑफ़िस के बजाय घर से काम कर रहे हैं तो पोर्न देखना बहुत आसान हो जाता है. क्योंकि घर पर आपको यह ख़तरा नहीं होता है की आपका कोई साथी या सहकर्मी आपको पोर्न साइट्स 'ब्राउज़' करते हुए देख लेगा.
और आप अपना निजी वाई-फाई का इस्तेमाल करके अपने ऑफ़िस के डिवाइस (कंप्यूटर) पर ऐसे कंटेंट को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं.
यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि दुनिया भर में पोर्न वेबसाइट्स पर ऐसे यूज़र्स की संख्या में उस समय वृद्धि हुई जब बहुत से कर्मचारियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान घर से काम करना शुरू कर दिया था.
यूज़र्स की संख्या
शोध के बाद यह निष्कर्ष निकला कि यह आंशिक रूप से सामाजिक अकेलेपन के साथ-साथ उच्च स्तर के तनाव और बोरियत के कारण भी था.
आज जबकि वर्क फ्रॉम होम के दौरान पोर्न देखने के बारे में कोई नया डेटा उपलब्ध नहीं है, पाउला हॉल का मानना है कि काम और मनोरंजन के बीच की धुंधली सी सीमाओं की वजह से, नियमित रूप से काम के घंटों के दौरान घर पर पोर्न देखने ने कुछ लोगों की पोर्न देखने की आदतों को प्रभावित किया.
पाउला हॉल के अनुसार, रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऐसे यूज़र्स की संख्या बढ़ी है, जिन्हें महामारी के बाद से वर्क फ्रॉम होम के दौरान पोर्नो देखने की लत लगी है.
उनके मुताबिक़, "यह मेरे क्लाइंट ग्रुप में बहुत आम है... पोर्न देखने के कारण लोगों को अपना काम समय पर पूरा करने में मुश्किल होती है, या यह भी पता चला है कि वो एक डेड लाइन को पूरा करने के लिए ओवरटाइम कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने दिन का ज़्यादातर समय ऑनलाइन सेक्स चैट रूम में बिताया है."
वेंडी एल पैट्रिक सैन डिएगो में स्थित एक कैरियर ट्रायल अटॉर्नी हैं जो वर्कप्लेस पर होने वाले अपराध और हिंसा के बारे में लिखती है.
'ब्राउज़िंग' की आदत
उनका कहना है, "बंद दरवाज़ों के पीछे पोर्न देखना बहुत आसान है, और ऑफ़िस की तुलना में घर पर ऐसा करना बहुत आसान है."
उनके अनुसार ऑफ़िस से दूर यानी घर से काम करने के कल्चर ने कर्मचारियों को ज़्यादा समय, स्थान और जवाबदेही न होने की वजह से पोर्न देखने का अवसर दिया है."
लेकिन बहुत सारे दूसरे लोग इस बात से सहमत नहीं हैं कि महामारी ने लोगों की दिन के समय की 'ब्राउज़िंग' की आदत को बड़े पैमाने पर बदल दिया है.
क्रेग जैक्सन शोध का हवाला देते हुए बताते हैं कि इस शोध से पता चलता है कि बहुत से दूर दराज़ और 'हाइब्रिड वर्कर्स' अब ऐसी गतिविधियों में ज़्यादा लगे हुए हैं. जैसे ऑफ़िस में काम करते समय वो ब्रेक लेते थे उसकी तुलना में अब वे कम ब्रेक लेते हैं.
उनके अनुसार, "मुझे नहीं लगता कि वर्क फ्रॉम होम ने अचानक हम सभी को अवसरवादी पोर्न कारोबारियों के एक झुंड में बदल दिया है, क्योंकि हम काम में बहुत व्यस्त हैं. निश्चित रूप से, एक अंतर यह है कि मैं घर पर अपने इंटरनेट पर जो कुछ करता हूं उसका मेरे नियोक्ता से कोई लेना-देना नहीं है."

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ज़हरीले प्रभाव
क्रेग जैक्सन का कहना है कि संभावित तौर पर बहुत से कर्मचारियों को अभी भी यह पता चल जाएगा कि काम के दौरान और कंपनी के डिवाइसेस पर पोर्न देखना एक गंभीर ग़लती है. ऐसे कई उदाहरण हैं जहां कई लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाता है या चुपचाप इस्तीफ़ा देने के लिए कहा जाता है.
उनके अनुसार, ऐसे कर्मचारी जो ऐसा करते हुए पकड़े गए हैं उनके लिए सबसे अच्छा समाधान यही है कि अगर वे यह साबित कर सकें कि उनकी कंपनी का मालिक बहुत हमदर्द है, और उन्हें अपनी नौकरी बरक़रार रखने की शर्त के तौर पर परामर्श या थेरेपी की पेशकश की जाए.
वेंडी एल पैट्रिक का तर्क है कि ऑफ़िस के समय के दौरान कर्मचारियों के पोर्न देखने से कंपनियों पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं और एक ज़हरीला या ख़तरनाक कल्चर परवान चढ़ सकता है.
उनके अनुसार, 'पोर्न देखने में अक्सर अमानवीय यौन स्क्रिप्ट शामिल होती है. बार-बार देखने से वर्कप्लेस पर संबंधों को बिगाड़ सकता है और आनंद को कम कर सकता है और कभी-कभी असंवेदनशील और अनुचित बात चीत का ज़रिया बन जाता है.
उत्पादन और मुनाफ़ा
वो कहती हैं, कि सबसे बुरी परिस्थिति में ख़ासकर महिलाओं के लिए यह यौन उत्पीड़न का कारण बन सकता है.
क्रेग जैक्सन का कहना है कि 'एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल्स' में उनके शोध से यह भी पता चलता है कि ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है, जिनमें महिलाओं के वर्कप्लेस के अनुभव एडल्ट कंटेंट के बारे में पुरुषों के व्यवहार, एडल्ट कंटेंट को साझा करने या ग़लती से सामने आने से संबंधित है.
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कर्मचारियों की पोर्न देखने की आदतों से उत्पादन और मुनाफ़ा प्रभावित हो सकता है.
पहले से ही मनोवैज्ञानिक अनुसंधान की एक संस्था मौजूद है जो इस बात की निशानदेही करती है कि काम पर अनैतिक व्यवहार करना एक फिसलन वाली ढलान हो सकती है, जिससे ख़तरनाक आदतें तेज़ी से लगती हैं.
क्रेग जैक्सन ने हाल ही में जर्नल ऑफ़ बिज़नेस एथिक्स में प्रकाशित होने वाले एक शोधपत्र के बारे में भी बताया है, जो यूटा में चर्च से संबद्ध शैक्षणिक केंद्र, ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित हुआ है.

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एक स्थायी भविष्य?
काम के घंटों के दौरान पोर्न देखना शायद ही कभी ख़तरे से खाली होता है. पाउला हॉल का कहना है कि इस प्रवृत्ति को और अधिक बारीकी से अपनाने की ज़रूरत है. वर्कप्लेस पर पोर्न देखने वालों को दोष देने के बजाय, इसके प्रभावों के बारे में अधिक खुलेपन का इज़हार करने की ज़रुरत है.
उनके अनुसार, जिस तरह काम के घंटों के दौरान शराब पीने के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा की गई, बिलकुल उसी तरह इस मामले में भी ऐसी ही रणनीति अपनाने की ज़रूरत है.
आज के समय में भी कुछ कर्मचारी दोपहर के भोजन के समय कभी कभार शराब का गिलास पीना चुन सकते हैं. लेकिन ज़्यादातर लोग इस बात को जानते हैं कि ऐसा करने से अक्सर प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है और अगर वे बोतलों को टेबल के नीचे छिपा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि चीज़ें बहुत आगे चली गई हैं.
पाउला हॉल का कहना है कि पोर्न के साथ यह लोगों को जोखिमों के बारे में जागरूक करने के बारे में भी है, ताकि लोग समझदारी से चुनाव कर सकें. वे कहती हैं कि इससे लोगों को यह पहचानने में मदद मिलनी चाहिए कि क्या उनका पोर्न देखना उस तरह की लत में बदल रहा है जो ऑफ़िस के काम की डैड लाइन या रिश्तों को प्रभावित कर सकता है.
'सहनशीलता बढ़ रही है'
इस बीच, क्रेग जैक्सन का कहना है कि जिन दफ्तरों में पोर्न देखने का रिवाज है, उनके प्रबंधकों को कंपनी के कल्चर की समीक्षा करने की सलाह दी जाएगी. उनके अनुसार, "अगर वर्कप्लेस फ्रेंडली होते और कर्मचारियों को ठीक तरह से काम सौंपा जाता, तो हम शायद यह महसूस करते कि लोगों को पोर्न देखने की ज़रुरत ही नहीं होती."
जब घर से काम करने की बात आती है, तो पाउला हॉल का मानना है कि हमारे घरेलू और निजी जीवन के बीच धुंधली सीमाओं का मतलब यह है कि एडल्ट कंटेंट को देखने के लिए समय निकालने वाले कर्मचारियों के लिए संभावित रूप से सहनशीलता बढ़ रही है.
और जब तक यह व्यक्तिगत डिवाइस का उपयोग करते हुए किया जाता है और कर्मचारियों के प्रदर्शन या पारस्परिक संबंधों को प्रभावित नहीं कर रहा होता है, वो वर्कप्लेस पर पोर्न देखने की तुलना में इसे बहुत कम समस्या के रूप में देखती हैं. उनके अनुसार, 'कोई अपने घर की एकांतता में अपने खाली समय में क्या करता है निश्चित रूप से यह उसका निजी मामला है.'
वह आगे कहती हैं कि एक कॉमन वर्क प्लेस पर ऐसा करने के अलग-अलग परिणाम होते हैं और जैसा कि हाल की घटनाओं से सामने आया है, वर्कप्लेस पर पोर्न देखना अभी भी बेहद शर्मनाक माना जाता है.
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