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कितना नुक़सान हो सकता है क्रिकेट को... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लिए आईपीएल के रद्द होने या टलने की संभावना शुभ संकेत नहीं है. पैसा फेंको और तमाशा देखो की तर्ज़ पर आयोजित किए जा रहे आईपीएल ट्वेंटी 20 क्रिकेट का दूसरा संस्करण सवालिया निशानों के घेरे में क्या फंसा एक हज़ार करोड़ रूपए के घाटे की बात नींद उड़ाने लगी. केवल बीसीसीआई की ही नहीं बल्कि प्रायोजकों, प्रसारकों और फ़्रेचाइज़ीज़ की भी. अनुमानों के अनुसार अगर आईपीएल टूर्नामेंट रद्द हो गया तो लगभग एक हज़ार करोड़ रूपए का घाटा होगा और रही बात तिथियों में फेरबदल की तो ये संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि इस साल के क्रिकट कैलेंडर में ख़ाली तारीख़ें ढ़ूंढ़ना मुश्किल है. केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव के दौरान इतने बड़े टूर्नामेंट को सुरक्षा मुहैया कराना आसान काम नहीं है. आईपीएल टूर्नामेंट 10 अप्रैल से शुरू होना है और 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है आम चुनाव. ऐसे में सरकार आईपीएल के आयोजन को लेकर सहज नहीं है क्योंकि सरकार की सबसे बड़ी चिंता है खिलाड़ियों की सुरक्षा. गृह मंत्रालय बीच का रास्ता निकालने पर विचार विमर्श कर रहा है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा," आईपीएल के साथ बैठ कर बात की जाएगी. उनसे कहा जाएगा कि हमारा अर्धसैनिक बल तो चुनाव में लगा रहेगा." उनका कहना था, " नए सुरक्षा ख़तरों को देखते हुए हम नहीं चाहते हैं कि सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी की जाए. इसलिए कोई बीच का रास्ता निकालें जिससे कि हम सुरक्षा भी पूरी दे सकें और चुनाव में भी बाधा न पड़े." बड़ा आर्थिक नुक़सान किसी वजह से अगर टूर्नामेंट टल गया तो बीसीसीआई को टीवी के प्रायोजकों से ही लगभग 300 करोड़ रुपए का घाटा होगा. और मैदानों पर प्रायोजकों के विज्ञापनों से होने वाली आय में 100 करोड़ रुपए का नुक़सान हो सकता है. प्रसारकों को विज्ञापनों से मिलने वाले लगभग ढ़ाई सौ करोड़ रूपए गंवाने पड़ेंगे और फ़्रेचाइज़ी की झोली में स्थानीय प्रायोजन से आने वाले 15-20 करोड़ रुपए नहीं आ पाएंगे. इसके अलावा जहां जहां मैच होने वाले हैं वहां टिकटों की बिक्री से आने वाले पांच-पांच करोड़ रूपए भी नहीं आ पाएंगे. खिलाड़ियों के बीमा के लिए दी जाने वाली राशि भी काफ़ी बढ़ जाएगी और मैचों के लिए देय प्रीमियम भी काफ़ी बढ़ जाएगा. तो नुक़सान क्रिकेट का ही नहीं क्रिकेट पर निर्भर बाज़ार का भी इतना कि वो हिल जाएंगे. बीसीसीआई के पूर्व अधिकारी अमृत माथुर का कहना है, " अगर आईपीएल को कोई सेटबैक हुआ तो यह क्रिकेट का नुक़सान होगा क्योंकि आज आईपीएल क्रिकेट की सबसे बहुमूल्य चीज़ है." उनका कहना था कि अगर किसी प्रकार यह आयोजित नहीं हो सका या इसमें कोई फेरबदल किया गया तो सभी को नुक़सान होगा क्योंकि इसमें काफ़ी अच्छे खिलाड़ी भाग लेते हैं और पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की इस पर नज़र रहती है. |
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