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आईसीएल की देन है आईपीएल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडियन प्रीमियर लीग के पीछे ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग की प्रमुख भूमिका है. लेकिन इन सबमें सबसे अहम बात ये है कि इससे युवा क्रिकेटरों का भला हो रहा है. युवा क्रिकेटरों को मीडिया के तामझाम के बीच खेलने का मौक़ा तो मिल ही रहा है और साथ ही उन्हें आर्थिक लाभ भी हो रहा है. लेकिन एक बड़ी समस्या ये है कि अगर ट्वेन्टी 20 मैच इतने ज़्यादा होंगे तो टेस्ट क्रिकेट का नुक़सान हो सकता है. इन सबके बीच ये बात तो तय है कि ट्वेन्टी 20 में जो थियेटर क्रिकेट शुरू हुआ है, वो भारत में ही रहने वाला है. क्योंकि इसमें क्रिकेट के साथ-साथ बॉलीवुड के सितारे भी शामिल हैं. और लोग इसे पसंद भी करेंगे चाहे वो आईसीएल हो या फिर आईपीएल. लोगों को इस नए तरह के क्रिकेट का स्वाद चखाने में आईसीएल की बहुत बड़ी भूमिका है. आज आईसीएल की वजह से ही आईपीएल है. लेकिन आईपीएल के पीछे 75 वर्षीय क्रिकेट बोर्ड है. उनके लिए इसका आयोजन करना बड़ी बात नहीं है. लेकिन इसके मुक़ाबले एक नई संस्था के लिए यह काफ़ी कठिन होता है. नाराज़गी लेकिन हर टूर्नामेंट के साथ आईसीएल की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है. लेकिन समय के साथ बोर्ड अधिकारियों के रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है.
हमारे लिए हमेशा से ये मुश्किल रही है क्योंकि बीसीसीआई ने आईसीएल से जुड़े सभी खिलाड़ियों पर पाबंदी लगा दी. ऐसा नहीं होना चाहिए था. सभी खिलाड़ियों की पेंशन भी बंद कर दी गई है. ये अजीब बात है कि आईपीएल वाले घरेलू क्रिकेट खेल सकते हैं लेकिन आईसीएल वाले नहीं. दोनों भारतीय है लेकिन उनके साथ अलग व्यवहार हो रहा है. बोर्ड के अधिकारी अपना रुख़ नरम नहीं करते. वे तो ये सोचते हैं कि वे चौधरी हैं और उनसे आगे कोई नहीं है. लेकिन हमारा आईपीएल से कोई विरोध नहीं है. हम ख़ुश हैं कि आईपीएल शुरू हो रहा है. आईपीएल के आने से हमें कोई ख़तरा नहीं है. क्योंकि जब तक हम अच्छा करते रहेंगे, खिलाड़ियों को मौक़ा देते रहेंगे- हम पर कोई ख़तरा नहीं. हमारा तो ये कहना है कि अगर बोर्ड नरम रुख़ अपनाता है तो दोनों प्रतियोगिताएँ काफ़ी अच्छी हो सकती हैं. आईपीएल में जिस तरह पैसा दिया जा रहा है या पैसा लगा हुआ है, उससे आईपीएल पर ख़तरा भी ज़्यादा हो सकता है. हम लारा और इंज़माम जैसे खिलाड़ियों को उचित पैसा दे रहे हैं. लेकिन ये बात सही है कि आईसीएल में खिलाड़ियों को ज़रूरत से ज़्यादा पैसा नहीं दिया जा रहा है. इतने विरोध के बावजूद मुझे मौक़ा मिला तो मैं आईपीएल का मैच देखने ज़रूर जाऊँगा. मैं तो शुभकामना देता हूँ कि आईपीएल सफल हो और नए क्रिकेटरों को और मौक़ा मिले. |
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