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ट्वेन्टी-20 की अपनी जगह हैः पॉलक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान शॉन पॉलक का कहना है कि टेस्ट और वनडे मैचों के बीच ट्वेन्टी-20 अपनी एक अलग जगह बना लेगा. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई की ओर से खेल रहे शॉन पॉलक ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ट्वेन्टी-20 क्रिकेट की अवधारणा बिल्कुल अलग है और पूरे विश्व में लोगों को इसमें मज़ा आने वाला है. लेकिन क्या इससे टेस्ट और वनडे मैचों पर असर पड़ेगा, पॉलक कहते हैं कि टेस्ट और एकदिवसीय मैचों का अपना महत्व है. वे कहते हैं कि आने वाले दिनों में मैचों की शेड्यूलिंग में तब्दीली हो सकती है लेकिन इससे क्रिकेट को नुकसान नहीं बल्कि फ़ायदा ही होगा. पॉलक ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट में आपकी असली परीक्षा होती है. यह की वर्षों से सब जानते हैं और मुझे लगता है कि टेस्ट के साथ साथ वनडे क्रिकेट को भी बचाए रखने की ज़रुरत है. मुझे लगता है कि ट्वेन्टी-20 इनके बीच अपनी एक जगह बना लेगा". मुंबई इंडियन्स की टीम का पहला मैच 18 अप्रैल को बंगलौर की टीम के साथ होना है. टीम के कोच लालचंद राजपूत कहते हैं कि उनके लिए भारतीय टीम की कोचिंग के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों से सुसज्जित टीम की कोचिंग एक बड़ी चुनौती थी. उनका कहना था, "टीम में कई बड़े खिलाड़ी हैं. जयसूर्या, पॉलक, सचिन, दिलहारा, मलिंगा और साथ में जूनियर खिलाड़ी भी. लेकिन मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने मेरा काम आसान कर दिया है. मुझे बस उन्हें टीम के रुप में बरकरार रखना है". यह पूछे जाने पर कि ट्वेन्टी-20 युवा लोगों का खेल है और ऐसे में जयसूर्या और पॉलक जैसे अत्यंत वरिष्ठ खिलाड़ी क्या कर सकेंगे, पॉलक का कहना था, "देखिए एक तरह से यह खेल हमारे लिए भी है क्योंकि सिर्फ चार ओवर फेंकने हैं और बीस ओवर ही खेलना है तो हम भी मैदान में उतनी फुर्ती से खेल सकते हैं जितना कोई युवा खिलाड़ी". जयसूर्या का कहना था कि यह तो मैदान पर ही पता चलेगा कि सीनियर खिलाड़ियों में और युवाओं में कितना दम है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'खिलाड़ी को पैसा नहीं खेल बड़ा बनाता है'10 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया 'क्रिकेटरों की नीलामी नहीं होनी चाहिए'23 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया बीबीसी फ़न एंड गेम्स: खेलों की चटपटी ख़बरें05 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया आईपीएल के साइड इफ़ेक्ट04 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया प्रतिबंध के ख़िलाफ़ शोएब की अपील04 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया 'आईपीएल और आईसीएल के बीच हों मैच'11 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया भारतीय टीम ख़तरनाक: पॉलक08 फ़रवरी, 2003 | खेल की दुनिया विश्व एकादश की जीत से पॉलक प्रसन्न03 अक्तूबर, 2005 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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