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डालमिया मामले पर आदेश को चुनौती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसके छह वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला शुरू करने का निर्देश दिया गया था. कलकत्ता हाई कोर्ट ने यह निर्देश पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के मामले में झूठा हलफ़नामा दायर करने के आरोप पर दिया था. डालमिया को वर्ष 2006 में बीसीसीआई से निलंबित कर दिया गया था. उन पर आरोप लगाया गया था कि उनके कार्यकाल में हुए विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान वित्तीय अनियमितताएँ हुई थी. डालमिया ने बोर्ड के इस फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी. बाद में अदालत ने उनके निलंबन पर रोक लगा दी थी और इस साल हुए चुनाव में जगमोहन डालमिया फिर बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए. चुनौती आठ महीन पहले डालमिया ने ग़लत हलफ़नामा दिए जाने को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था. इसके बाद ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने 12 नवंबर को दिए अपने आदेश में बोर्ड के छह अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला शुरू करने का आदेश दिया था. इनमें शामिल हैं- बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष शशांक मनोहर, पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शरद पवार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी, एन श्रीनिवासन (सचिव), निरंजन शाह (पूर्व सचिव) और चिरायु अमीन (जूनियर क्रिकेट समिति के अध्यक्ष). जगमोहन डालमिया ने कलकत्ता हाई कोर्ट में शरद पवार और बोर्ड के अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अदालत में ग़लत दस्तावेज़ पेश किए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें गांगुली बीसीसीआई की समिति के सदस्य20 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया हेडन के बयान पर भारत को आपत्ति14 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया बोर्ड अधिकारियों के ख़िलाफ़ मामला12 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया तूफ़ान के पहले का 'ख़ालीपन'08 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया बीसीसीआई को महँगा पड़ेगा पैसे का दंभ08 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया क्रिकेट की कमान मनोहर के हाथों में27 सितंबर, 2008 | खेल की दुनिया कर्स्टन को बीसीसीआई की फटकार04 सितंबर, 2008 | खेल की दुनिया देसी क्रिकेट में विदेशी तड़का30 अगस्त, 2008 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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