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हेडन के बयान पर भारत को आपत्ति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलियाई ओपनर मैथ्यू हेडन के बयान को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने गंभीरता से लिया है जिसमें उन्होंने भारत को 'तीसरी दुनिया' का देश बताते हुए कई और आरोप लगाए हैं. भारत के हाथों टेस्ट सिरीज़ में मिली शर्मनाक हार के बाद स्वदेश लौटी ऑस्ट्रेलियाई टीम के ओपनर हेडन ने भारत पर धीमे ओवर रेट का आरोप लगाया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से कहा कि भारत में मैदानों की स्थिति भी ख़राब है जैसा कि तीसरी दुनिया के देशों में पाया जाता है. बीसीसीआई ने हेडन की इस टिप्पणी पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की है. बीसीसीआई की वित्तीय समिति के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, "यह पूरी तरह से ग़ैर ज़रूरी टिप्पणी है. उस जैसे खिलाड़ी को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी. यदि धीमी ओवर गति आपकी आदत है तो फिर आप इसके लिए भारत को क्यों दोष दे रहे हो और भारत को तीसरी दुनिया क्यों कह रहे हो." हेडन की झुंझलाहट उन्होंने कहा, "हमारा देश बहुत प्रतिष्ठित है और उन्होंने यह अच्छी टिप्पणी नहीं की." हेडन ने कई ऐसी चीजें गिनवाई हैं जिनके कारण भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज में ऑस्ट्रेलिया की ओवर गति धीमी रही. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय बल्लेबाज़ जल्दी से क्रीज़ पर नहीं आ रहे थे और साइडस्क्रीन पर लगातार व्यवधान पड़ रहा था. हेडन ने कहा, "वे बल्लेबाज़ी के लिए तैयार होने में समय लगा रहे थे. अक़्सर हम देखते कि वे कूल्हे पर हाथ रखकर किसी का इंतजार कर रहे होते थे या फिर कोई साइडस्क्रीन पर घूम रहा होता. तीसरी दुनिया के देशों में इस तरह के झुंझलाहट से गुजरना पड़ता है. इसके अलावा काफी गर्मी भी थी." आस्ट्रेलिया नागपुर में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच के चौथे दिन नौ ओवर या 40 मिनट पीछे चल रहा था जिसके कारण उसके कप्तान रिकी पोंटिंग को तब तेज गेंदबाजों के बजाए स्पिनरों का उपयोग करना पड़ा जब टीम अच्छी स्थिति में दिख रही थी. |
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