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टक्कर दो विश्व चैंपियनों के बीच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शब्द बाणों से एक-दूसरे पर मानसिक दबाव बनाने की बारी ख़त्म. आज दो विश्व चैंपियनों भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच असली मुक़ाबले की बारी है. इसी मैच से आईसीसी के नए नियम भी लागू हो रहे हैं. ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्व चैंपियन भारत जब बंगलौर में लगातार तीन बार विश्व कप जीत चुकी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैदान पर उतरेगा तो सचिन, सौरभ और द्रविड़ की अनुभवी तिकड़ी टीम के साथ होगी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारत दौरे पर सात एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ शुरू होने से पहले ही मेज़बानों को मानसिक दबाव में लाने की कोशिश की लेकिन महेंद्र सिंह धोनी भी कहाँ पीछे रहने वाले थे. पोंटिग ने कहा था कि ट्वेंटी-ट्वेंटी पुरानी बात हो गई है और दबाव भारतीय टीम पर होगा. माही का जवाब था, "पोंटिंग का बयान भी पुराना पड़ गया है और जहाँ तक दबाव की बात है तो इसका ना होना ही हमारी सफलता का राज़ है." ग़ौर करने की बात ये है कि पोंटिंग ख़ुद शुरुआती मैचों में नहीं खेल रहे हैं लेकिन उनके हौसले बुलंद हैं. उनका कहना था, "हमें विपक्षी टीम पर हमेशा दबाव बनाए रखने की ज़रूरत है. हम सभी मैच जीतना चाहते हैं ताकि भारत के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड अच्छा रहे." आँकड़ों की गवाही बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम पर भारत का रिकॉर्ड इक्कीस रहा है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ इस मैदान पर भारत ने चार मैच खेले हैं और तीन में जीत हासिल की है.
टी-20 चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं. ज़हीर ख़ान की वापसी से गेंदबाज़ी में गहराई आई है. पीयूष चावला की जगह टीम में रोहित शर्मा शामिल किए गए हैं जिन्होंने ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्व कप में शानदार बैटिंग की थी लेकिन अंतिम एकादश का फ़ैसला मैच से ठीक पहले ही होगा. शॉन टेट, माइक हसी और ख़ुद पोंटिंग की कमी ऑस्ट्रेलियाई टीम को ज़रूर खलेगी लेकिन इसके बावजूद मेहमान टीम में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच का रूख़ मोड़ सकते हैं. पोंटिंग की जगह कप्तानी संभाल रहे एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन की सलामी जोड़ी पर काफी दारोमदार होगा. मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी की ज़िम्मेदारी एंड्र्यू साइमंड्स और माइकल क्लार्क संभालेंगे. गेंदबाज़ी में ब्रेट ली और नाथन ब्रेकन की जोड़ी घातक साबित हो सकती है लेकिन तेज़ गेंदबाज़ी कितना असर दिखाएगी यह तो पिच के मिजाज़ से ही तय हो पाएगा. 50-50 में भी फ्री हिट आईसीसी के नए नियम इस मैच से लागू हो रहे हैं. इसके तहत ट्वेंटी-ट्वेंटी की तरह गेंदबाज़ का पैर निर्धारित सीमा से बाहर निकलने पर अगर नो बॉल होता है, तो बल्लेबाज़ को फ़्री हिट मिलेगा. इस फ़्री हिट में बल्लेबाज़ सिर्फ़ रन आउट हो सकता है. दूसरे या तीसरे पावर प्ले के दौरान एक अतिरिक्त फ़ील्डर को सर्किल से बाहर रहने की इजाज़त होगी. हर पारी में 35 ओवर के बाद गेंद बदली जाएगी. लेकिन यह नई नहीं होगी बल्कि पुरानी साफ गेंद दी जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें रवि शास्त्री बने एनसीए के अध्यक्ष28 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया धोनी की सलाह - 'नॉर्मल रहने का'26 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया झंडे, नारे और अविश्वसनीय उत्साह26 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया शोएब मलिक के बयान से उठा विवाद25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'बल्ले से जवाब दे सकता हूँ'25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया माही के शहर में जश्न का माहौल24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'इससे बड़ी जीत और क्या हो सकती है'24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया युवा ब्रिगेड के क़दमों में दुनिया24 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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